ट्रैफिक चालान जुर्माना लिस्ट: मोटर वाहन एक्ट 1988 (2019 संशोधन) की धारा-वार सज़ा

✓ जानकारी जांची गई: 4 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

मोटर वाहन एक्ट 1988 में 2019 के संशोधन (1 सितंबर 2019 से ज़्यादातर लागू) के बाद बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट पर ₹1,000, बिना लाइसेंस पर ₹5,000, बिना बीमा पर पहली बार ₹2,000 और नशे में गाड़ी चलाने पर पहली बार ₹10,000 (या 6 महीने तक जेल, या दोनों) की सज़ा है। नीचे की राशियां एक्ट के मूल पाठ (indiacode) से हैं। असली चालान की राशि राज्य की compounding अधिसूचना, राज्य के गुणक (multiplier) या अदालत के फैसले से अलग हो सकती है।

कानून
मोटर वाहन एक्ट 1988, धारा 177-210D
बड़ा संशोधन
Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019
बिना हेलमेट / सीट बेल्ट
₹1,000 (धारा 194D / 194B)
नशे में ड्राइविंग
₹10,000 या 6 महीने तक जेल (पहली बार)
राज्य बदल सकते हैं
compounding राशि (धारा 200), गुणक (धारा 210A)

यह पेज कानूनी सलाह नहीं है। "₹X तक" का मतलब अधिकतम राशि है; जहां सिर्फ "₹X" लिखा है वहां एक्ट में तय राशि है। अपने चालान की असली राशि official पोर्टल या चालान पर ही देखें।

सबसे आम ट्रैफिक गलतियों पर जुर्माना

गलतीधारापहली बारदोबारा / अतिरिक्त
बिना हेलमेट (चालक या पीछे बैठा व्यक्ति)194D (धारा 129)₹1,000लाइसेंस 3 महीने के लिए अयोग्य
दोपहिया पर सुरक्षा नियम तोड़ना, जैसे ड्राइवर के अलावा एक से ज़्यादा सवारी194C (धारा 128)₹1,000लाइसेंस 3 महीने के लिए अयोग्य
बिना सीट बेल्ट (चालक या सवारी)194B(1)₹1,000—
14 साल से कम उम्र का बच्चा सीट बेल्ट/चाइल्ड सीट के बिना194B(2)₹1,000—
ओवरस्पीड: हल्की गाड़ी (LMV)183(1)₹1,000 से ₹2,000दूसरी बार से DL ज़ब्त (धारा 206(4))
ओवरस्पीड: मीडियम/हैवी गाड़ी183(1)₹2,000 से ₹4,000दूसरी बार से DL ज़ब्त
खतरनाक ड्राइविंग: रेड लाइट जंप, स्टॉप साइन तोड़ना, गलत ओवरटेकिंग, उल्टी दिशा में चलाना1846 महीने से 1 साल जेल, या ₹1,000 से ₹5,000, या दोनों3 साल के अंदर दोबारा: 2 साल तक जेल, या ₹10,000, या दोनों
गाड़ी चलाते हुए हाथ में मोबाइल/कम्युनिकेशन डिवाइस184 (Explanation (c))धारा 184 वाली सज़ाधारा 184 वाली सज़ा
नशे में ड्राइविंग (खून में 100 ml में 30 mg से ज़्यादा अल्कोहल) या ड्रग्स के असर में1856 महीने तक जेल, या ₹10,000, या दोनों2 साल तक जेल, या ₹15,000, या दोनों
बेवजह हॉर्न, "No Horn" ज़ोन में हॉर्न, साइलेंसर की जगह कट-आउट194F₹1,000₹2,000
एम्बुलेंस/फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ी को रास्ता न देना194E6 महीने तक जेल, या ₹10,000, या दोनों—
जिस गलती की अलग सज़ा नहीं लिखी (जैसे कई पार्किंग/साइन वाले मामले)177₹500 तक₹1,500 तक
ड्राइविंग रेगुलेशन तोड़ना (जैसे लेन ड्राइविंग के नियम)177A₹500 से ₹1,000—
पुलिस/अधिकारी का कानूनी आदेश न मानना या काम में बाधा179(1)₹2,000 तक—

