पीएम कुसुम सोलर पंप योजना (PM-KUSUM): सोलर पंप सब्सिडी, आवेदन और 2026 की स्थिति

✓ जानकारी जांची गई: 15 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की योजना है, जिसमें किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने और पुराने बिजली पंपों को सोलर से चलाने में सब्सिडी मिलती है। आवेदन राज्य की नोडल एजेंसी (आम तौर पर राज्य ऊर्जा विकास एजेंसी या बिजली कंपनी) के पोर्टल से होता है, केंद्र की वेबसाइट से सीधे नहीं। मौजूदा योजना की अवधि मार्च 2026 तक थी; पहले से मंज़ूर काम पूरे किए जा रहे हैं और PM-KUSUM 2.0 की घोषणा का इंतज़ार है।

मंत्रालय
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
सोलर पंप (Component B)
केंद्र की मदद लागत का 30%; बाकी राज्य और किसान
कहां आवेदन
राज्य की नोडल एजेंसी का पोर्टल/कार्यालय
स्थिति (अक्टूबर 2026)
पुराने मंज़ूर काम जारी; PM-KUSUM 2.0 अभी अधिसूचित नहीं

🏪 पीएम कुसुम सोलर पंप योजना फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें

PM-KUSUM के नाम पर नकली वेबसाइट, SMS और फोन कॉल से "रजिस्ट्रेशन फीस" मांगी जाती है। पैसा सिर्फ अपने राज्य की नोडल एजेंसी के बताए आधिकारिक तरीके से भरें। राज्य की एजेंसी की जानकारी pmkusum.mnre.gov.in से लें।

योजना के तीन हिस्से (Components)

हिस्साक्या मिलता हैकिसके लिए
Component Aबंजर/परती ज़मीन पर छोटे सोलर बिजली संयंत्र लगाकर बिजली कंपनी को बेचनाकिसान, किसान समूह, सहकारी समितियां, पंचायतें
Component Bजहां ग्रिड बिजली नहीं है, वहां स्टैंडअलोन (ऑफ-ग्रिड) सोलर पंप पर सब्सिडीव्यक्तिगत किसान
Component Cग्रिड से जुड़े मौजूदा बिजली पंपों का सोलराइज़ेशन, या फीडर स्तर पर सोलरव्यक्तिगत किसान / बिजली कंपनी

सब्सिडी कितनी मिलती है

  • Component B (सोलर पंप): केंद्र सरकार बेंचमार्क लागत या टेंडर लागत (जो कम हो) का 30% देती है। राज्य सरकार भी अपना हिस्सा देती है और बाकी किसान भरता है।
  • किसान का हिस्सा हर राज्य में अलग है। कुछ राज्य ज़्यादा मदद देते हैं, कुछ कम। पंप की क्षमता (HP) और आपकी श्रेणी से भी कीमत बदलती है।
  • किसान अपने हिस्से के लिए बैंक से कर्ज़ भी ले सकता है; बैंक से पूछें।

सही राशि आवेदन के समय राज्य की नोडल एजेंसी के पोर्टल पर लिखी होती है। किसी एजेंट के बताए आंकड़े पर भरोसा न करें।

आवेदन कैसे करें

  1. pmkusum.mnre.gov.in पर अपने राज्य की नोडल एजेंसी और उसका पोर्टल देखें।
  2. राज्य के पोर्टल पर जब आवेदन खुले हों, तब किसान पंजीकरण करें। कई राज्यों में आवेदन सीमित समय/लक्ष्य के हिसाब से खुलते हैं।
  3. आधार, ज़मीन के कागज़ (खसरा/खतौनी), बैंक खाता, फोटो और सिंचाई के स्रोत (कुआं/बोरवेल) की जानकारी दें।
  4. पंप की क्षमता चुनें और राज्य के नियम अनुसार अपना हिस्सा (farmer share) सिर्फ आधिकारिक तरीके से जमा करें।
  5. सत्यापन के बाद सूचीबद्ध (empanelled) कंपनी पंप लगाती है। लगने के बाद रसीद, वारंटी कार्ड और सेवा का संपर्क नंबर ज़रूर लें।

2026 में योजना की स्थिति

  • मौजूदा PM-KUSUM की अवधि 31 मार्च 2026 तक थी।
  • समाचारों के अनुसार Component A और C के पहले से मंज़ूर प्रोजेक्ट पूरे करने की समय-सीमा बढ़ाई गई है।
  • सरकार PM-KUSUM 2.0 तैयार कर रही है। 15 अक्टूबर 2026 तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना हमें नहीं मिली, इसलिए नई सब्सिडी दरें यहां नहीं लिखी गई हैं।
  • नए आवेदन खुले हैं या नहीं, यह अपने राज्य की नोडल एजेंसी से पता करें।

धोखाधड़ी से बचें

  • PM-KUSUM के नाम से मिलती-जुलती वेबसाइटों पर पंजीकरण या फीस न भरें।
  • कोई फोन पर "पंप पास हो गया, फीस भेजो" कहे तो पैसे न भेजें; पहले राज्य एजेंसी से पुष्टि करें।
  • सही पोर्टल का पता सिर्फ MNRE के राष्ट्रीय पोर्टल या राज्य सरकार की वेबसाइट से लें।
  • ठगी हो जाए तो साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PM-KUSUM में सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

स्टैंडअलोन सोलर पंप (Component B) पर केंद्र सरकार बेंचमार्क या टेंडर लागत (जो कम हो) का 30% देती है। राज्य का हिस्सा और किसान का हिस्सा राज्य के हिसाब से अलग है।

PM-KUSUM का आवेदन कहां होता है?

अपने राज्य की नोडल एजेंसी के पोर्टल या कार्यालय में। राज्यवार एजेंसी की जानकारी pmkusum.mnre.gov.in पर है।

क्या PM-KUSUM योजना 2026 में चल रही है?

मौजूदा योजना की अवधि मार्च 2026 तक थी। पहले से मंज़ूर काम पूरे किए जा रहे हैं और PM-KUSUM 2.0 तैयार हो रही है। नए आवेदनों के लिए अपनी राज्य एजेंसी से पूछें।

क्या किसी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन फीस भरनी होती है?

सिर्फ राज्य की नोडल एजेंसी के आधिकारिक पोर्टल पर बताया गया किसान का हिस्सा भरें। नकली वेबसाइटें और कॉल फीस के नाम पर ठगी करती हैं।

सोलर पंप की मरम्मत कौन करेगा?

पंप लगाने वाली सूचीबद्ध कंपनी तय अवधि तक रखरखाव और वारंटी देती है। लगवाते समय वारंटी कार्ड और शिकायत नंबर ज़रूर लें।

ये भी देखें 👀

लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं

नई नौकरी और योजना की खबर सबसे पहले 🔔

हमारे Telegram चैनल से जुड़ें, या नीचे नंबर डालकर अपडेट पाएं। बिल्कुल फ्री, कोई spam नहीं।

Telegram चैनल Join करें
किसकी खबर चाहिए?

सब्सक्राइब करके आप सहमत हैं कि हम आपको सरकारी अपडेट भेज सकते हैं। आपका नंबर कभी किसी को नहीं दिया जाता।