आंगनवाड़ी शिकायत पत्र 2026: पोषाहार या सेवा न मिलने पर CDPO को लिखें
सीधा जवाब
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की धारा 4 के तहत गर्भवती और धात्री (दूध पिलाने वाली) महिलाओं को और धारा 5 के तहत 6 महीने से 6 साल के बच्चों को स्थानीय आंगनवाड़ी से मुफ्त पोषाहार पाने का कानूनी हक है; नियम के अनुसार यह साल में 300 दिन मिलना चाहिए। राशन न मिले, कम मिले, केंद्र न खुले या नाम न जोड़ा जाए, तो ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) को यह शिकायत दें।
- कानूनी हक
- NFSA 2013 धारा 4, 5; पूरक पोषण (ICDS) नियम 2017
- किसे दें
- बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO), ब्लॉक
- आगे
- ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) → ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी → राज्य खाद्य आयोग
- न मिलने पर
- धारा 8: खाद्य सुरक्षा भत्ता (राशि राज्य के नियम से)
अपना आंगनवाड़ी शिकायत पत्र बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- बच्चे या गर्भवती/धात्री महिला को टेक होम राशन (THR) या पोषाहार नहीं मिल रहा
- 3 से 6 साल के बच्चों को केंद्र पर नाश्ता/गर्म खाना नहीं मिलता
- आंगनवाड़ी केंद्र नियमित नहीं खुलता या हमेशा बंद रहता है
- राशन कम, खराब या एक्सपायरी तारीख वाला मिलता है
- बच्चे या महिला का नाम केंद्र में दर्ज नहीं किया जा रहा
किसे लिखें: आपके ब्लॉक/परियोजना के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) को, जो आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी करते हैं। कार्रवाई न हो तो ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) और ज़िलाधिकारी को।
साथ में क्या लगाएं
- लाभार्थी का आधार/पहचान पत्र की कॉपी
- MCP (जच्चा-बच्चा सुरक्षा) कार्ड या पंजीकरण का कोई सबूत
- केंद्र बंद होने या खराब राशन की फोटो (तारीख सहित)
- दूसरे प्रभावित परिवारों के नाम और हस्ताक्षर
कैसे और कहां जमा करें
- पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइज़र (मुख्य सेविका) से बात करें; ग्राम सभा/ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस पर भी बात रख सकते हैं।
- हल न हो तो यह पत्र CDPO कार्यालय में जमा करें और कॉपी पर रिसीविंग लें, या रजिस्टर्ड डाक से भेजें।
- राज्य की CM हेल्पलाइन/जन शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- कार्रवाई न हो तो ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और ज़िलाधिकारी को लिखें; NFSA के तहत ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी और फिर राज्य खाद्य आयोग में शिकायत होती है।
ध्यान दें
- कार्यकर्ता पर व्यक्तिगत आरोप की जगह तारीखें और तथ्य लिखें; कई बार कमी ऊपर से राशन न आने की होती है, जांच उसी से पता चलेगी।
- लाभार्थी का नाम आंगनवाड़ी में दर्ज होना ज़रूरी है; नाम दर्ज कराने के लिए आधार या पहचान का सबूत दें।
- गर्भवती महिला PM मातृ वंदना योजना (पहली संतान पर ₹5,000, दूसरी बेटी पर ₹6,000) के लिए भी आंगनवाड़ी से ही आवेदन कर सकती है।
- बच्चा बहुत कमज़ोर (कुपोषित) दिखे तो पत्र में ज़रूर लिखें; ऐसे बच्चों को अतिरिक्त पोषण और रेफरल का नियम है।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
शिकायत पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आंगनवाड़ी की शिकायत कहां करें?
ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) को लिखित में। उसके बाद ज़िला कार्यक्रम अधिकारी, ज़िलाधिकारी, NFSA के ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी और राज्य खाद्य आयोग में।
आंगनवाड़ी से किसे पोषाहार मिलता है?
6 महीने से 6 साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बच्चे के जन्म के 6 महीने तक धात्री माताओं को। 6 महीने से 3 साल के बच्चों और महिलाओं को टेक होम राशन, 3 से 6 साल के बच्चों को केंद्र पर नाश्ता और गर्म खाना।
आंगनवाड़ी से साल में कितने दिन पोषाहार मिलना चाहिए?
पूरक पोषण नियम 2017 के अनुसार साल में 300 दिन।
पोषाहार न मिले तो क्या पैसा मिलता है?
NFSA की धारा 8 के अनुसार हकदार को भोजन न मिलने पर राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा भत्ता देती है। राशि और तरीका राज्य के नियम से तय होते हैं, CDPO कार्यालय से पूछें।
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