प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना: योजना बंद, अब नया बिजली कनेक्शन कैसे लें
सीधा जवाब
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की योजना थी, जिसमें बिना बिजली वाले घरों को कनेक्शन दिया गया। संसद में सरकार के जवाब के अनुसार करीब 2.86 करोड़ घरों को बिजली मिली और योजना 31 मार्च 2022 को बंद हो चुकी है। अब सौभाग्य में नया आवेदन नहीं होता; नया कनेक्शन अपनी बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) से लेना होता है।
- स्थिति
- बंद (31 मार्च 2022)
- घरों को बिजली
- लगभग 2.86 करोड़
- मंत्रालय
- विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार
- अब नया कनेक्शन
- अपनी बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) से
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सौभाग्य योजना के नाम पर आवेदन या फीस मांगने वाली वेबसाइट/एजेंट से बचें। यह योजना बंद हो चुकी है।
सौभाग्य योजना क्या थी
- पूरा नाम: प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (Saubhagya)। अक्टूबर 2017 में शुरू हुई।
- मकसद: गांव और शहर के उन सभी घरों तक बिजली पहुंचाना, जिनके पास कनेक्शन नहीं था।
- काम: राज्यों की बिजली कंपनियों ने घर तक लाइन, मीटर और कनेक्शन दिया; दूर-दराज़ के कुछ घरों को सोलर पैक दिए गए।
- नतीजा: करीब 2.86 करोड़ घरों में बिजली पहुंची। केंद्र ने इसके लिए ₹6,330 करोड़ से ज़्यादा की सहायता दी।
योजना बंद होने के बाद बचे घरों का क्या
- सौभाग्य के समय छूट गए घरों को बिजली देने का काम केंद्र की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत मंज़ूर हुआ है।
- नए बने घरों को कनेक्शन देना अब बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की नियमित ज़िम्मेदारी है।
- कुछ राज्य गरीब परिवारों को कम या बिना फीस के कनेक्शन देने की अपनी योजना चलाते हैं। अपनी डिस्कॉम या बिजली उपकेंद्र से पूछें।
अब नया बिजली कनेक्शन कैसे लें
- अपनी डिस्कॉम पहचानें: आपके इलाके में बिजली देने वाली कंपनी (राज्य/शहर के हिसाब से)।
- आवेदन करें: डिस्कॉम की वेबसाइट/ऐप पर ऑनलाइन या नज़दीकी बिजली दफ्तर/उपखंड कार्यालय में फॉर्म भरें।
- कागज़ लगाएं: पहचान पत्र (आधार आदि) और घर पर मालिकाना हक या कब्ज़े का प्रमाण (रजिस्ट्री, किरायानामा, या स्थानीय निकाय का प्रमाण)।
- फीस और सुरक्षा राशि राज्य बिजली नियामक आयोग की दरों के अनुसार भरें; रसीद लें।
- जांच के बाद मीटर लगता है और कनेक्शन चालू होता है।
बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 (फरवरी 2024 के संशोधन के बाद) के अनुसार आवेदन पूरा होने के बाद नया कनेक्शन मेट्रो शहरों में 3 दिन, दूसरे नगर क्षेत्रों में 7 दिन, गांवों में 15 दिन और पहाड़ी ग्रामीण इलाकों में 30 दिन में मिलना चाहिए।
कनेक्शन में देरी हो तो
- आवेदन संख्या के साथ डिस्कॉम के टोल-फ्री नंबर या ऐप पर शिकायत दर्ज करें।
- समाधान न हो तो डिस्कॉम के उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) में लिखित शिकायत दें।
- फोरम के फैसले से संतुष्ट न हों तो राज्य के विद्युत लोकपाल (Ombudsman) के पास जा सकते हैं।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 15 अक्टूबर 2026
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सौभाग्य योजना अभी चल रही है?
नहीं। सरकार के अनुसार सभी मंज़ूर काम पूरे होने के बाद योजना 31 मार्च 2022 को बंद हो गई। अब इसमें आवेदन नहीं होता।
सौभाग्य योजना में कितने घरों को बिजली मिली?
संसद में विद्युत मंत्रालय के जवाब के अनुसार लगभग 2.86 करोड़ घरों को।
अब गरीब परिवार को मुफ्त बिजली कनेक्शन कैसे मिलेगा?
केंद्र की कोई नई मुफ्त कनेक्शन योजना आवेदन के लिए खुली नहीं है। छूटे घरों का काम RDSS में और नए कनेक्शन डिस्कॉम के ज़रिए होते हैं। कुछ राज्यों की अपनी रियायती योजना होती है, डिस्कॉम से पूछें।
नया कनेक्शन कितने दिन में मिलना चाहिए?
उपभोक्ता अधिकार नियमों के अनुसार आवेदन पूरा होने के बाद मेट्रो में 3 दिन, दूसरे नगर क्षेत्रों में 7 दिन, गांव में 15 दिन और पहाड़ी ग्रामीण इलाकों में 30 दिन।
मुफ्त बिजली (बिल माफी) के लिए कौन सी योजना है?
सौभाग्य सिर्फ कनेक्शन की योजना थी, मुफ्त बिजली की नहीं। छत पर सोलर लगाकर बिल घटाने के लिए PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देखें; कई राज्य भी अपनी बिजली छूट योजनाएं चलाते हैं।
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