हिडन टैक्स क्या है और इनकम टैक्स कानूनी रूप से कैसे बचाएं (टैक्स वर्ष 2026-27)
सीधा जवाब
हम दो तरह से टैक्स देते हैं: कमाई पर आयकर (सीधा टैक्स) और खरीदारी पर GST जैसे अप्रत्यक्ष टैक्स, जो कीमत में छिपे रहते हैं, इसलिए इन्हें "हिडन टैक्स" कहा जाता है। टैक्स वर्ष 2026-27 में बजट 2026 ने आयकर स्लैब नहीं बदले: नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स शून्य है (वेतनभोगी के लिए ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलाकर ₹12.75 लाख तक)। 80C, 80D जैसी बचत की छूट सिर्फ पुरानी व्यवस्था में मिलती है, इसलिए पहले तय करें कि आपके लिए कौन सी व्यवस्था सस्ती है।
- डिफ़ॉल्ट व्यवस्था
- नई कर व्यवस्था
- टैक्स शून्य (नई)
- ₹12 लाख तक (वेतनभोगी ₹12.75 लाख)
- स्टैंडर्ड डिडक्शन
- नई ₹75,000, पुरानी ₹50,000
- 80C की सीमा
- ₹1.5 लाख (सिर्फ पुरानी व्यवस्था)
🏪 हिडन टैक्स और टैक्स बचत फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें
1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू है और धाराओं के नंबर बदल गए हैं। इस लेख में लोगों की जानी-पहचानी पुरानी पहचान (80C, 80D आदि) इस्तेमाल की गई है; छूट के नियम वही हैं।
नई कर व्यवस्था के स्लैब (टैक्स वर्ष 2026-27)
| सालाना कर-योग्य आय | टैक्स दर |
|---|---|
| ₹4 लाख तक | शून्य |
| ₹4 से 8 लाख | 5% |
| ₹8 से 12 लाख | 10% |
| ₹12 से 16 लाख | 15% |
| ₹16 से 20 लाख | 20% |
| ₹20 से 24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर ₹60,000 तक की छूट (rebate) से टैक्स शून्य हो जाता है। यह छूट शेयर के कैपिटल गेन जैसी विशेष दर वाली आय पर नहीं मिलती। टैक्स पर 4% हेल्थ एवं एजुकेशन सेस अलग से लगता है।
पुरानी व्यवस्था में कौन सी छूट मिलती है
पुरानी व्यवस्था में स्लैब ऊंचे हैं (₹2.5 लाख तक शून्य, फिर 5%, 20%, 30%; ₹5 लाख तक की आय पर टैक्स शून्य), पर ये छूट मिलती हैं:
| छूट (पुराना नाम) | किस पर | सीमा |
|---|---|---|
| 80C | PF, PPF, सुकन्या समृद्धि, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम, होम लोन का मूलधन, बच्चों की ट्यूशन फीस | कुल ₹1.5 लाख |
| 80D | स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम | खुद/परिवार ₹25,000 (60+ हों तो ₹50,000); माता-पिता के लिए अलग से ₹25,000 (60+ हों तो ₹50,000) |
| 80CCD(1B) | NPS में खुद का अतिरिक्त योगदान | ₹50,000 (80C के ऊपर) |
| HRA | किराये के घर में रहने वाले वेतनभोगी | नियम के अनुसार गणना |
| होम लोन ब्याज | अपने रहने वाले घर का ब्याज | ₹2 लाख तक |
नई व्यवस्था में भी कुछ छूट मिलती है: वेतनभोगी को ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन और नियोक्ता द्वारा NPS में किया गया योगदान।
कौन सी व्यवस्था चुनें: सीधा तरीका
- अपनी कुल सालाना आय (वेतन, ब्याज, किराया आदि) लिखें।
- पुरानी व्यवस्था की सारी छूट जोड़ें जो आप सच में लेते हैं (80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज, NPS)।
- दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स निकालें। साइट का इनकम टैक्स कैलकुलेटर दोनों की तुलना करता है।
- जिसमें टैक्स कम हो, वही चुनें। वेतनभोगी नियोक्ता को साल की शुरुआत में बताते हैं, और रिटर्न भरते समय भी चुन सकते हैं (व्यापार की आय वालों के लिए बदलने के नियम सख्त हैं)।
मोटा नियम: ₹12.75 लाख तक के वेतन पर नई व्यवस्था में टैक्स शून्य है, इसलिए सिर्फ टैक्स बचाने के लिए निवेश करने की ज़रूरत नहीं। ज़्यादा आय और बड़ी छूट (होम लोन, HRA) हो तो पुरानी व्यवस्था की तुलना ज़रूर करें।
सावधानियां
- सिर्फ टैक्स बचाने के लिए गलत बीमा या पॉलिसी न खरीदें; पहले ज़रूरत देखें।
- किराये की फर्जी रसीद या झूठी छूट का दावा न करें। आयकर विभाग AIS और फॉर्म 16 से मिलान करता है और नोटिस आ सकता है।
- रिटर्न समय पर भरें: ITR फाइलिंग गाइड।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 16 अक्टूबर 2026
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हिडन टैक्स क्या होता है?
खरीदारी की कीमत में शामिल अप्रत्यक्ष टैक्स, जैसे GST, और पेट्रोल-डीज़ल पर उत्पाद शुल्क व VAT। ये बिल में अलग से कम दिखते हैं, इसलिए इन्हें छिपा टैक्स कहते हैं।
2026-27 में कितनी आय तक इनकम टैक्स नहीं लगता?
नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर (छूट के बाद) टैक्स शून्य है। वेतनभोगी को ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है, यानी ₹12.75 लाख तक के वेतन पर टैक्स शून्य।
क्या नई कर व्यवस्था में 80C की छूट मिलती है?
नहीं। 80C, 80D और HRA जैसी छूट सिर्फ पुरानी व्यवस्था में मिलती हैं।
क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब बदले?
नहीं। बजट 2026 में टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए स्लैब और ₹12 लाख तक की छूट पहले जैसी रखी गई।
नया आयकर अधिनियम 2025 क्या है?
1 अप्रैल 2026 से 1961 के कानून की जगह नया आयकर अधिनियम 2025 लागू है। धाराओं और फॉर्म के नंबर बदले हैं, जैसे फॉर्म 16 अब फॉर्म 130 है।
ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं