नगर निगम गृहकर (प्रॉपर्टी टैक्स): भुगतान कैसे करें और रसीद कैसे लें
सीधा जवाब
गृहकर या संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) आपका नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत लेता है, केंद्र सरकार नहीं। इसलिए दरें, छूट और आखिरी तारीख हर शहर में अलग होती हैं। ज़्यादातर बड़े शहरों में टैक्स नगर निगम की वेबसाइट या ऐप पर प्रॉपर्टी ID डालकर ऑनलाइन भरा जाता है और वहीं से रसीद डाउनलोड होती है; छोटे शहरों में नगर पालिका के कार्यालय या कैंप में जमा होता है।
- कौन वसूलता है
- आपका नगर निगम / नगर पालिका
- भुगतान के लिए ज़रूरी
- प्रॉपर्टी ID / असेसमेंट नंबर
- दर, छूट, आखिरी तारीख
- हर शहर में अलग
- रसीद
- पोर्टल से डाउनलोड या कार्यालय से
🏪 संपत्ति कर रसीद फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें
ऑनलाइन गृहकर कैसे भरें
- सही वेबसाइट खोजें: अपने नगर निगम/नगर पालिका का नाम लिखकर खोजें और सिर्फ .gov.in या राज्य सरकार के डोमेन वाली साइट खोलें। कई राज्यों में सभी नगर निकायों का एक साझा पोर्टल होता है।
- Property Tax विकल्प चुनें और प्रॉपर्टी ID / असेसमेंट नंबर डालें। ID नहीं पता तो पुरानी रसीद या बिल देखें; कई पोर्टल पर मालिक के नाम, वार्ड या मोबाइल नंबर से भी खोज होती है।
- विवरण जांचें: मालिक का नाम, पता, क्षेत्रफल और बकाया राशि सही है या नहीं।
- भुगतान करें: UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड से। समय पर या एकमुश्त भुगतान पर कई शहर छूट देते हैं; पोर्टल पर देखें।
- रसीद डाउनलोड करें और PDF संभालकर रखें। भुगतान कटा पर रसीद न मिले तो ट्रांज़ैक्शन ID नोट करें।
प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर आए SMS/WhatsApp लिंक से भुगतान न करें। ऐसे फर्जी संदेश आम हैं। हमेशा खुद नगर निगम की वेबसाइट टाइप करके खोलें।
पुरानी रसीद या बकाया का प्रमाण कैसे लें
- ऑनलाइन भुगतान: उसी पोर्टल पर "Payment History / Receipt" या "Duplicate Receipt" में प्रॉपर्टी ID डालकर पुरानी रसीदें मिल जाती हैं।
- ऑफलाइन भुगतान: वार्ड/ज़ोन कार्यालय के टैक्स विभाग में प्रॉपर्टी ID और पहचान पत्र के साथ आवेदन करें।
- नो-ड्यूज़ (बकाया नहीं) प्रमाण पत्र: मकान बेचने, लोन या नक्शा पास कराने के लिए कई जगह मांगा जाता है। यह भी नगर निगम ही देता है; प्रक्रिया अपने निकाय से पूछें।
गृहकर रसीद कहां काम आती है
- मकान की खरीद-बिक्री और नामांतरण (म्यूटेशन) में
- होम लोन या मकान गिरवी रखकर लोन लेते समय
- पते के प्रमाण के रूप में (कई विभाग मान लेते हैं)
- बिजली/पानी कनेक्शन, नक्शा पास कराने या निर्माण की अनुमति में
नया मकान या नाम बदलना हो तो
- नया निर्माण: मकान बनने के बाद नगर निगम में असेसमेंट (कर निर्धारण) के लिए आवेदन करें, तभी प्रॉपर्टी ID बनती है।
- मकान खरीदा है: रजिस्ट्री के बाद नगर निगम के रिकॉर्ड में अपना नाम (म्यूटेशन) दर्ज कराएं, वरना बिल पुराने मालिक के नाम आता रहेगा।
- कागज़: आम तौर पर रजिस्ट्री/बिक्री विलेख, पहचान पत्र, पिछली रसीद और भरा हुआ फॉर्म। फीस और कागज़ निकाय के नियम से तय होते हैं।
गलत बिल या भुगतान अटकने पर
- पोर्टल की शिकायत/हेल्पडेस्क में ट्रांज़ैक्शन ID और प्रॉपर्टी ID के साथ शिकायत करें।
- हल न हो तो ज़ोन/वार्ड के कर निर्धारण अधिकारी को लिखित आवेदन दें और पावती लें।
- बिल ज़्यादा लगे (क्षेत्रफल या उपयोग गलत दर्ज) तो पुनर्मूल्यांकन/आपत्ति का आवेदन दें। आपत्ति की समय सीमा निकाय के नियम में होती है।
- फिर भी हल न हो तो राज्य की लोक शिकायत व्यवस्था (CM हेल्पलाइन/जन सुनवाई पोर्टल) पर शिकायत करें।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 15 अक्टूबर 2026
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रॉपर्टी टैक्स की दर कौन तय करता है?
राज्य का नगर निगम कानून और आपका नगर निगम/नगर पालिका। इसलिए हर शहर में दर, छूट और आखिरी तारीख अलग होती है।
प्रॉपर्टी ID कहां मिलेगी?
पिछली गृहकर रसीद या बिल पर लिखी होती है। न हो तो पोर्टल पर नाम/वार्ड से खोजें या ज़ोन/वार्ड कार्यालय से पूछें।
ऑनलाइन भुगतान के बाद रसीद नहीं मिली तो?
कुछ घंटे बाद पोर्टल पर "Payment History" में देखें। न दिखे तो बैंक स्टेटमेंट और ट्रांज़ैक्शन ID के साथ नगर निगम हेल्पडेस्क पर शिकायत करें।
क्या समय पर टैक्स भरने पर छूट मिलती है?
कई नगर निगम तय तारीख से पहले एकमुश्त भुगतान पर छूट देते हैं और देरी पर ब्याज/जुर्माना लगाते हैं। आपके शहर में कितनी छूट है, यह नगर निगम के पोर्टल पर देखें।
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