जन्मतिथि का एफिडेविट: कब काम आता है और जन्म प्रमाण पत्र कैसे सुधरता है

✓ जानकारी जांची गई: 4 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

जन्मतिथि का एफिडेविट (date of birth affidavit) सिर्फ आपका शपथ पर दिया बयान है; यह जन्म प्रमाण पत्र की जगह नहीं लेता और उससे जन्म रजिस्टर की तारीख नहीं बदलती। जन्म रजिस्टर में सुधार जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 की धारा 15 और राज्य के नियमों के तहत रजिस्ट्रार करता है। भारत के महारजिस्ट्रार (RGI) के 2015 के स्पष्टीकरण के अनुसार जन्म रजिस्टर में जन्मतिथि तभी बदली जाती है जब साबित हो कि पंजीकरण के समय गलत (fraudulent) एंट्री हुई थी। जन्म का पंजीकरण ही नहीं हुआ हो, तो एक साल बाद पंजीकरण DM/SDM/अधिकृत Executive Magistrate के आदेश से होता है।

कानून
जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969
सुधार कौन करता है
जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार (धारा 15)
1 साल बाद पंजीकरण
DM/SDM/अधिकृत Executive Magistrate का आदेश (धारा 13(3))
जन्मतिथि में बदलाव
सिर्फ गलत (fraudulent) एंट्री साबित होने पर (RGI, 2015)

यह पेज आम जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। नीचे दिए नमूने सिर्फ उदाहरण हैं; जिस दफ्तर, कॉलेज या बोर्ड में एफिडेविट देना है, उसका अपना फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। ज़रूरत हो तो किसी वकील या नोटरी से सलाह लें।

जन्मतिथि का एफिडेविट कब मांगा जाता है

एफिडेविट तब काम आता है जब कोई दफ्तर आपसे शपथ पर बयान मांगे, जैसे:

  • दस्तावेज़ों में जन्मतिथि अलग-अलग हो (जैसे मार्कशीट और आधार में), और कोई दफ्तर पूछे कि सही तारीख कौन-सी है। ऐसे में वन एंड सेम पर्सन एफिडेविट भी साथ मांगा जा सकता है।
  • देर से जन्म पंजीकरण या जन्म रजिस्टर में सुधार के आवेदन के साथ, अगर आपका राज्य/नगर निकाय शपथ पत्र या घोषणा मांगता है।
  • पुराने लोगों के मामले में, जिनके पास न जन्म प्रमाण पत्र है न स्कूल रिकॉर्ड, और कोई योजना/विभाग अपनी शर्तों के हिसाब से घोषणा स्वीकार करता है।

एफिडेविट से मार्कशीट, आधार या जन्म प्रमाण पत्र की तारीख अपने-आप नहीं बदलती। हर दस्तावेज़ उसी विभाग की प्रक्रिया से सुधरता है जिसने उसे जारी किया।

जन्म प्रमाण पत्र में गलती कैसे सुधरती है

धारा 15 के अनुसार अगर रजिस्ट्रार संतुष्ट हो जाए कि जन्म रजिस्टर की एंट्री रूप (form) या सार (substance) में गलत है, या धोखे से/अनुचित तरीके से की गई है, तो वह राज्य के नियमों के तहत मूल एंट्री को छेड़े बिना हाशिये (margin) में सुधार करता है और तारीख के साथ साइन करता है।

