आय का एफिडेविट और स्व-घोषणा (Income Self Declaration)
सीधा जवाब
आय का एफिडेविट या स्व-घोषणा पत्र वह लिखित बयान है जिसमें आप अपने परिवार की सालाना आय और उसके स्रोत बताते हैं। ज़्यादातर मामलों में यह आय प्रमाण पत्र (income certificate) की जगह नहीं लेता, बल्कि उसके आवेदन के साथ लगता है: जैसे महाराष्ट्र के Aaple Sarkar पोर्टल पर आय प्रमाण पत्र के लिए स्व-घोषणा अनिवार्य दस्तावेज़ है, और प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार जारी करते हैं। जब कोई स्कॉलरशिप या योजना "सक्षम अधिकारी का आय प्रमाण पत्र" मांगे, तो सिर्फ एफिडेविट से काम नहीं चलेगा। जहां कानून में एफिडेविट ज़रूरी नहीं, वहां कई सरकारें नोटरी एफिडेविट की जगह सादे कागज़ पर स्व-घोषणा मानती हैं।
- आय प्रमाण पत्र कौन देता है
- राज्य का राजस्व विभाग (जैसे तहसील)
- महाराष्ट्र में
- स्व-घोषणा अनिवार्य; फीस ₹20; 15 दिन
- एफिडेविट या स्व-घोषणा
- जो फॉर्म/पोर्टल मांगे; कानून न मांगे तो स्व-घोषणा
- झूठी घोषणा
- भारतीय न्याय संहिता 2023, धारा 236
यह पेज आम जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। नीचे दिए नमूने सिर्फ उदाहरण हैं; जिस दफ्तर, कॉलेज या बोर्ड में एफिडेविट देना है, उसका अपना फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। ज़रूरत हो तो किसी वकील या नोटरी से सलाह लें।
आय का एफिडेविट या स्व-घोषणा कब लगता है
- आय प्रमाण पत्र के आवेदन में: तहसील/राजस्व विभाग परिवार की आय का ब्योरा आपकी घोषणा से लेता है और फिर सत्यापन करके प्रमाण पत्र देता है। महाराष्ट्र की official चेकलिस्ट में Self-Declaration "All Mandatory" दस्तावेज़ों में है।
- कॉलेज या स्कॉलरशिप फॉर्म में: कुछ संस्थान फीस छूट या आंतरिक स्कॉलरशिप के लिए अपने फॉर्मेट में आय की घोषणा लेते हैं।
- जब परिवार में कोई कमाने वाला न हो या आय बहुत कम हो: यह बताने के लिए कि आय का कोई दस्तावेज़ (सैलरी स्लिप, ITR) क्यों नहीं है।
- बिहार RTPS पोर्टल पर आय प्रमाण पत्र सेवा के साथ "आवेदक का स्वयं शपथ पत्र" (Form-VIII, Form-XI) के फॉर्मेट डाउनलोड के लिए दिए गए हैं; आवेदन से पहले पोर्टल पर अपनी सेवा का सही फॉर्म देखें।
जिस योजना में "सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र" लिखा है, वहां एफिडेविट उसका विकल्प नहीं है। EWS आरक्षण के लिए अलग आय और संपत्ति प्रमाण पत्र बनता है (जैसे बिहार RTPS पर अलग सेवा)। पहले योजना की गाइडलाइन पढ़ें।
आय प्रमाण पत्र, आय एफिडेविट और स्व-घोषणा में फर्क
| आय प्रमाण पत्र | आय का एफिडेविट | स्व-घोषणा (self declaration) | |
|---|---|---|---|
| कौन जारी करता है | राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार आदि) | आप, Notary/Oath Commissioner के सामने शपथ लेकर | आप खुद, सादे कागज़ या फॉर्म पर साइन करके |
| कहां चलता है | स्कॉलरशिप, आरक्षण, योजनाएं जहां प्रमाण पत्र मांगा गया हो | जहां कोई दफ्तर शपथ पत्र मांगे | जहां फॉर्म/पोर्टल स्व-घोषणा मांगे या कानून में एफिडेविट ज़रूरी न हो |
| खर्च | राज्य की तय सेवा फीस (महाराष्ट्र में ₹20) | stamp paper/e-Stamp (राज्य के हिसाब से) और नोटरी शुल्क | आम तौर पर कोई नहीं |
| झूठ का नतीजा | प्रमाण पत्र रद्द और कार्रवाई | BNS धारा 227/229 (शपथ पर झूठा बयान) | BNS धारा 236 (घोषणा में झूठा बयान) |
उदाहरण: महाराष्ट्र में आय प्रमाण पत्र (Aaple Sarkar)
राजस्व विभाग की official चेकलिस्ट के अनुसार:
- पहचान का सबूत (कोई एक): पैन, पासपोर्ट, RSBY कार्ड, आधार, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा जॉब कार्ड, सरकारी/अर्ध-सरकारी ID आदि।
- पते का सबूत (कोई एक): पासपोर्ट, पानी/बिजली/टेलीफोन बिल, राशन कार्ड, आधार, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, 7/12 और 8-A का उतारा या किराया रसीद।
- आय का सबूत (कोई एक): आयकर विवरण, मंडल अधिकारी की जांच रिपोर्ट, सैलरी वालों के लिए Form 16, रिटायर/सैलरी वालों का बैंक सर्टिफिकेट, ज़मीन हो तो 7/12, 8-A और तलाठी रिपोर्ट।
- अनिवार्य: स्व-घोषणा (Self-Declaration); ऑनलाइन फॉर्म में भी declaration स्वीकार करके ही सबमिट होता है।
