मुख्यमंत्री सहारा योजना हिमाचल प्रदेश: गंभीर रोगियों को ₹3,000 हर महीने

✓ जानकारी जांची गई: 15 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

मुख्यमंत्री सहारा योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की योजना है, जिसमें कैंसर, लकवा, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और किडनी फेल जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर मरीज़ों को ₹3,000 प्रति माह सहायता बैंक खाते में दी जाती है। आवेदक हिमाचल का स्थायी निवासी होना चाहिए। खबरों के अनुसार योजना अब स्वास्थ्य विभाग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को सौंप दी गई है, इसलिए आवेदन और जानकारी के लिए ज़िला कल्याण अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें।

सहायता
₹3,000 प्रति माह (DBT से बैंक खाते में)
किसके लिए
गंभीर/लाइलाज बीमारी वाले आर्थिक रूप से कमज़ोर मरीज़
विभाग
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (पहले स्वास्थ्य विभाग)
पोर्टल
sahara.hpsbys.in

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किन बीमारियों में मिलती है

  • घातक कैंसर (Malignant cancer)
  • लकवा (Paralysis)
  • पार्किंसन रोग (Parkinson's)
  • मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular dystrophy)
  • हीमोफीलिया (Haemophilia)
  • थैलेसीमिया (Thalassemia)
  • किडनी फेल होना (Acute/Chronic renal failure)
  • कुछ अन्य गंभीर रोग जिनसे मरीज़ लंबे समय तक बिस्तर पर या दूसरों पर निर्भर रहता है (पूरी सूची विभाग से पूछें)

कौन पात्र है

  • मरीज़ हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी हो।
  • परिवार आर्थिक रूप से कमज़ोर हो। सालाना आय की एक सीमा तय है; ताज़ा सीमा ज़िला कल्याण कार्यालय से पूछें।
  • ऊपर दी गई किसी बीमारी का सरकारी डॉक्टर/मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र हो।

ज़रूरी कागज़

  • आधार कार्ड और हिमाचली निवास का प्रमाण
  • BPL प्रमाण या आय प्रमाण पत्र
  • बीमारी का मेडिकल प्रमाण पत्र (सरकारी अस्पताल से)
  • बैंक पासबुक (मरीज़ या अभिभावक के नाम)
  • फोटो और मोबाइल नंबर
  • भुगतान जारी रखने के लिए समय-समय पर जीवन प्रमाण पत्र (Life certificate)

आवेदन कैसे करें

  1. बीमारी का प्रमाण पत्र सरकारी अस्पताल/मेडिकल कॉलेज से बनवाएं।
  2. अपने ज़िला कल्याण अधिकारी या तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय से फॉर्म और ताज़ा प्रक्रिया पूछें। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक की खबर के अनुसार कल्याण योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन e-Kalyan पोर्टल पर भी लिए जाते हैं।
  3. कागज़ लगाकर आवेदन जमा करें और रसीद/आवेदन नंबर रखें।
  4. मंज़ूरी के बाद हर महीने ₹3,000 बैंक खाते में आते हैं।

योजना पहले स्वास्थ्य विभाग (HPSBYS) के पास थी, इसलिए पुराने लाभार्थियों का रिकॉर्ड sahara.hpsbys.in पर है। विभाग बदलने के बाद नया आवेदन कहां होगा, यह अपने ज़िला कल्याण कार्यालय से ज़रूर पुष्टि करें।

पैसा कई महीने से नहीं आया तो

  • खबरों में कई ज़िलों में बजट न मिलने से महीनों की देरी बताई गई है। ऐसे में बकाया राशि बाद में एक साथ आ सकती है।
  • बैंक में जांचें कि खाता चालू है और आधार से जुड़ा है।
  • जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा किया है या नहीं, यह देखें।
  • ज़िला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में लाभार्थी आईडी/आवेदन नंबर के साथ लिखित शिकायत दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सहारा योजना में कितने पैसे मिलते हैं?

पात्र मरीज़ को ₹3,000 प्रति माह, सीधे बैंक खाते में।

किन बीमारियों में सहारा योजना मिलती है?

घातक कैंसर, लकवा, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, किडनी फेल जैसी गंभीर बीमारियों में। पूरी सूची विभाग से पूछें।

आवेदन कहां करें?

खबरों के अनुसार योजना अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पास है। अपने ज़िला या तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय में संपर्क करें; ऑनलाइन आवेदन e-Kalyan पोर्टल पर भी हो सकता है।

क्या हिमकेयर कार्ड वाले भी सहारा ले सकते हैं?

हिमकेयर अस्पताल में भर्ती के इलाज का खर्च देता है, जबकि सहारा हर महीने गुज़ारे की सहायता है। दोनों अलग योजनाएं हैं; अपनी पात्रता कल्याण कार्यालय से पुष्टि करें।

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