गलती का प्रकारउदाहरणofficial तरीका (Model Rules 1999, नियम 11 और RGI सर्कुलर 2003)
क्लेरिकल/फॉर्मल गलतीनाम की स्पेलिंग, पते में टाइपिंग गलतीरजिस्ट्रार जांच करके सुधारता है; RGI के अनुसार पर्याप्त दस्तावेज़ी सबूत पर
सार (substance) की गलतीमाता/पिता का नाम गलत, लिंग गलतव्यक्ति का एफिडेविट, दस्तावेज़ी सबूत और तथ्य जानने वाले दो विश्वसनीय लोगों की घोषणा; RGI के 2003 सर्कुलर के अनुसार रजिस्ट्रार अधिकृत अधिकारी को रिपोर्ट करके कार्रवाई करे
धोखे/अनुचित तरीके से की गई एंट्रीगलत जन्मतिथि जानबूझकर लिखी गईरजिस्ट्रार मुख्य रजिस्ट्रार द्वारा अधिकृत अधिकारी को रिपोर्ट करता है और उनके निर्देश पर कार्रवाई
बच्चे का नाम दर्ज नहींबिना नाम के पंजीकरणधारा 14: माता-पिता रजिस्ट्रार को नाम बताते हैं; Model Rules में 12 महीने, उसके बाद 15 साल तक लेट फीस के साथ (राज्य के नियम देखें)

RGI के 30.06.2015 के पत्र के अनुसार नाम बदलने का अनुरोध रजिस्ट्रार दस्तावेज़ों से संतुष्ट होने पर मान सकता है (हो सके तो दोनों नाम "alias" के साथ)। पर जन्मतिथि का सुधार तभी होता है जब साबित हो कि पंजीकरण के समय गलत एंट्री की गई थी। RGI ने इसे आखिरी उपाय कहा है।

जन्म का पंजीकरण ही नहीं हुआ? देर से पंजीकरण (धारा 13)

  1. 30 दिन के अंदर: तय लेट फीस के साथ पंजीकरण।
  2. 30 दिन से 1 साल: ज़िला रजिस्ट्रार (या तय अधिकारी) की लिखित अनुमति, फीस और self-attested दस्तावेज़ के साथ। 2023 के संशोधन के बाद कानून में यहां self-attested दस्तावेज़ लिखा है।
  3. 1 साल के बाद: ज़िला मजिस्ट्रेट, SDM या DM द्वारा अधिकृत Executive Magistrate का आदेश, जो जन्म की सच्चाई जांचकर दिया जाता है, और फीस।
  4. आदेश के बाद स्थानीय रजिस्ट्रार पंजीकरण करता है और धारा 12 के तहत प्रमाण पत्र (इलेक्ट्रॉनिक या कागज़ी) देता है।

कौन-से दस्तावेज़ और किस फॉर्मेट में घोषणा लगेगी, यह आपके राज्य के जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियम और स्थानीय निकाय तय करते हैं। आवेदन से पहले नगर निगम/नगर पालिका/ग्राम पंचायत के रजिस्ट्रार या SDM कार्यालय से सूची लें।

जन्मतिथि के एफिडेविट का नमूना

  • साथ लगाएं: जन्मतिथि वाला सबसे पुराना दस्तावेज़ (स्कूल रिकॉर्ड, अस्पताल का डिस्चार्ज/जन्म रिपोर्ट), पहचान पत्र, और जिन दस्तावेज़ों में तारीख अलग है उनकी कॉपी।
  • रजिस्टर में सार की गलती सुधरवानी हो तो तथ्य जानने वाले दो लोगों की घोषणा भी तैयार रखें।

नमूना: जन्मतिथि के संबंध में शपथ पत्र (सिर्फ नमूना: अपनी जानकारी और जिस दफ्तर में देना है, उसके फॉर्मेट के हिसाब से बदलें)

शपथ पत्र

मैं, [पूरा नाम], पुत्र/पुत्री [पिता का नाम] एवं [माता का नाम], निवासी [पूरा पता], शपथपूर्वक कहता/कहती हूं कि:

1. मेरा जन्म दिनांक [DD-MM-YYYY] को [गांव/शहर, ज़िला, राज्य] में हुआ।
2. मेरे [दस्तावेज़ का नाम, जैसे 10वीं की मार्कशीट, रोल नं. ___] में मेरी जन्मतिथि [__] दर्ज है।
3. [अगर किसी दस्तावेज़ में अलग तारीख है:] मेरे [दस्तावेज़] में जन्मतिथि [__] गलती से दर्ज है; सही जन्मतिथि [__] है।
4. यह शपथ पत्र [किस काम/दफ्तर के लिए] प्रस्तुत किया जा रहा है।

