ESIC दावा: बीमारी भत्ता, मातृत्व लाभ, अपंगता और मुफ्त इलाज कैसे लें
सीधा जवाब
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के तहत काम करता है। जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन ₹21,000 तक (दिव्यांग कर्मचारी ₹25,000 तक) है और जिनकी कंपनी ESI में पंजीकृत है, उन्हें और उनके परिवार को ESI अस्पताल/डिस्पेंसरी में इलाज के साथ बीमारी, मातृत्व और काम पर चोट जैसी हालत में नकद लाभ मिलता है। नकद लाभ का दावा अपने ESIC शाखा कार्यालय के ज़रिए होता है और पैसा सीधे बैंक खाते में आता है।
- वेबसाइट
- esic.gov.in
- कौन कवर
- ESI वाली कंपनी, वेतन ₹21,000/माह तक
- अंशदान
- कर्मचारी 0.75%, नियोक्ता 3.25%
- टोल-फ्री
- 1800-11-2526
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ESIC में कौन-कौन से लाभ हैं
| लाभ | क्या मिलता है |
|---|---|
| चिकित्सा लाभ | बीमित कर्मचारी (IP) और परिवार का ESI डिस्पेंसरी/अस्पताल में इलाज |
| बीमारी भत्ता (Sickness Benefit) | औसत दैनिक वेतन का 70%, साल में अधिकतम 91 दिन |
| विस्तारित बीमारी लाभ | सूचीबद्ध लंबी बीमारियों में 80%, अधिकतम 2 साल तक |
| मातृत्व लाभ | 26 हफ्ते तक पूरा वेतन (शर्तों के साथ) |
| अपंगता लाभ (काम पर चोट) | अस्थायी अपंगता में ठीक होने तक, स्थायी अपंगता में हर महीने भुगतान; दर मेडिकल बोर्ड के आकलन से तय |
| आश्रितजन लाभ | काम पर चोट से मृत्यु होने पर आश्रितों को मासिक भुगतान |
| अंत्येष्टि खर्च | ₹15,000 |
बीमारी भत्ते के लिए तय अवधि में न्यूनतम दिनों का अंशदान ज़रूरी है (आम तौर पर 78 दिन बताया जाता है)। आपके मामले में पात्रता शाखा कार्यालय तय करता है।
नकद लाभ का दावा कैसे करें
- बीमार होने या चोट लगने पर पहले अपनी ESI डिस्पेंसरी/अस्पताल में इलाज कराएं और डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट लें। बीमारी भत्ता इसी सर्टिफिकेट से बनता है।
- काम पर चोट हो तो नियोक्ता से दुर्घटना की रिपोर्ट ESIC को भिजवाएं।
- मेडिकल सर्टिफिकेट, ESI नंबर (IP नंबर/ई-पहचान कार्ड) और बैंक खाते की जानकारी के साथ अपने शाखा कार्यालय में दावा जमा करें।
- मंज़ूरी के बाद पैसा आपके बैंक खाते में आता है। बैंक खाता और आधार ESIC रिकॉर्ड में सही होना चाहिए।
ESIC का दावा किसी निजी एजेंट से न करवाएं। फॉर्म और मदद शाखा कार्यालय में मुफ्त मिलती है।
दावे के लिए आम तौर पर क्या चाहिए
- ESI ई-पहचान कार्ड / IP नंबर।
- ESI डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट (बीमारी/मातृत्व के लिए)।
- काम पर चोट में नियोक्ता की दुर्घटना रिपोर्ट।
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक/कैंसिल चेक) और आधार।
- मृत्यु के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र और आश्रित होने का सबूत।
दावा अटके तो क्या करें
- पहले अपने शाखा कार्यालय के प्रबंधक से मिलें और लिखित में पूछें कि क्या कमी है।
- ESIC टोल-फ्री 1800-11-2526 पर कॉल करें।
- pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर ESIC के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- नियोक्ता ने अंशदान जमा नहीं किया है तो यह बात भी शाखा कार्यालय को बताएं।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 15 अक्टूबर 2026
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ESIC में कौन कवर होता है?
ESI में पंजीकृत कंपनी/संस्थान का वह कर्मचारी जिसका मासिक वेतन ₹21,000 तक है (दिव्यांग कर्मचारी ₹25,000 तक)।
ESIC में बीमारी भत्ता कितना मिलता है?
औसत दैनिक वेतन का 70%, साल में अधिकतम 91 दिन, ESI डॉक्टर के मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर।
ESIC में मातृत्व लाभ कितना है?
शर्तें पूरी होने पर 26 हफ्ते तक पूरा वेतन।
ESIC में अंत्येष्टि के लिए कितना पैसा मिलता है?
बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर अंतिम संस्कार के खर्च के लिए ₹15,000।
ESIC का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
टोल-फ्री 1800-11-2526। दावा जमा करने और उसकी स्थिति के लिए अपना शाखा कार्यालय सबसे सही जगह है।
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