ध्वनि प्रदूषण शिकायत पत्र 2026: लाउडस्पीकर/DJ के शोर पर पुलिस/SDM को आवेदन
सीधा जवाब
ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के नियम 5 के अनुसार लाउडस्पीकर/DJ बजाने के लिए लिखित अनुमति ज़रूरी है और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक खुले में बजाना मना है (बंद हॉल को छोड़कर; त्योहारों पर राज्य साल में ज़्यादा से ज़्यादा 15 दिन रात 12 बजे तक छूट दे सकता है)। शिकायत थाना प्रभारी, SDM या ज़िले के तय अधिकारी को की जाती है; तुरंत शोर हो रहा हो तो 112 पर कॉल करें।
- नियम
- ध्वनि प्रदूषण नियम 2000, नियम 5 और 7
- मनाही का समय
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे (खुले में लाउडस्पीकर)
- किसे दें
- थाना प्रभारी, SDM/ज़िलाधिकारी या तय अधिकारी
- तुरंत मदद
- 112 (पुलिस आपात सेवा)
अपना शोर/लाउडस्पीकर शिकायत बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर/DJ बज रहा है
- बिना अनुमति के रोज़ तेज़ आवाज़ में लाउडस्पीकर
- पास की फैक्ट्री, जनरेटर, आटा चक्की या दुकान से लगातार शोर
- अस्पताल/स्कूल के पास (साइलेंस ज़ोन) में शोर
किसे लिखें: अपने इलाके के थाना प्रभारी (SHO) को, और लगातार चलने वाले शोर (फैक्ट्री, जनरेटर, मैरिज हॉल, दुकान) के लिए उपखंड अधिकारी (SDM)/ज़िलाधिकारी को। नियम में ज़िलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर या DSP स्तर के अधिकारी को "प्राधिकारी" माना गया है; कई शहरों में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी शिकायत लेता है।
साथ में क्या लगाएं
- शोर के वीडियो/रिकॉर्डिंग, जिनमें तारीख और समय दिखे
- पड़ोसियों के नाम और हस्ताक्षर (सामूहिक शिकायत ज़्यादा असर करती है)
- पहले की 112 कॉल या शिकायत का नंबर, अगर हो
कैसे और कहां जमा करें
- शोर अभी चल रहा हो तो 112 पर कॉल करें; पुलिस मौके पर आकर बंद करा सकती है। कॉल का समय नोट कर लें।
- बार-बार की समस्या के लिए यह पत्र थाने में दें और रिसीविंग लें; कॉपी SDM/ज़िलाधिकारी को भी भेजें।
- फैक्ट्री/मशीन के लगातार शोर में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय दफ्तर को भी शिकायत कर सकते हैं।
- कार्रवाई न हो तो SDM/कार्यकारी मजिस्ट्रेट से BNSS की धारा 152 के तहत सार्वजनिक उपद्रव हटाने के आदेश की मांग की जा सकती है।
ध्यान दें
- दिन-तारीख-समय का रिकॉर्ड रखें; "रोज़ शोर होता है" से ज़्यादा असरदार "1 से 14 अक्टूबर, रोज़ रात 10:30 से 1 बजे" है।
- बहस या झगड़ा न करें; सीधे पुलिस/प्रशासन से शिकायत करें।
- धार्मिक/सामाजिक मामला हो तो भाषा संयमित रखें; बात सिर्फ समय और आवाज़ की हो।
- त्योहार के दिनों में राज्य ने रात 12 बजे तक की छूट दी हो सकती है; ऐसे दिन की शिकायत में यह ध्यान रखें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
शिकायत पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रात में लाउडस्पीकर कितने बजे तक बजा सकते हैं?
ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक खुले में लाउडस्पीकर मना है। राज्य सरकार त्योहार/सांस्कृतिक अवसर पर साल में ज़्यादा से ज़्यादा 15 दिन रात 12 बजे तक छूट दे सकती है।
शोर की शिकायत कहां करें?
तुरंत 112 पर, और लिखित में थाना प्रभारी, SDM या ज़िलाधिकारी को। लगातार औद्योगिक शोर के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी।
रिहायशी इलाके में शोर की सीमा कितनी है?
नियमों की अनुसूची में आवासीय क्षेत्र के लिए दिन में 55 dB(A) और रात में 45 dB(A) तय है।
क्या लाउडस्पीकर के लिए अनुमति ज़रूरी है?
हां, नियम 5(1) के अनुसार लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के लिए प्राधिकारी की लिखित अनुमति ज़रूरी है।
क्या शिकायत गुमनाम रह सकती है?
112 पर कॉल में अपना नाम न बताने का अनुरोध कर सकते हैं। लिखित शिकायत में नाम ज़रूरी है, पर पत्र में पहचान गोपनीय रखने की मांग लिख सकते हैं।
दूसरे आवेदन पत्र
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