नमस्ते (NAMASTE) योजना: सीवर-सेप्टिक टैंक सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षा किट, आयुष्मान कार्ड और स्वरोज़गार मदद
सीधा जवाब
NAMASTE (National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem) योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने जुलाई 2023 में शुरू की। इसका मकसद है कि कोई भी सफाई कर्मी बिना सुरक्षा के सीवर या सेप्टिक टैंक में न उतरे और सफाई मशीनों से हो। पहचाने गए सीवर/सेप्टिक टैंक कर्मियों को प्रशिक्षण, PPE किट, आयुष्मान भारत (PM-JAY) का ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और मशीन/वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी मिलती है।
- मंत्रालय
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता (MoSJE) और आवास एवं शहरी कार्य (MoHUA)
- किसके लिए
- सीवर/सेप्टिक टैंक सफाई कर्मी; 2025 से कचरा बीनने वाले भी
- स्वास्थ्य बीमा
- आयुष्मान भारत PM-JAY, ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति साल
- सीवर इमरजेंसी हेल्पलाइन
- 14420
🏪 नमस्ते योजना फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें
ध्यान दें: इस योजना में अलग से ऑनलाइन फॉर्म भरने का कोई आम पोर्टल नहीं है। सफाई कर्मियों की पहचान (profiling) आपकी नगर निगम/नगर पालिका (ULB) के कैंप में होती है।
योजना में क्या-क्या मिलता है
- पहचान और रिकॉर्ड (profiling): नगर निकाय कैंप लगाकर सीवर/सेप्टिक टैंक कर्मियों की जानकारी दर्ज करते हैं। अगस्त 2025 तक 84,902 कर्मियों का सत्यापन हो चुका था।
- सुरक्षा प्रशिक्षण और PPE किट: काम के दौरान सुरक्षा का प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण (मास्क, सूट, हेलमेट आदि)।
- आयुष्मान कार्ड: पहचाने गए कर्मी और उनके परिवार को आयुष्मान भारत PM-JAY में जोड़ा जाता है; जो पहले से नहीं जुड़े, उनका प्रीमियम NAMASTE से भरा जाता है।
- स्वरोज़गार के लिए सब्सिडी: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) की स्वच्छता उद्यमी योजना के ज़रिये सफाई मशीन और वाहन खरीदने पर पूंजी सब्सिडी, ताकि कर्मी खुद "सैनिप्रेन्योर" बन सकें।
- हाथ से मैला उठाने वाले (manual scavengers): पहचाने गए कर्मियों और उनके आश्रितों को स्वरोज़गार के लिए पूंजी सब्सिडी और 2 साल तक कौशल प्रशिक्षण, जिसमें ₹3,000 महीना स्टाइपेंड।
कौन जुड़ सकता है
- शहरों में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मी (सरकारी, ठेके या निजी, सभी)।
- हाथ से मैला उठाने वाले पहचाने गए कर्मी और उनके आश्रित (स्वरोज़गार/प्रशिक्षण वाले लाभों के लिए)।
- कचरा बीनने वाले (waste pickers): जून 2025 में इन्हें भी योजना में शामिल किया गया और इनकी गिनती के लिए Waste Picker Enumeration App शुरू हुआ।
योजना से कैसे जुड़ें
- अपनी नगर निगम/नगर पालिका के स्वच्छता/स्वास्थ्य विभाग में पूछें कि NAMASTE प्रोफाइलिंग कैंप कब लगेगा।
- कैंप में आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और फोटो लेकर जाएं और अपना विवरण दर्ज करवाएं।
- सत्यापन के बाद प्रशिक्षण और PPE किट के लिए बुलाया जाता है; आयुष्मान कार्ड बनवाने में भी मदद मिलती है।
- मशीन/वाहन के लिए कर्ज़-सब्सिडी चाहिए तो नगर निकाय या NSKFDC से जुड़े बैंक/एजेंसी से आवेदन की जानकारी लें।
बिना सुरक्षा के सीवर में न उतरें। सीवर/सेप्टिक टैंक की इमरजेंसी सफाई के लिए नागरिक 14420 पर नगर निकाय की इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ERSU) को बुला सकते हैं।
योजना की अवधि
PIB के अनुसार योजना देश के 4,800 से ज़्यादा शहरी स्थानीय निकायों में 2025-26 तक तीन साल के लिए ₹349.70 करोड़ के बजट से मंज़ूर हुई थी। आगे बढ़ाने और गांवों तक फैलाने की खबरें आई हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि हमें नहीं मिली; ताज़ा स्थिति मंत्रालय की वेबसाइट पर देखें।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 15 अक्टूबर 2026
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NAMASTE योजना का पूरा नाम क्या है?
National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem। इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने जुलाई 2023 में शुरू किया।
क्या NAMASTE योजना में ₹5 लाख का बीमा मिलता है?
हां, पहचाने गए सीवर/सेप्टिक टैंक कर्मियों और उनके परिवार को आयुष्मान भारत PM-JAY में जोड़ा जाता है, जिसमें प्रति परिवार साल में ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज होता है।
NAMASTE योजना में आवेदन कहां करें?
अपने नगर निगम/नगर पालिका से संपर्क करें। वे प्रोफाइलिंग कैंप लगाकर कर्मियों का रिकॉर्ड बनाते हैं; आम लोगों के लिए अलग ऑनलाइन आवेदन पोर्टल नहीं है।
14420 नंबर किस काम का है?
यह सीवर/सेप्टिक टैंक की इमरजेंसी सफाई के लिए नागरिक हेल्पलाइन है, जिससे नगर निकाय की इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट को बुलाया जाता है।
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