नमो ड्रोन दीदी: ट्रेनिंग किसे मिलती है, कैसे होती है और ड्रोन कैसे मिलता है

✓ जानकारी जांची गई: 16 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

नमो ड्रोन दीदी केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें DAY-NRLM से जुड़े चुने हुए महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को खेती में छिड़काव के लिए ड्रोन दिया जाता है। ड्रोन व सामान की कीमत का 80% (अधिकतम ₹8 लाख) सरकार देती है; ड्रोन मुफ्त नहीं है। समूह की एक महिला को 15 दिन की ट्रेनिंग मिलती है, जिसमें 5 दिन ड्रोन पायलट की और 10 दिन खेती में खाद/कीटनाशक छिड़काव की ट्रेनिंग होती है। कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन फॉर्म नहीं है; चयन आजीविका मिशन के ज़रिए होता है।

ट्रेनिंग
15 दिन (5 दिन पायलट + 10 दिन खेती में उपयोग)
मदद
ड्रोन व सामान का 80%, अधिकतम ₹8 लाख
किसे
DAY-NRLM से जुड़े चुने हुए महिला SHG
आवेदन
ब्लॉक/ज़िला आजीविका मिशन के ज़रिए, ऑनलाइन फॉर्म नहीं

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PIB के फरवरी 2026 के दस्तावेज़ के अनुसार खाद कंपनियों ने तब तक महिला SHG को 1,094 ड्रोन दिए थे, जिनमें 500 से ज़्यादा नमो ड्रोन दीदी के तहत थे। यानी 15,000 का लक्ष्य अभी दूर है। योजना 2024-25 और 2025-26 के लिए मंज़ूर हुई थी; इसे आगे बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा हमें नहीं मिली।

ट्रेनिंग के लिए किसे चुना जाता है

  • महिला SHG जो DAY-NRLM (राज्य का आजीविका मिशन, जैसे जीविका, उमेद आदि) से जुड़ा हो और सक्रिय हो।
  • ऐसा इलाका जहां किसानों से ड्रोन छिड़काव का काम मिल सके; इलाके राज्य/ज़िला स्तर पर चुने जाते हैं।
  • समूह की एक सदस्य, उम्र 18 साल या ज़्यादा, जिसे समूह ड्रोन पायलट के लिए नामित करे।
  • DGCA के ड्रोन नियम 2021 के अनुसार रिमोट पायलट सर्टिफिकेट के लिए आम तौर पर 18 से 65 साल उम्र और 10वीं पास होना चाहिए।
  • समूह की एक और सदस्य या परिवार का सदस्य ड्रोन सहायक के रूप में मरम्मत/फिटिंग की ट्रेनिंग लेता है।

15 दिन की ट्रेनिंग में क्या होता है

हिस्साअवधिक्या सिखाते हैं
ड्रोन पायलट ट्रेनिंग5 दिन (अनिवार्य)ड्रोन उड़ाना, सुरक्षा नियम, DGCA से मान्य प्रशिक्षण संस्थान में
खेती में उपयोग10 दिनतरल खाद (जैसे नैनो यूरिया) और कीटनाशक का सही मात्रा में छिड़काव
ड्रोन सहायकअलग सेछोटी मरम्मत, बैटरी, प्रोपेलर बदलना, फिटिंग

ट्रेनिंग का खर्च योजना/खाद कंपनी उठाती है; ट्रेनिंग के लिए किसी को पैसे न दें। ट्रेनिंग कहां और कब होगी, यह आपका ब्लॉक आजीविका मिशन कार्यालय बताएगा।

समूह के लिए कदम

  1. अपने ब्लॉक मिशन मैनेजमेंट यूनिट (BMMU) या ज़िला आजीविका मिशन कार्यालय से पूछें कि आपका इलाका योजना में चुना गया है या नहीं।
  2. समूह की बैठक में प्रस्ताव पास करके एक सदस्य को पायलट और एक को सहायक के लिए नामित करें।
  3. आधार, बैंक पासबुक, SHG का रिकॉर्ड और पढ़ाई का प्रमाण (10वीं की मार्कशीट) तैयार रखें।
  4. चयन होने पर सदस्य ट्रेनिंग में जाती है; उसके बाद खाद कंपनी के ज़रिए SHG/क्लस्टर संगठन को ड्रोन पैकेज मिलता है।
  5. बाकी 20% रकम के लिए क्लस्टर लेवल फेडरेशन कृषि अवसंरचना कोष (AIF) से कर्ज़ ले सकता है, जिस पर 3% ब्याज छूट है।

कमाई के बारे में सच

ड्रोन दीदी की कमाई किसानों से मिलने वाले छिड़काव के किराये पर निर्भर है: इलाके में कितनी खेती, कितने किसान ड्रोन से छिड़काव चाहते हैं और किराया कितना तय होता है। "हर साल ₹1 लाख पक्की कमाई" जैसा कोई सरकारी वादा हमें नहीं मिला। ड्रोन के साथ 1 साल का बीमा और 2 साल की मेंटेनेंस मिलती है, उसके बाद का खर्च समूह को उठाना होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ड्रोन पूरी तरह मुफ्त मिलता है?

नहीं। ड्रोन व सामान की कीमत का 80% (अधिकतम ₹8 लाख) सरकार देती है। बाकी रकम क्लस्टर संगठन कृषि अवसंरचना कोष (AIF) से कर्ज़ लेकर दे सकता है, जिस पर 3% ब्याज छूट है।

ट्रेनिंग कितने दिन की है?

15 दिन: 5 दिन अनिवार्य ड्रोन पायलट ट्रेनिंग और 10 दिन खेती में खाद/कीटनाशक छिड़काव की ट्रेनिंग।

मैं अकेले आवेदन कर सकती हूं?

नहीं, यह व्यक्तिगत योजना नहीं है। आपका SHG और क्षेत्र आजीविका मिशन के ज़रिए चुना जाता है, फिर समूह एक सदस्य को नामित करता है।

क्या योजना 2026 में भी चल रही है?

योजना 2024-25 से 2025-26 के लिए मंज़ूर हुई थी और 2026 में भी ट्रेनिंग व वितरण की खबरें हैं, पर आगे बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा हमें नहीं मिली। अपने ब्लॉक आजीविका मिशन कार्यालय से पूछें।

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