- फीस और समय: ₹20, तय समय-सीमा 15 दिन, जारी करने वाले अधिकारी नायब तहसीलदार; पहली अपील तहसीलदार, दूसरी SDO के पास।
महाराष्ट्र सरकार के 9 मार्च 2015 के शासन निर्णय के अनुसार जहां कानून/नियम में एफिडेविट ज़रूरी नहीं, वहां सरकारी दफ्तर एफिडेविट नहीं मांगें और स्व-घोषणा लें। महाराष्ट्र आय प्रमाण पत्र गाइड भी देखें।
आय की स्व-घोषणा / एफिडेविट का नमूना
- एफिडेविट बनाना हो तो नीचे "सत्यापन" जोड़ें और Notary/Oath Commissioner के सामने साइन करें; स्व-घोषणा हो तो सिर्फ आपके साइन (और फॉर्म कहे तो फोटो) काफी हैं।
- साथ लगाएं: आय का जो भी सबूत हो (सैलरी स्लिप/Form 16, पेंशन पर्चा, ज़मीन के कागज़, बैंक पासबुक), पहचान और पते का सबूत।
नमूना: परिवार की वार्षिक आय की घोषणा (सिर्फ नमूना: अपनी जानकारी और जिस दफ्तर में देना है, उसके फॉर्मेट के हिसाब से बदलें)
घोषणा पत्र / शपथ पत्र
मैं, [पूरा नाम], पुत्र/पुत्री/पत्नी [पिता/पति का नाम], उम्र [__] वर्ष, निवासी [पूरा पता], घोषणा करता/करती हूं कि:
1. मेरे परिवार में [संख्या] सदस्य हैं: [नाम और संबंध]।
2. वित्तीय वर्ष [20__-20__] में मेरे परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹[अंकों में] (शब्दों में: [__]) है।
3. आय का विवरण:
- [सदस्य का नाम]: [स्रोत, जैसे खेती / मज़दूरी / नौकरी / व्यवसाय / पेंशन] से ₹[__]
- [सदस्य का नाम]: [स्रोत] से ₹[__]
4. इसके अलावा परिवार की कोई अन्य आय नहीं है।
5. यह घोषणा [काम/योजना/संस्था का नाम] के लिए दी जा रही है।
मैं जानता/जानती हूं कि यह जानकारी गलत पाए जाने पर मुझ पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है और इसके आधार पर मिला लाभ वापस लिया जा सकता है।
स्थान: [__] दिनांक: [__]
हस्ताक्षर कैसे जमा करें और आम गलतियां
- पहले देखें कि फॉर्म/पोर्टल "Self Declaration" मांग रहा है या "Affidavit"। स्व-घोषणा में नोटरी की ज़रूरत नहीं।
- आय वही लिखें जो दस्तावेज़ों और राजस्व अधिकारी की जांच से मेल खाए। परिवार के सभी कमाने वाले सदस्यों की आय जोड़ें; सिर्फ अपनी नहीं।
- वित्तीय वर्ष साफ लिखें; अलग-अलग फॉर्म में अलग आंकड़े न दें।
- एफिडेविट बनवाना हो तो राज्य के नियम के अनुसार stamp paper/e-Stamp लें; राशि राज्य के Stamp Act से तय होती है।
- मूल दस्तावेज़ अपने पास रखें; सत्यापन में मांगे जा सकते हैं।
जल्द: e-Stamp पेपर पर तैयार एफिडेविट SarkariSewa पर
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 4 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आय का एफिडेविट आय प्रमाण पत्र की जगह चल सकता है?
आम तौर पर नहीं। जहां योजना या संस्था सक्षम अधिकारी का आय प्रमाण पत्र मांगे, वहां वही देना होगा। एफिडेविट या स्व-घोषणा आय प्रमाण पत्र के आवेदन में या उन जगहों पर चलती है जो खुद घोषणा मांगें।
आय प्रमाण पत्र के लिए स्व-घोषणा कहां लगती है?
राज्य के आवेदन में। जैसे महाराष्ट्र के Aaple Sarkar पोर्टल पर आय प्रमाण पत्र के लिए Self-Declaration अनिवार्य है, फीस ₹20 और समय-सीमा 15 दिन है। दूसरे राज्यों में अपने e-District/सेवा पोर्टल की सूची देखें।
आय की स्व-घोषणा के लिए नोटरी ज़रूरी है?
स्व-घोषणा पर आप खुद साइन करते हैं, नोटरी की ज़रूरत नहीं होती। अगर फॉर्म में साफ "Affidavit" लिखा है या कानून में शपथ पत्र ज़रूरी है, तब नोटरी/Oath Commissioner के सामने एफिडेविट बनता है।
परिवार की आय में किस-किस की आय जोड़ें?
जिस योजना/प्रमाण पत्र के लिए आवेदन है, उसकी परिभाषा देखें। आम तौर पर परिवार के सभी कमाने वाले सदस्यों की सभी स्रोतों से आय जोड़ी जाती है।
आय की गलत घोषणा करने पर क्या होता है?
ऐसी घोषणा में जानबूझकर झूठा बयान भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 236 के तहत झूठे साक्ष्य जैसा दंडनीय है, और शपथ पर झूठ धारा 227/229 के तहत। साथ ही मिला लाभ वापस लिया जा सकता है।
EWS के लिए आय का एफिडेविट चलेगा?
EWS आरक्षण के लिए सक्षम अधिकारी का आय और संपत्ति प्रमाण पत्र बनता है (जैसे बिहार RTPS पोर्टल पर यह अलग सेवा है)। अपने राज्य की प्रक्रिया देखें; एफिडेविट उसकी जगह नहीं लेता।
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