ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड शिकायत पत्र 2026: कंपनी के Grievance Officer को लिखें
सीधा जवाब
ऑनलाइन ऑर्डर का पैसा वापस न आए, गलत/खराब सामान आए या रिटर्न न लिया जाए, तो कंपनी के Grievance Officer को लिखित शिकायत (ईमेल) करें। उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 के अनुसार हर ई-कॉमर्स कंपनी को शिकायत 48 घंटे में स्वीकार और 1 महीने में हल करनी होती है। हल न हो तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 और फिर उपभोक्ता आयोग में जाएं।
रिफंड के नाम पर ठगी आम है। कोई भी आपसे OTP, UPI PIN या "रिफंड लेने के लिए" QR स्कैन करवाए तो वह ठग है। ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
अपना ऑनलाइन रिफंड शिकायत बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- ऑर्डर कैंसिल या रिटर्न हुआ, लेकिन रिफंड नहीं आया
- गलत, टूटा, नकली या इस्तेमाल किया हुआ सामान मिला
- "डिलीवर्ड" दिखा, पर सामान मिला ही नहीं
- रिटर्न/बदलने का अनुरोध बिना कारण ठुकरा दिया गया
किसे लिखें: ई-कॉमर्स कंपनी के Grievance Officer (शिकायत अधिकारी) को। नियम के अनुसार उनका नाम, पद और ईमेल कंपनी की वेबसाइट/ऐप पर (अक्सर "Contact Us" या "Grievance Redressal" पेज पर) दिखाना ज़रूरी है। सामान किसी दूसरे विक्रेता (seller) का हो तो उसका नाम भी पत्र में लिखें।
साथ में क्या लगाएं
- ऑर्डर का स्क्रीनशॉट और इनवॉइस
- भुगतान का प्रमाण (UPI ट्रांज़ैक्शन ID / बैंक स्टेटमेंट)
- रिटर्न पिकअप या कैंसिलेशन का मैसेज
- गलत/खराब सामान का अनबॉक्सिंग वीडियो या फोटो
- कस्टमर केयर चैट/ईमेल और टिकट नंबर
कैसे और कहां जमा करें
- पहले ऐप/वेबसाइट के हेल्प सेक्शन में शिकायत करें और टिकट नंबर लें।
- हल न हो तो यही पत्र कंपनी के Grievance Officer के ईमेल पर भेजें (पता वेबसाइट के Contact/Grievance पेज पर)। ईमेल की कॉपी संभालें।
- 48 घंटे में पावती या एक महीने में हल न मिले तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत करें: 1915, WhatsApp 8800001915 या consumerhelpline.gov.in। ऑर्डर ID और कंपनी को भेजा पत्र साथ दें।
- फिर भी हल न हो तो e-Jagriti से जिला उपभोक्ता आयोग में केस करें।
- अगर पैसा कट गया पर ऑर्डर बना ही नहीं, तो अपने बैंक/UPI ऐप में भी शिकायत करें।
ध्यान दें
- पत्र में कभी पूरा कार्ड नंबर, CVV, PIN या OTP न लिखें; सिर्फ ऑर्डर ID और UPI ट्रांज़ैक्शन ID काफी है।
- "रिफंड के लिए" कॉल करने वाले किसी नंबर पर भरोसा न करें; असली कंपनी OTP या स्क्रीन शेयर ऐप नहीं मांगती।
- कस्टमर केयर का नंबर सिर्फ कंपनी के ऐप/वेबसाइट से लें, गूगल सर्च से नहीं।
- महंगा सामान खोलते समय वीडियो बनाएं; गलत सामान के दावे में यह सबसे पक्का सबूत है।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
शिकायत पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ऑनलाइन रिफंड न आए तो शिकायत कहां करें?
पहले कंपनी के ऐप में, फिर कंपनी के Grievance Officer को ईमेल। हल न हो तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 / WhatsApp 8800001915 पर।
ई-कॉमर्स कंपनी को शिकायत कितने दिन में हल करनी होती है?
उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 के अनुसार 48 घंटे में शिकायत स्वीकार करनी और 1 महीने में हल करनी होती है।
Grievance Officer का ईमेल कहां मिलेगा?
कंपनी की वेबसाइट या ऐप के "Contact Us", "Grievance Redressal" या "Terms" पेज पर। नियम के अनुसार यह जानकारी दिखाना ज़रूरी है।
क्या हेल्पलाइन 1915 पैसा वापस दिला सकती है?
हेल्पलाइन शिकायत कंपनी तक पहुंचाकर हल कराने की कोशिश करती है; बहुत से मामले यहीं सुलझ जाते हैं। यह अदालत नहीं है, इसलिए हल न हो तो उपभोक्ता आयोग में केस करना पड़ता है।
UPI से पैसा कटा पर ऑर्डर नहीं बना, क्या करें?
ऐसे पैसे अक्सर अपने आप वापस आ जाते हैं। न आएं तो UPI ऐप/बैंक में ट्रांज़ैक्शन ID के साथ शिकायत करें, और कंपनी को भी लिखें।
दूसरे आवेदन पत्र
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