ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र और पहचान पत्र: राष्ट्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
सीधा जवाब
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत कोई भी ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान का प्रमाण पत्र और पहचान पत्र ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) से ले सकता है। आवेदन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल (transgender.dosje.gov.in) पर ऑनलाइन होता है। इसके लिए कोई मेडिकल जांच ज़रूरी नहीं है।
- कानून
- ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019
- जारी करने वाला
- ज़िला मजिस्ट्रेट (DM)
- आवेदन
- transgender.dosje.gov.in (ऑनलाइन)
- मेडिकल जांच
- ज़रूरी नहीं
🏪 ट्रांसजेंडर पहचान पत्र व प्रमाण पत्र फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें
क्या मिलता है
- ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र: "ट्रांसजेंडर" के रूप में पहचान का सरकारी प्रमाण (अधिनियम की धारा 6)।
- पहचान पत्र (ID कार्ड): प्रमाण पत्र के साथ जारी होता है; दोनों पोर्टल से डाउनलोड होते हैं।
- संशोधित प्रमाण पत्र: लिंग-पुष्टि सर्जरी के बाद व्यक्ति पुरुष या महिला के रूप में संशोधित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है; इसमें अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट/मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण लगता है (धारा 7)।
- दूसरे दस्तावेज़ों में बदलाव: इस प्रमाण पत्र के आधार पर आधार, PAN, पासपोर्ट जैसे कागज़ों में नाम और लिंग बदलवाया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- transgender.dosje.gov.in खोलें और मोबाइल नंबर/ईमेल से रजिस्टर करें।
- आवेदन फॉर्म में नाम, जन्म के समय का नाम, पता और स्व-घोषित लिंग पहचान भरें।
- हलफनामा/स्व-घोषणा (पोर्टल पर दिया फॉर्मेट), फोटो और पहचान/पते का प्रमाण अपलोड करें।
- आवेदन उस ज़िले के DM के पास जाता है जहां आप रहते हैं। स्टेटस पोर्टल पर देखें।
- मंज़ूरी के बाद प्रमाण पत्र और पहचान पत्र पोर्टल से डाउनलोड करें।
कानून के अनुसार प्रमाण पत्र के लिए कोई मेडिकल या शारीरिक जांच नहीं होती। कोई अधिकारी ऐसी जांच मांगे तो पोर्टल पर शिकायत करें।
आम तौर पर लगने वाले कागज़
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- पहचान पत्र और पते का प्रमाण, जैसे आधार या वोटर ID
- पोर्टल पर दिए फॉर्मेट में हलफनामा/स्व-घोषणा पत्र
- नाबालिग हो तो माता-पिता/अभिभावक के ज़रिए आवेदन
आवेदन अस्वीकार हो जाए तो
- कारण पढ़ें: पोर्टल पर अस्वीकृति का कारण दिखता है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2021 से अब तक 5,500 से ज़्यादा आवेदन अस्वीकार हुए हैं, अक्सर अधूरे या गलत कागज़ों के कारण।
- सुधार कर दोबारा आवेदन करें: साफ फोटो, सही हलफनामा और पूरा पता दें।
- शिकायत: देरी या गलत अस्वीकृति पर पोर्टल की शिकायत सुविधा, ज़िला समाज कल्याण अधिकारी या राज्य के ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से संपर्क करें।
प्रमाण पत्र से जुड़ी योजनाएं
- SMILE योजना: सामाजिक न्याय मंत्रालय की इस योजना में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण और "गरिमा गृह" (आश्रय गृह) जैसी मदद शामिल है।
- स्वास्थ्य: पहचान पत्र वाले लोगों के लिए आयुष्मान भारत से जुड़ा स्वास्थ्य बीमा लाभ बताया गया है; अपने ज़िले के समाज कल्याण कार्यालय से पुष्टि करें।
- राज्य सरकारें अपनी पेंशन या कल्याण योजनाएं भी चलाती हैं; पात्रता राज्य के नियमों से तय होती है।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 16 अक्टूबर 2026
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SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
आवेदक जिस ज़िले में रहता है, वहां का ज़िला मजिस्ट्रेट (DM)। आवेदन राष्ट्रीय पोर्टल transgender.dosje.gov.in पर होता है।
क्या मेडिकल जांच करानी पड़ती है?
नहीं। ट्रांसजेंडर प्रमाण पत्र स्व-घोषणा के आधार पर मिलता है। सर्जरी के बाद पुरुष/महिला का संशोधित प्रमाण पत्र लेना हो, तभी अस्पताल का प्रमाण लगता है।
क्या कोई फीस है?
पोर्टल पर आवेदन के लिए हमें कोई फीस नहीं मिली। फिर भी आवेदन करते समय पोर्टल पर देख लें।
प्रमाण पत्र से आधार में लिंग बदल सकते हैं?
हां, इस प्रमाण पत्र के आधार पर आधार, PAN, पासपोर्ट जैसे दस्तावेज़ों में नाम और लिंग बदलवाने का आवेदन किया जा सकता है।
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