mParivahan वर्चुअल RC और ड्राइविंग लाइसेंस: फोन में कैसे रखें और कहां मान्य है

✓ जानकारी जांची गई: 15 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

mParivahan सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) का मोबाइल ऐप है, जिसमें आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और गाड़ी की RC डिजिटल रूप में रख सकते हैं। केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 139 में 2018 के संशोधन के बाद mParivahan या DigiLocker में दिखने वाले कागज़ मूल कागज़ के बराबर माने जाते हैं। इसके लिए कोई आवेदन या फीस नहीं है; बस ऐप में मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपना DL/RC जोड़ना होता है।

ऐप
mParivahan (MoRTH/NIC)
कानूनी आधार
CMVR नियम 139 (संशोधन 2 नवंबर 2018), IT अधिनियम 2000
फीस
कोई नहीं
दूसरा विकल्प
DigiLocker

🏪 mParivahan वर्चुअल RC/DL फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें

ऐप में वर्चुअल DL और RC कैसे जोड़ें

  1. Google Play Store या Apple App Store से mParivahan ऐप डाउनलोड करें। प्रकाशक भारत सरकार/NIC है, यह जांच लें।
  2. अपने मोबाइल नंबर से OTP डालकर साइन-अप/लॉगिन करें।
  3. DL जोड़ने के लिए: ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और जन्म तारीख डालें; रिकॉर्ड मिलने पर उसे "My Dashboard"/अपने प्रोफाइल में जोड़ें। इसी से वर्चुअल DL बनता है।
  4. RC जोड़ने के लिए: गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालें; मालिकाना पुष्टि के लिए चेसिस/इंजन नंबर के आखिरी अंक मांगे जा सकते हैं।
  5. जुड़ने के बाद वर्चुअल DL/RC पर QR कोड दिखता है, जिसे ट्रैफिक पुलिस स्कैन करके जांच सकती है।

ऐप के स्क्रीन और बटन के नाम नए वर्ज़न में बदल सकते हैं; तरीका वही रहता है: लॉगिन, फिर DL/RC नंबर डालकर अपने खाते में जोड़ना।

कहां मान्य है

  • केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 139 में 2 नवंबर 2018 के संशोधन से कागज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाने की अनुमति मिली।
  • MoRTH की मानक प्रक्रिया (SOP) के अनुसार DigiLocker या mParivahan में दिखने वाले रिकॉर्ड IT अधिनियम, 2000 के तहत मूल कागज़ के बराबर हैं।
  • जांच करने वाले अधिकारी eChallan या mParivahan ऐप से QR/नंबर से वैधता देखते हैं।
  • फोटो या स्कैन कॉपी मान्य नहीं है; ऐप/DigiLocker के अंदर दिखने वाला रिकॉर्ड ही दिखाएं।

अगर ऐप या DigiLocker में आपका DL/RC या उसकी वैधता (बीमा, फिटनेस, PUC, परमिट) नहीं दिख रही, तो कागज़ी दस्तावेज़ साथ रखना ज़रूरी है। गाड़ी चलाते समय फोन में इंटरनेट न हो तो दिक्कत हो सकती है, इसलिए पहले से ऐप खोलकर देख लें।

आम दिक्कतें और हल

  • DL नहीं मिल रहा: पुराना हाथ से लिखा/बुकलेट DL ऑनलाइन रिकॉर्ड (Sarathi) में न हो तो ऐप में नहीं आएगा। RTO जाकर DL का बैकलॉग/डिजिटल एंट्री करवाएं या parivahan.gov.in की Sarathi सेवाओं में देखें।
  • RC में पुराना मालिक: गाड़ी खरीदी है तो RTO में ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप पूरा करवाएं; उसके बाद ही आपके नाम से RC जुड़ेगी।
  • मोबाइल नंबर गलत/पुराना: Vahan/Sarathi रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं; parivahan.gov.in पर इसकी ऑनलाइन सेवा है।
  • बीमा/PUC खत्म दिख रहा: नवीनीकरण के बाद रिकॉर्ड अपडेट होने में कुछ समय लग सकता है; तब तक कागज़ी कॉपी रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या mParivahan का वर्चुअल DL ट्रैफिक पुलिस मानती है?

हां। CMVR नियम 139 में 2018 के संशोधन और MoRTH की SOP के अनुसार mParivahan या DigiLocker में दिखने वाले DL/RC मूल के बराबर माने जाते हैं। फोटो/स्क्रीनशॉट नहीं, ऐप का रिकॉर्ड दिखाएं।

वर्चुअल DL/RC के लिए फीस या आवेदन लगता है?

नहीं। ऐप में मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपना DL और RC नंबर जोड़ना होता है; यह मुफ्त है।

mParivahan और DigiLocker में क्या फर्क है?

दोनों मान्य हैं। mParivahan परिवहन मंत्रालय का ऐप है जो वाहन से जुड़ी वैधता भी दिखाता है; DigiLocker में आप दूसरे सरकारी कागज़ भी रख सकते हैं।

ऐप में DL नहीं दिख रहा, क्या करूं?

आपका DL Sarathi के ऑनलाइन रिकॉर्ड में न हो तो RTO से डिजिटल एंट्री करवाएं। तब तक कागज़ी DL साथ रखें।

ये भी देखें 👀

लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं

इससे जुड़े आवेदन पत्र (तैयार फॉर्मेट)

सभी फॉर्मेट ›

नई नौकरी और योजना की खबर सबसे पहले 🔔

हमारे Telegram चैनल से जुड़ें, या नीचे नंबर डालकर अपडेट पाएं। बिल्कुल फ्री, कोई spam नहीं।

Telegram चैनल Join करें
किसकी खबर चाहिए?

सब्सक्राइब करके आप सहमत हैं कि हम आपको सरकारी अपडेट भेज सकते हैं। आपका नंबर कभी किसी को नहीं दिया जाता।