धारा 184 के Explanation में साफ लिखा है कि रेड लाइट जंप, स्टॉप साइन तोड़ना, गाड़ी चलाते हुए हैंडहेल्ड डिवाइस इस्तेमाल करना, कानून के खिलाफ ओवरटेक करना और उल्टी दिशा में चलाना "खतरनाक ड्राइविंग" माना जाएगा। CMVR नियम 165 के अनुसार गाड़ी चलाते हुए हैंडहेल्ड डिवाइस का इस्तेमाल सिर्फ रास्ता देखने (नेविगेशन) के लिए हो सकता है, वह भी इस तरह कि ध्यान न भटके।

लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, बीमा और PUC

गलतीधारापहली बारदोबारा / अतिरिक्त
बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाना (धारा 3) या कम उम्र में चलाना (धारा 4)1813 महीने तक जेल, या ₹5,000, या दोनों—
ऐसे व्यक्ति को गाड़ी चलाने देना जिसके पास लाइसेंस नहीं / उम्र कम180 (मालिक पर)3 महीने तक जेल, या ₹5,000, या दोनों—
लाइसेंस के लिए अयोग्य होते हुए भी चलाना182(1)3 महीने तक जेल, या ₹10,000, या दोनोंऐसा लाइसेंस बेकार माना जाएगा
बिना बीमा गाड़ी चलाना/चलवाना1963 महीने तक जेल, या ₹2,000, या दोनों3 महीने तक जेल, या ₹4,000, या दोनों
बिना रजिस्ट्रेशन (धारा 39) गाड़ी चलाना; बिना फिटनेस (धारा 56) भी इसी में192₹2,000 से ₹5,0001 साल तक जेल, या ₹5,000 से ₹10,000, या दोनों
बिना परमिट या परमिट की शर्त तोड़कर (रूट/इलाका/काम)192A6 महीने तक जेल, या ₹10,000, या दोनों6 महीने से 1 साल जेल, या ₹10,000, या दोनों
गाड़ी सड़क सुरक्षा, शोर या वायु प्रदूषण के मानक तोड़े190(2)3 महीने तक जेल, या ₹10,000 तक, या दोनों; लाइसेंस 3 महीने अयोग्य6 महीने तक जेल, या ₹10,000 तक, या दोनों
जानकारी मांगने पर छिपाना या झूठी जानकारी देना179(2)1 महीने तक जेल, या ₹2,000 तक, या दोनों—
मानसिक/शारीरिक रूप से अनफिट होते हुए जानबूझकर चलाना186₹1,000 तक₹2,000 तक

PUC का उदाहरण: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की जुर्माना सूची में बिना PUC ("W/O PUCC") का चालान CMVR नियम 115 और धारा 190(2) के तहत ₹10,000 लिखा है। उसी सूची में RC से जुड़ा उल्लंघन (धारा 39/192) पहली बार ₹5,000 और बाद में ₹10,000, और बिना बीमा ₹2,000/₹4,000 है। दूसरे राज्यों में राशि अलग हो सकती है।

दस्तावेज़ मोबाइल में भी मान्य: CMVR नियम 139 के अनुसार DL, RC, बीमा, फिटनेस, परमिट और PUC पोर्टल से डाउनलोड किए इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाए जा सकते हैं; पोर्टल पर सत्यापन के बाद अधिकारी कागज़ी कॉपी नहीं मांगेगा। देखें: mParivahan वर्चुअल RC/DL।

