ITR देर से भरने पर लेट फीस और ब्याज कैलकुलेटर
सीधा जवाब
ड्यू डेट के बाद ITR भरने पर लेट फीस लगती है: कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000, उससे ज़्यादा हो तो ₹5,000। अगर टैक्स बाकी है तो उस पर हर महीने 1% ब्याज (धारा 234A) भी लगता है। FY 2025-26 का बिलेटेड रिटर्न आम तौर पर 31 दिसंबर 2026 तक भरा जा सकता है।
🧮 लेट फीस और ब्याज निकालें
कैसे इस्तेमाल करें
- आय चुनें: कुल टैक्स योग्य आय (छूट और कटौती के बाद) किस सीमा में है।
- बाकी टैक्स डालें: कुल टैक्स में से TDS, TCS और एडवांस टैक्स घटाकर जो बचा है।
- ड्यू डेट और भरने की तारीख चुनें: टूल देरी के महीने खुद गिन लेगा।
नियम और फॉर्मूला
- लेट फीस: कुल आय ₹5 लाख तक = ₹1,000; ₹5 लाख से ज़्यादा = ₹5,000। (1961 कानून की धारा 234F; नए आयकर कानून 2025 की धारा 428 में भी यही राशि।)
- धारा 234A ब्याज: बाकी टैक्स × 1% × देरी के महीने। महीने का कोई हिस्सा भी पूरा महीना गिना जाता है। ब्याज के लिए टैक्स को नीचे के ₹100 तक गोल किया जाता है।
- उदाहरण: ड्यू डेट 31 जुलाई, रिटर्न 5 सितंबर, बाकी टैक्स ₹20,050 → 2 महीने × 1% × ₹20,000 = ₹400 ब्याज।
ध्यान दें
- देर से रिटर्न भरने पर कुछ नुकसान (जैसे बिज़नेस या कैपिटल लॉस) अगले साल आगे नहीं ले जा सकते।
- एडवांस टैक्स कम भरा हो तो धारा 234B / 234C का ब्याज अलग से लगता है; वह इस टूल में नहीं है।
- लेट फीस और ब्याज रिटर्न भरने से पहले चालान से जमा करना होता है। आयकर पोर्टल: incometax.gov.in
- यह निजी वेबसाइट का अनुमान है, सरकारी गणना नहीं। अंतिम राशि आयकर पोर्टल पर तय होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ITR देर से भरने पर कितनी लेट फीस लगती है?
अगर कुल आय ₹5 लाख तक है तो ₹1,000 और ₹5 लाख से ज़्यादा है तो ₹5,000 लेट फीस लगती है। यह नियम 1961 के आयकर कानून की धारा 234F में था और 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर कानून 2025 की धारा 428 में भी यही राशि है।
क्या कम आय वालों को भी लेट फीस देनी होगी?
अगर आपकी कुल आय टैक्स-फ्री सीमा (बेसिक छूट) से कम है और किसी और कारण से रिटर्न भरना ज़रूरी नहीं है, तो आम तौर पर लेट फीस नहीं लगती। FY 2025-26 में नई टैक्स व्यवस्था में यह सीमा ₹4 लाख है, पुरानी व्यवस्था में ₹2.5 लाख (60 साल से ऊपर ₹3 लाख, 80 साल से ऊपर ₹5 लाख)।
धारा 234A का ब्याज कैसे लगता है?
रिटर्न देर से भरने पर बचे हुए टैक्स (TDS और एडवांस टैक्स घटाकर) पर हर महीने 1% साधारण ब्याज लगता है। महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना गिना जाता है। ब्याज ड्यू डेट के अगले दिन से रिटर्न भरने की तारीख तक लगता है।
AY 2026-27 का बिलेटेड रिटर्न कब तक भर सकते हैं?
FY 2025-26 (AY 2026-27) का बिलेटेड रिटर्न आम तौर पर 31 दिसंबर 2026 तक भरा जा सकता है। इसके बाद के विकल्प, जैसे अपडेटेड रिटर्न (ITR-U), के लिए आयकर पोर्टल या टैक्स सलाहकार से पुष्टि करें।
क्या यह गणना अंतिम है?
नहीं, यह अनुमान है। सही राशि आयकर पोर्टल पर रिटर्न भरते समय तय होती है। अगर एडवांस टैक्स कम भरा है तो धारा 234B और 234C का ब्याज अलग से लग सकता है, जो इस टूल में शामिल नहीं है।
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