निवास / मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र 2026

✓ जानकारी जांची गई: 17 अक्टूबर 2026📄 दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र

सीधा जवाब

निवास या मूल निवास (Domicile) प्रमाण पत्र यह बताता है कि आप उस राज्य के निवासी हैं। इसे राज्य का राजस्व विभाग बनाता है: आम तौर पर तहसीलदार, अंचल अधिकारी, मामलतदार या SDM। ज़्यादातर राज्यों में आवेदन e-District पोर्टल, CSC या तहसील से होता है। कितने साल रहने पर प्रमाण पत्र मिलेगा और कौन से कागज़ चलेंगे, यह हर राज्य का अपना नियम है।

किसे दें
तहसीलदार / SDM / अंचल अधिकारी
कहां से
e-District पोर्टल, CSC या तहसील
निवास की अवधि
राज्य के नियम के अनुसार (अलग-अलग)
देरी हो तो
राज्य का सेवा का अधिकार (RTS) कानून / CM हेल्पलाइन

निवास प्रमाण पत्र के लिए कितने साल का निवास चाहिए, कौन से कागज़ चलेंगे और यह कितने समय तक मान्य है, यह हर राज्य के नियम से तय होता है। आवेदन से पहले अपने राज्य के पोर्टल की शर्तें पढ़ें।

अपना निवास प्रमाण पत्र आवेदन बनाएं

नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।

यह पत्र कब काम आता है

  • राज्य की सरकारी नौकरी या भर्ती परीक्षा में निवास प्रमाण पत्र मांगा गया है
  • स्कूल-कॉलेज में राज्य कोटा या छात्रवृत्ति के लिए
  • राज्य की किसी योजना में मूल निवासी होना शर्त है

किसे लिखें: जहां आप रहते हैं उस तहसील के तहसीलदार या राज्य द्वारा तय अधिकारी को। कुछ राज्यों (जैसे केरल में Nativity) में इसका नाम अलग है।

साथ में क्या लगाएं

  • आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर ID
  • पुराने सबूत जो लंबे निवास को दिखाएं: स्कूल प्रमाण पत्र, ज़मीन/मकान के कागज़, पुराने बिजली बिल
  • जन्म प्रमाण पत्र (जन्म उसी राज्य में हुआ हो तो)
  • स्व-घोषणा या शपथ पत्र (राज्य के फॉर्मेट में)

कैसे और कहां जमा करें

  1. अपने राज्य के e-District / सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देखें; ज़्यादातर राज्यों में उपलब्ध है।
  2. नहीं तो CSC या तहसील में पत्र और कागज़ जमा करें और आवेदन नंबर वाली रसीद लें।
  3. लेखपाल/पटवारी या राजस्व निरीक्षक पते की जांच करते हैं।
  4. तय समय में न मिले तो राज्य के सेवा का अधिकार कानून के तहत अपील या CM हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

ध्यान दें

  • दो राज्यों से निवास प्रमाण पत्र न बनवाएं; यह गलत घोषणा मानी जाती है।
  • भर्ती विज्ञापन में लिखी तारीख के बाद का प्रमाण पत्र मांगा गया हो तो उसी हिसाब से नया बनवाएं।
  • किराये के मकान में हों तो रेंट एग्रीमेंट और पुराने पते के सबूत भी लगाएं।

यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।

दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र: और फॉर्मेट

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निवास प्रमाण पत्र का आवेदन किसे दें?

अपनी तहसील के तहसीलदार या राज्य द्वारा तय अधिकारी (SDM/अंचल अधिकारी) को; ज़्यादातर राज्यों में e-District पोर्टल या CSC से ऑनलाइन आवेदन होता है।

निवास प्रमाण पत्र के लिए कितने साल रहना ज़रूरी है?

यह हर राज्य का अपना नियम है और नौकरी/दाखिले के लिए अलग भी हो सकता है। अपने राज्य के पोर्टल या तहसील से पूछें।

किराये पर रहने वाले को निवास प्रमाण पत्र मिल सकता है?

हां, अगर राज्य के नियम में तय अवधि से आप वहां रह रहे हैं और इसके सबूत (रेंट एग्रीमेंट, बिल, स्कूल रिकॉर्ड) दे सकते हैं।

क्या दो राज्यों का निवास प्रमाण पत्र रख सकते हैं?

नहीं। आवेदन में घोषणा करनी होती है कि दूसरे राज्य से प्रमाण पत्र नहीं लिया है; दो जगह से लेना गलत घोषणा है।

दूसरे आवेदन पत्र

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