MPBCDC थेट कर्ज (Direct Loan) योजना: ₹1 लाख तक का व्यवसाय, ₹50,000 अनुदान और 4% ब्याज
सीधा जवाब
थेट कर्ज योजना महाराष्ट्र के महात्मा फुले मागासवर्ग विकास महामंडळ (MPBCDC) की स्वरोज़गार योजना है, जो अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए है। ₹1,00,000 तक के व्यवसाय में ₹50,000 तक अनुदान, ₹45,000 महामंडळ का सीधा कर्ज (4% सालाना ब्याज) और ₹5,000 आवेदक का अपना हिस्सा होता है। इसमें बैंक नहीं, महामंडळ खुद कर्ज देता है।
- प्रकल्प सीमा
- ₹1,00,000 तक
- अनुदान
- ₹50,000 तक
- महामंडळ का कर्ज
- ₹45,000, 4% सालाना ब्याज
- अपना हिस्सा
- ₹5,000; वापसी 36 महीने में
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योजना का स्वरूप
महामंडळ की वेबसाइट के अनुसार ₹1 लाख के प्रकल्प का बंटवारा:
| हिस्सा | राशि | ध्यान दें |
|---|---|---|
| अनुदान (subsidy) | ₹50,000 तक | वापस नहीं करना होता |
| महामंडळ का कर्ज | ₹45,000 | 4% सालाना ब्याज, 36 बराबर मासिक किश्तों में वापसी |
| आवेदक का हिस्सा | ₹5,000 | खुद लगाना होता है |
कर्ज की सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने की मंज़ूरी शासन निर्णय दिनांक 21 दिसंबर 2018 से मिली। प्रकल्प ₹1 लाख से कम है तो राशि उसी हिसाब से कम होगी; अपने मामले की राशि ज़िला कार्यालय से पक्की करें।
कौन आवेदन कर सकता है
- महाराष्ट्र का निवासी
- अनुसूचित जाति (SC) या नव-बौद्ध समाज से, जाति प्रमाण पत्र के साथ
- आर्थिक रूप से कमज़ोर / गरीबी रेखा से नीचे का परिवार (आय प्रमाण पत्र ज़रूरी)
- जो छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहता है, उसका सामान/मशीन का कोटेशन हो
आयु सीमा और आय सीमा की ताज़ा शर्तें हमें महामंडळ की वेबसाइट पर नहीं मिलीं। आवेदन से पहले ज़िला कार्यालय से लिखित शर्तें लें।
ज़रूरी कागज़
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र (उत्पन्नाचा दाखला)
- निवास का प्रमाण: राशन कार्ड, वोटर ID, आधार, PAN या बिजली बिल
- व्यवसाय के कागज़, जैसे खरीदे जाने वाले सामान का कोटेशन (किंमतीपत्रक)
- कर्ज मंज़ूरी के समय ज़मानतदार और उनके कागज़ मांगे जा सकते हैं
आवेदन और कर्ज मिलने की प्रक्रिया
- अपने ज़िले के महात्मा फुले महामंडळ ज़िला कार्यालय में योजना और आवेदन का तरीका पूछें; कागज़ के साथ आवेदन जमा करें।
- ज़िला कार्यालय आपके घर और व्यवसाय की जगह की जांच करता है।
- प्रस्ताव प्रादेशिक व्यवस्थापक के पास मंज़ूरी और निधि के लिए जाता है।
- मंज़ूरी के बाद आपका हिस्सा घटाकर पहली किश्त (75%) दी जाती है।
- व्यवसाय सच में शुरू होने पर प्रादेशिक व्यवस्थापक की जांच के बाद दूसरी किश्त (25%) मिलती है।
- ₹45,000 का कर्ज 4% ब्याज के साथ 36 मासिक किश्तों में महामंडळ को लौटाएं।
किसी एजेंट को पैसे न दें। महामंडळ की वेबसाइट पर कर्ज व्यवस्थापन प्रणाली का लॉगिन है; ऑनलाइन आवेदन चालू है या नहीं, यह ज़िला कार्यालय से पूछें।
महामंडळ की दूसरी योजनाएं
- अनुदान योजना: ₹50,000 तक के व्यवसाय पर 50% (अधिकतम ₹25,000) अनुदान, बाकी बैंक कर्ज। देखें 50% अनुदान योजना।
- बीज भांडवल योजना: ₹5 लाख तक के व्यवसाय पर बैंक 75%, महामंडळ 20% और आवेदक 5%।
- MPBCDC की सभी योजनाओं की तुलना
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 15 अक्टूबर 2026
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
थेट कर्ज योजना में कितना पैसा मिलता है?
₹1,00,000 तक के व्यवसाय के लिए: ₹50,000 तक अनुदान, ₹45,000 महामंडळ का कर्ज और ₹5,000 आवेदक का हिस्सा।
ब्याज कितना है और कितने समय में लौटाना है?
महामंडळ के कर्ज पर 4% सालाना ब्याज है और इसे 3 साल (36 बराबर मासिक किश्तों) में लौटाना होता है।
क्या बैंक से कर्ज लेना पड़ता है?
नहीं, इस योजना में कर्ज सीधे महामंडळ देता है। अनुदान और बीज भांडवल योजनाओं में बैंक का कर्ज होता है।
कौन पात्र है?
महाराष्ट्र के अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग, जो स्वरोज़गार शुरू करना चाहते हैं। आयु और आय सीमा ज़िला कार्यालय से पक्की करें।
पैसा एक साथ मिलता है?
नहीं, पहले 75% और व्यवसाय शुरू होने व जांच के बाद बाकी 25% मिलता है।
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