मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र 2026 (देर से पंजीकरण भी)
सीधा जवाब
मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के अंदर स्थानीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार (नगर निगम/नगर पालिका या ग्राम पंचायत) के यहां मुफ्त होता है। अस्पताल में मृत्यु हो तो सूचना अस्पताल देता है, घर पर हो तो परिवार का मुखिया। 21 दिन बाद धारा 13 लागू होती है: 30 दिन तक लेट फीस, 1 साल तक तय अधिकारी की अनुमति और शपथ पत्र, 1–2 साल पर DM/SDM का आदेश और 1 अक्टूबर 2026 से 2 साल के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश।
- किसे दें
- जहां मृत्यु हुई, वहां के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार
- समय
- 21 दिन में मुफ्त पंजीकरण
- देर होने पर
- धारा 13: लेट फीस / अनुमति / मजिस्ट्रेट आदेश
- अपील
- धारा 25A: 30 दिन में ज़िला रजिस्ट्रार
अपना मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- परिवार में किसी की मृत्यु हुई है और प्रमाण पत्र चाहिए
- पेंशन, बीमा, बैंक खाता, नामांतरण या उत्तराधिकार के लिए प्रमाण पत्र मांगा गया है
- मृत्यु का पंजीकरण समय पर नहीं हुआ, अब देर से कराना है
- पहले से दर्ज मृत्यु के प्रमाण पत्र की और कॉपियां चाहिए
किसे लिखें: जिस जगह मृत्यु हुई (घर या अस्पताल), वहां के रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) को: शहर में नगर निगम/नगर पालिका, गांव में ग्राम पंचायत सचिव या राज्य द्वारा तय रजिस्ट्रार। देरी 1 साल से ज़्यादा हो तो पहले SDM/DM या मजिस्ट्रेट का आदेश लेना होता है।
साथ में क्या लगाएं
- अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल की मृत्यु सूचना / मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र (धारा 10)
- घर पर मृत्यु: श्मशान/कब्रिस्तान की पर्ची, पंचायत/पार्षद का प्रमाण, गवाहों के बयान
- मृतक और आवेदक का आधार/पहचान पत्र
- 21 दिन से ज़्यादा देर: शपथ पत्र, लेट फीस; 1 साल से ज़्यादा: SDM/DM या मजिस्ट्रेट का आदेश
कैसे और कहां जमा करें
- पत्र और कागज़ रजिस्ट्रार के दफ्तर (नगर निगम/पंचायत) में जमा करें; कई राज्यों में CRS पोर्टल या e-District से ऑनलाइन भी होता है।
- आवेदन नंबर/रसीद लें। पंजीकरण के बाद पहली प्रति मुफ्त मिलती है (धारा 12); ज़्यादा प्रतियों की फीस राज्य के नियम से।
- देरी 1 साल से ज़्यादा हो तो पहले SDM/DM (1–2 साल) या प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (2 साल से ज़्यादा, 1 अक्टूबर 2026 से) से आदेश लें।
- रजिस्ट्रार मना करे या कार्रवाई न करे तो 30 दिन में ज़िला रजिस्ट्रार को अपील करें (धारा 25A)।
ध्यान दें
- मृत्यु के बाद जितनी जल्दी हो, 21 दिन के अंदर पंजीकरण कराएं; बाद में प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
- मृतक का नाम आधार, बैंक और ज़मीन के कागज़ों जैसा ही लिखवाएं, वरना पेंशन/नामांतरण में दिक्कत होती है।
- बैंक, बीमा, पेंशन, नामांतरण के लिए एक साथ कई प्रतियां ले लें।
- प्रमाण पत्र मिलते ही नाम, तारीख और स्थान जांचें; गलती हो तो तुरंत धारा 15 के तहत सुधार का आवेदन दें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कहां करें?
जहां मृत्यु हुई, वहां के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार (नगर निगम/नगर पालिका या ग्राम पंचायत) के पास। कई राज्यों में CRS या e-District पोर्टल से ऑनलाइन भी।
मृत्यु पंजीकरण कितने दिन में कराना चाहिए?
21 दिन के अंदर, तब यह मुफ्त है। उसके बाद धारा 13 के तहत लेट फीस, अनुमति या आदेश लगता है।
1 साल बाद मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनेगा?
1 से 2 साल की देरी में DM/SDM या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश, और 1 अक्टूबर 2026 से 2 साल से ज़्यादा देरी में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लेकर रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण होता है।
क्या मृत्यु प्रमाण पत्र मुफ्त है?
समय पर पंजीकरण मुफ्त है और सूचना देने वाले को पहली प्रति मुफ्त मिलती है (धारा 12)। ज़्यादा प्रतियों और देर से पंजीकरण की फीस राज्य के नियम से।
घर पर मृत्यु हुई हो तो कौन से कागज़ लगेंगे?
श्मशान/कब्रिस्तान की पर्ची, पंचायत/पार्षद का प्रमाण, गवाहों के बयान और मृतक व आवेदक के पहचान पत्र। रजिस्ट्रार अपनी सूची बता देगा।
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