सत्यापन: ऊपर लिखी बातें मेरी जानकारी और विश्वास में सही हैं, कुछ छिपाया नहीं गया है।

स्थान: [__]          दिनांक: [__]
                                         शपथकर्ता के हस्ताक्षर

कहां attest कराएं और आम गलतियां

  • Notary (Notaries Act 1952, धारा 8) या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत Oath Commissioner/मजिस्ट्रेट (Oaths Act 1969, धारा 3(2)) के सामने साइन करें। stamp paper या e-Stamp की राशि राज्य के नियम से तय होती है।
  • गलती: यह मान लेना कि नोटरी एफिडेविट से जन्मतिथि बदल जाएगी। रजिस्टर में बदलाव सिर्फ रजिस्ट्रार करता है।
  • गलती: अलग-अलग दफ्तरों में अलग तारीख वाले एफिडेविट देना। एक बार झूठा शपथ बयान भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 229 के तहत 3 साल (अदालती मामले में 7 साल) तक की सज़ा वाला अपराध हो सकता है।
  • गलती: पासपोर्ट के लिए सिर्फ एफिडेविट पर निर्भर रहना। विदेश मंत्रालय (2016) के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग/मैट्रिक सर्टिफिकेट, पैन, आधार/ई-आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर ID, सरकारी सेवा रिकॉर्ड या LIC पॉलिसी बॉन्ड में से कोई एक जन्मतिथि के सबूत के रूप में चलता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या एफिडेविट से जन्म प्रमाण पत्र की जन्मतिथि बदल सकती है?

नहीं। जन्म रजिस्टर में सुधार सिर्फ जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार धारा 15 और राज्य के नियमों के तहत करता है। RGI के 2015 के स्पष्टीकरण के अनुसार जन्मतिथि तभी बदली जाती है जब साबित हो कि पंजीकरण के समय गलत एंट्री की गई थी।

जन्म प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग कैसे सुधरेगी?

यह क्लेरिकल गलती मानी जाती है। जिस रजिस्ट्रार (नगर निकाय/पंचायत) के यहां पंजीकरण हुआ, वहां सही स्पेलिंग वाले दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करें; रजिस्ट्रार जांच करके हाशिये में सुधार करता है।

एक साल से पुराने जन्म का पंजीकरण कैसे होगा?

धारा 13(3) के अनुसार DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत Executive Magistrate जन्म की सच्चाई जांचकर आदेश देता है, फिर फीस के साथ पंजीकरण होता है। दस्तावेज़ों की सूची अपने SDM कार्यालय या स्थानीय रजिस्ट्रार से लें।

30 दिन से 1 साल के बीच पंजीकरण में एफिडेविट चाहिए?

2023 के संशोधन के बाद धारा 13(2) में ज़िला रजिस्ट्रार की लिखित अनुमति, फीस और self-attested दस्तावेज़ लिखा है। आपका राज्य किस फॉर्मेट में क्या मांगता है, यह स्थानीय रजिस्ट्रार से पूछें।

मार्कशीट और आधार में जन्मतिथि अलग है, क्या करूं?

पहले तय करें कि कौन-सी तारीख सही है और किस दस्तावेज़ में गलती है। गलत दस्तावेज़ उसी संस्था से सुधरवाएं (बोर्ड, UIDAI आदि)। तब तक किसी दफ्तर के मांगने पर दोनों दस्तावेज़ों के ब्योरे वाला एफिडेविट दिया जा सकता है।

पासपोर्ट के लिए जन्मतिथि का कौन-सा सबूत चलता है?

विदेश मंत्रालय की 2016 की घोषणा के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग/मैट्रिक सर्टिफिकेट, पैन, आधार/ई-आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर ID, सरकारी कर्मचारी का सेवा रिकॉर्ड/PPO या LIC पॉलिसी बॉन्ड में से कोई एक।

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