देर से जन्म पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र 2026 (धारा 13)
सीधा जवाब
जन्म का पंजीकरण 21 दिन में मुफ्त होता है। उसके बाद जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 की धारा 13 लागू होती है: 30 दिन तक सिर्फ लेट फीस; 30 दिन से 1 साल तक तय अधिकारी की लिखित अनुमति और शपथ पत्र; 1 से 2 साल तक DM/SDM या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश। 1 अक्टूबर 2026 से लागू 2026 के संशोधन के बाद 2 साल से ज़्यादा देरी में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश ज़रूरी है। यह पत्र उसी आदेश/अनुमति के लिए आवेदन है।
- 21 दिन तक
- मुफ्त पंजीकरण
- 30 दिन–1 साल
- लिखित अनुमति + शपथ पत्र + लेट फीस
- 1–2 साल
- DM / SDM / अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश
- 2 साल से ज़्यादा
- प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश (1 अक्टूबर 2026 से)
1 अक्टूबर 2026 से 2 साल से ज़्यादा पुराने जन्म का पंजीकरण सिर्फ प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से होगा। लेट फीस, फॉर्म और 30 दिन–1 साल वाली अनुमति देने वाला अधिकारी राज्य के नियम से तय होता है; रजिस्ट्रार से पूछें।
अपना देर से जन्म पंजीकरण आवेदन बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- बच्चे या खुद का जन्म कभी दर्ज ही नहीं हुआ और अब प्रमाण पत्र चाहिए
- स्कूल दाखिले, आधार, पासपोर्ट के लिए जन्म प्रमाण पत्र मांगा गया है
- रजिस्ट्रार ने कहा है कि देर हो चुकी है, मजिस्ट्रेट/SDM का आदेश लाएं
- रजिस्ट्रार ने 'रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं' (non-availability) प्रमाण पत्र दिया है
किसे लिखें: देरी के हिसाब से: 1–2 साल पर ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) या उप-ज़िला मजिस्ट्रेट (SDM); 2 साल से ज़्यादा पर उस इलाके के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) जहां जन्म हुआ। 30 दिन–1 साल के मामले में राज्य द्वारा तय अधिकारी (अक्सर ज़िला रजिस्ट्रार/चिकित्सा अधिकारी)। आदेश मिलने के बाद पंजीकरण उसी इलाके का जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार करता है।
साथ में क्या लगाएं
- जन्म की तारीख और स्थान का शपथ पत्र (नोटरी/अधिकृत अधिकारी के सामने)
- रजिस्ट्रार से 'रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं' (non-availability) प्रमाण पत्र, जहां मांगा जाए
- जन्म के समय के सबूत: अस्पताल पर्ची, टीकाकरण कार्ड, आंगनवाड़ी/ANM रिकॉर्ड; बाद के: स्कूल प्रमाण पत्र
- माता-पिता का आधार, पते का प्रमाण; कई जगह दो गवाहों के बयान
कैसे और कहां जमा करें
- पहले जन्म वाले इलाके के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार (नगर निगम/पंचायत) से पूछें कि देरी कितनी है और किससे आदेश लेना है; कई राज्य यह आवेदन CRS/e-District पोर्टल से भी लेते हैं।
- 1–2 साल की देरी: पत्र SDM/DM कार्यालय में जमा करें; जांच के बाद आदेश मिलता है।
- 2 साल से ज़्यादा (1 अक्टूबर 2026 से): आवेदन प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में होगा; इसके लिए वकील या ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (मुफ्त कानूनी सहायता, हेल्पलाइन 15100) की मदद लें।
- आदेश की प्रमाणित कॉपी और लेट फीस के साथ रजिस्ट्रार के पास जाएं; पंजीकरण के बाद CRS से जन्म प्रमाण पत्र मिलेगा।
- रजिस्ट्रार कार्रवाई न करे तो 30 दिन में ज़िला रजिस्ट्रार को अपील (धारा 25A) करें।
ध्यान दें
- जन्म के समय के कागज़ सबसे मज़बूत सबूत हैं; सिर्फ शपथ पत्र पर आदेश मिलना मुश्किल होता है।
- जन्म तिथि सभी कागज़ों (स्कूल, आधार, शपथ पत्र) में एक जैसी हो।
- दलालों से 'तुरंत प्रमाण पत्र' न बनवाएं; फर्ज़ी प्रमाण पत्र पकड़ा जाता है और रद्द होता है।
- जितनी जल्दी आवेदन करेंगे, उतनी आसान प्रक्रिया होगी; 2 साल पार होने पर अदालत जाना पड़ता है।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1 साल बाद जन्म प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं?
धारा 13 के तहत आदेश लेकर। 1 से 2 साल की देरी में DM/SDM या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश; 1 अक्टूबर 2026 से 2 साल से ज़्यादा देरी में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश। फिर रजिस्ट्रार पंजीकरण करता है।
2 साल से ज़्यादा पुराना जन्म कैसे दर्ज होगा?
जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम 2026 के बाद, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू है, इसके लिए उस इलाके के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए।
देर से जन्म पंजीकरण में कौन से कागज़ लगते हैं?
शपथ पत्र, रजिस्ट्रार का 'रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं' प्रमाण पत्र, जन्म के सबूत (अस्पताल पर्ची, टीकाकरण कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड) और माता-पिता के पहचान पत्र।
लेट फीस कितनी है?
लेट फीस राज्य के जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमों में तय होती है और राज्य के हिसाब से अलग है। रजिस्ट्रार के दफ्तर से पूछें और सरकारी रसीद लें।
21 दिन के अंदर पंजीकरण की फीस कितनी है?
21 दिन के अंदर जन्म का पंजीकरण मुफ्त है। अस्पताल में जन्म हो तो सूचना अस्पताल देता है।
दूसरे आवेदन पत्र
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