दुर्घटना, रेस, खराब गाड़ी और छेड़छाड़

गलतीधारापहली बारदोबारा
दुर्घटना के बाद कानूनी कर्तव्य न निभाना (धारा 132(1)(a), 133, 134)1876 महीने तक जेल, या ₹5,000, या दोनों1 साल तक जेल, या ₹10,000, या दोनों
सार्वजनिक जगह पर रेस/स्पीड ट्रायल (राज्य की लिखित अनुमति के बिना)1893 महीने तक जेल, या ₹5,000, या दोनों1 साल तक जेल, या ₹10,000, या दोनों
जानते हुए खराब (असुरक्षित) गाड़ी चलाना190(1)₹1,500; दुर्घटना हुई तो 3 महीने तक जेल, या ₹5,000, या दोनों6 महीने तक जेल, या ₹10,000 (चोट या संपत्ति के नुकसान पर)
खतरनाक/जोखिम वाला सामान नियम तोड़कर ले जाना190(3)₹10,000 और लाइसेंस 3 महीने अयोग्य, या 1 साल तक जेल, या दोनों₹20,000, या 3 साल तक जेल, या दोनों
गाड़ी में ऐसा बदलाव/रेट्रोफिटिंग जिसकी कानून में अनुमति नहीं182A(4)6 महीने तक जेल, या ₹5,000 प्रति बदलाव, या दोनों—
बिना हक खड़ी गाड़ी में चढ़ना या ब्रेक/मशीनरी से छेड़छाड़198₹1,000—

माल और सवारी गाड़ियां (ओवरलोड, ज़्यादा सवारी)

गलतीधाराजुर्माना
तय वज़न से ज़्यादा माल (धारा 113-115)194(1)₹20,000 + हर अतिरिक्त टन पर ₹2,000 + अतिरिक्त माल उतारने का खर्च; माल उतारे बिना गाड़ी आगे नहीं जाएगी
माल बॉडी से बाहर (साइड, आगे, पीछे या ऊंचाई में) निकला हो194(1A)₹20,000 + लोड ठीक करने/उतारने का खर्च
कहने पर तौल के लिए गाड़ी न रोकना या तौल से पहले माल उतार देना194(2)₹40,000
ट्रांसपोर्ट गाड़ी में RC/परमिट से ज़्यादा सवारी194A₹200 प्रति अतिरिक्त सवारी; अतिरिक्त सवारियां उतारे बिना गाड़ी आगे नहीं जाएगी

नाबालिग (juvenile) ने गाड़ी चलाई तो (धारा 199A)

  • नाबालिग के अपराध के लिए उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा, जब तक वे साबित न करें कि अपराध उनकी जानकारी के बिना हुआ या उन्होंने रोकने की पूरी कोशिश की।
  • अभिभावक/मालिक को 3 साल तक जेल और ₹25,000 जुर्माना हो सकता है।
  • जिस गाड़ी से अपराध हुआ उसका रजिस्ट्रेशन 12 महीने के लिए रद्द होगा।
  • ऐसा नाबालिग 25 साल की उम्र तक लर्नर या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्र नहीं होगा।
  • अगर नाबालिग के पास लर्नर या ड्राइविंग लाइसेंस था और वह वही गाड़ी चला रहा था जिसका लाइसेंस उसे मिला है, तो अभिभावक/मालिक पर जेल-जुर्माने वाले ये प्रावधान (199A(1) और (2)) लागू नहीं होते।

कब लाइसेंस ज़ब्त या अयोग्य होता है

धारा 206(4) के अनुसार धारा 183, 184, 185, 189, 190, 194C, 194D या 194E के अपराध का शक होने पर पुलिस अधिकारी ड्राइविंग लाइसेंस ज़ब्त करके अयोग्यता/रद्द करने की कार्यवाही के लिए लाइसेंसिंग अथॉरिटी को भेजेगा। इस मामले में मिलने वाली अस्थायी रसीद से गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं मिलती। इसके अलावा बिना हेलमेट (194D), दोपहिया सुरक्षा नियम (194C), प्रदूषण/सुरक्षा मानक (190(2)) और खतरनाक माल (190(3)) में एक्ट खुद 3 महीने की अयोग्यता लिखता है। ध्यान दें: compounding के बाद भी धारा 206(4) की कार्यवाही खत्म नहीं होती (धारा 200 का प्रावधान)।

