अधिकार पत्र (Authority Letter) फॉर्मेट 2026: किसी को अपनी ओर से भेजें
सीधा जवाब
जब आप खुद किसी दफ्तर, बैंक, कॉलेज या कूरियर ऑफिस नहीं जा सकते, तो अधिकार पत्र (Authority / Authorization Letter) लिखकर किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी ओर से दस्तावेज़ लेने या जमा करने का अधिकार दे सकते हैं। पत्र में दोनों का नाम, संबंध, काम का साफ विवरण, तारीख और दोनों के हस्ताक्षर होने चाहिए। इसे मानना या न मानना दफ्तर के नियम पर है; कई बैंक अपना फॉर्म मांगते हैं, और ज़मीन-जायदाद या कानूनी काम के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी लगती है।
- किसे लिखें
- जिस दफ्तर/बैंक/संस्था में काम है
- साथ में
- दोनों के पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित कॉपी
- मान्यता
- दफ्तर के नियम पर; कई जगह अपना फॉर्म
- नहीं चलेगा
- संपत्ति/कानूनी काम: पावर ऑफ अटॉर्नी चाहिए
अधिकार पत्र स्वीकार करना दफ्तर के नियम पर निर्भर है। कई बैंक, विश्वविद्यालय और सरकारी दफ्तर अपना तय फॉर्म मांगते हैं या खुद आने को कहते हैं; जाने से पहले फोन करके पूछ लें।
अपना अधिकार पत्र (Authority Letter) बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- कॉलेज/विश्वविद्यालय से मार्कशीट, डिग्री या TC किसी और से मंगवाना
- कूरियर/डाक घर से अपना पार्सल या स्पीड पोस्ट किसी और से लेना
- बैंक से चेकबुक, पासबुक या स्टेटमेंट लेना (बैंक के नियम से)
- दफ्तर में फॉर्म/कागज़ जमा कराना या प्रमाण पत्र लेना
- बीमारी, विदेश में होने या बुज़ुर्ग होने के कारण खुद न जा पाना
किसे लिखें: जिस दफ्तर में काम है, उसके प्रभारी अधिकारी/शाखा प्रबंधक/रजिस्ट्रार को, या जहां नाम पता न हो वहां "संबंधित अधिकारी" (To Whom It May Concern) लिखकर।
साथ में क्या लगाएं
- अधिकार देने वाले के पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित कॉपी
- अधिकृत व्यक्ति के पहचान पत्र की कॉपी; दफ्तर में वह अपना मूल पहचान पत्र भी साथ रखे
- काम से जुड़ा कागज़: जैसे फीस रसीद, आवेदन की पावती, कूरियर/स्पीड पोस्ट की सूचना पर्ची
कैसे और कहां जमा करें
- पत्र प्रिंट करें; आप और अधिकृत व्यक्ति, दोनों हस्ताक्षर करें।
- अधिकृत व्यक्ति पत्र, दोनों के पहचान पत्र की कॉपी और अपना मूल पहचान पत्र लेकर दफ्तर जाए।
- दफ्तर का अपना फॉर्म हो (जैसे बैंक का मैंडेट फॉर्म) तो वह भी भरें; बैंक में नकद निकासी के लिए अधिकार पत्र आम तौर पर नहीं चलता, बैंक का तरीका पूछें।
- काम होने के बाद मिली पावती/रसीद अपने पास रखें।
ध्यान दें
- काम बिल्कुल साफ लिखें (कौन सा दस्तावेज़, कौन सा नंबर); "सारे काम" जैसे शब्द न लिखें।
- पत्र में खाता नंबर, कार्ड नंबर या आधार पूरा न लिखें; सिर्फ आखिरी 4 अंक। PIN, OTP या पासवर्ड कभी न दें।
- पहचान पत्र की कॉपी पर "केवल ___ के लिए" लिखकर हस्ताक्षर करें, ताकि गलत इस्तेमाल न हो।
- सिर्फ भरोसेमंद व्यक्ति को अधिकार दें; ज़मीन, संपत्ति या अदालती काम के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाएं।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अधिकार पत्र (Authority Letter) क्या होता है?
यह एक लिखित पत्र है जिसमें आप किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी ओर से कोई तय काम, जैसे दस्तावेज़ लेना या जमा करना, करने की अनुमति देते हैं।
अधिकार पत्र के साथ क्या-क्या लगता है?
आपके और अधिकृत व्यक्ति, दोनों के पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित कॉपी। अधिकृत व्यक्ति अपना मूल पहचान पत्र भी साथ ले जाए।
क्या बैंक अधिकार पत्र मानता है?
चेकबुक, पासबुक या स्टेटमेंट जैसे कामों के लिए कई बैंक मानते हैं, पर अक्सर अपना फॉर्म भरवाते हैं। नकद निकासी के लिए आम तौर पर बैंक का अलग तरीका होता है; शाखा से पूछें।
क्या अधिकार पत्र स्टांप पेपर पर लिखना ज़रूरी है?
आम तौर पर नहीं; सादे कागज़ पर हस्ताक्षर वाला पत्र चलता है। अगर दफ्तर नोटरी या स्टांप पेपर मांगे तो उसी हिसाब से बनवाएं।
अधिकार पत्र और पावर ऑफ अटॉर्नी में क्या अंतर है?
अधिकार पत्र किसी एक छोटे काम के लिए होता है। पावर ऑफ अटॉर्नी कानूनी दस्तावेज़ है, जो ज़मीन-जायदाद, अदालत या बड़े लेन-देन के लिए नोटरी/रजिस्ट्री से बनता है।
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