आपके चालान की राशि इससे अलग क्यों हो सकती है

  • Compounding (धारा 200): धारा 200 में लिखे अपराधों (जैसे 177, 179-181, 183, 194B, 194D, 196 और मोबाइल वाला 184 का हिस्सा) का निपटारा राज्य सरकार की अधिसूचना में तय अधिकारी और तय राशि पर होता है। इसलिए मौके पर/ऑनलाइन चालान की राशि राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है। राज्य साथ में सामुदायिक सेवा (community service) भी मांग सकता है।
  • राज्य का गुणक (धारा 210A): राज्य सरकार अधिसूचना से हर जुर्माने पर 1 से 10 तक का गुणक लगा सकती है, अलग-अलग गाड़ियों के लिए अलग। केंद्र ने S.O. 3310(E) (25 सितंबर 2020) में इसकी शर्तें तय की हैं: सड़क सुरक्षा/अपराध/जुर्माने का डेटा, सड़क सुरक्षा बोर्ड या परिषद की सलाह आदि।
  • सालाना बढ़ोतरी (धारा 199B): केंद्र सरकार अधिसूचना से जुर्माने हर साल 1 अप्रैल को अधिकतम 10% तक बढ़ा सकती है।
  • अदालत का फैसला: जो अपराध compoundable नहीं हैं (जैसे नशे में ड्राइविंग), उनमें सज़ा अदालत तय करती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सूची में ऐसे मामलों के आगे "Court challan" लिखा है।
  • अधिकारी खुद अपराध करे (धारा 210B): कानून लागू करने वाली अथॉरिटी पर उसी अपराध का दोगुना जुर्माना लगता है।
  • पिछला अपराध गिना जाता है: compounding होने के बाद भी वह अपराध "पिछला अपराध" माना जाता है, यानी अगली बार "दोबारा" वाली सज़ा लग सकती है।

इंटरनेट पर घूम रही "नई जुर्माना लिस्ट" पर भरोसा करने से पहले अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस/परिवहन विभाग की official सूची या अपने चालान पर लिखी राशि देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बिना हेलमेट का चालान कितना है?

मोटर वाहन एक्ट की धारा 194D के अनुसार ₹1,000 जुर्माना और लाइसेंस 3 महीने के लिए अयोग्य। धारा 129 के अनुसार 4 साल से ऊपर हर सवार को हेलमेट पहनना है; पगड़ी पहने सिख को छूट है।

बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर कितना जुर्माना है?

धारा 181 के अनुसार 3 महीने तक जेल, या ₹5,000, या दोनों। बिना लाइसेंस वाले को गाड़ी देने पर मालिक पर धारा 180 में भी इतनी ही सज़ा है।

नशे में गाड़ी चलाने पर क्या सज़ा है?

धारा 185: पहली बार 6 महीने तक जेल, या ₹10,000, या दोनों; दूसरी बार 2 साल तक जेल, या ₹15,000, या दोनों। यह अपराध धारा 200 की compounding सूची में नहीं है, इसलिए मामला अदालत में जाता है।

बिना बीमा गाड़ी चलाने का जुर्माना कितना है?

धारा 196: पहली बार 3 महीने तक जेल, या ₹2,000, या दोनों; दोबारा 3 महीने तक जेल, या ₹4,000, या दोनों।

ओवरस्पीड का चालान कितना है?

धारा 183: हल्की गाड़ी पर ₹1,000 से ₹2,000, मीडियम/हैवी गाड़ी पर ₹2,000 से ₹4,000। दूसरी बार से धारा 206(4) के तहत लाइसेंस ज़ब्त हो सकता है।

मेरे चालान की राशि इस लिस्ट से अलग क्यों है?

धारा 200 के तहत राज्य compounding राशि तय करते हैं, धारा 210A के तहत 1 से 10 तक का गुणक लगा सकते हैं, और कोर्ट वाले मामलों में अदालत राशि तय करती है। इसलिए अपने चालान पर लिखी राशि ही मानें।

नाबालिग के गाड़ी चलाने पर किसे सज़ा होती है?

धारा 199A के तहत अभिभावक या गाड़ी मालिक को 3 साल तक जेल और ₹25,000 जुर्माना, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 12 महीने रद्द, और नाबालिग 25 साल की उम्र तक लाइसेंस के लिए अयोग्य।

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