वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC): फॉर्म, ट्रांसफर, डुप्लीकेट और ऑनलाइन आवेदन

✓ जानकारी जांची गई: 9 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

RC (Registration Certificate) इस बात का official सबूत है कि गाड़ी RTO में रजिस्टर है और किसके नाम पर है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 39 के अनुसार बिना पंजीकरण के गाड़ी सार्वजनिक जगह पर नहीं चलाई जा सकती। नई गाड़ी का पंजीकरण आमतौर पर डीलर ही करवाता है; बाद के काम, जैसे मालिकाना ट्रांसफर, पता बदलना, लोन हटाना या डुप्लीकेट RC, परिवहन विभाग के Vahan पोर्टल से होते हैं। mParivahan या DigiLocker में दिखने वाली RC भी जांच के समय मान्य है।

जारी करता है
RTO (पंजीकरण प्राधिकारी)
official पोर्टल
vahan.parivahan.gov.in
निजी गाड़ी की RC
15 साल के लिए; फिर नवीनीकरण (फॉर्म 25)
डिजिटल RC
mParivahan ऐप / DigiLocker
बिना पंजीकरण गाड़ी चलाना
धारा 192: पहली बार ₹2,000 से ₹5,000 जुर्माना

🏪 RC फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें

RC में क्या-क्या लिखा होता है

RC पर लिखी जानकारी Vahan के रिकॉर्ड से आती है। गाड़ी खरीदते-बेचते समय इन्हें गाड़ी से मिलाकर देखें:

  • रजिस्ट्रेशन नंबर और पंजीकरण की तारीख, RC की वैधता
  • मालिक का नाम और पता; लोन पर ली गई गाड़ी में बैंक/फाइनेंसर का नाम (हाइपोथिकेशन)
  • चेसिस नंबर और इंजन नंबर: गाड़ी पर खुदे नंबर से ज़रूर मिलाएं
  • निर्माता, मॉडल, वाहन का वर्ग, ईंधन, रंग, सीटों की संख्या
  • कमर्शियल गाड़ियों में फिटनेस की वैधता

किस काम के लिए कौन सा फॉर्म

ये फॉर्म केंद्रीय मोटर यान नियम 1989 के हैं और सभी राज्यों में एक जैसे हैं। Vahan पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन में यही फॉर्म भरे जाते हैं; फीस राज्य के हिसाब से अलग होती है।

कामफॉर्मध्यान रखें
नई गाड़ी का पंजीकरणफॉर्म 20डीलर से बिक्री प्रमाण पत्र (फॉर्म 21), बीमा और पता प्रमाण लगता है; ज़्यादातर मामलों में डीलर ही आवेदन करता है
मालिकाना ट्रांसफर (गाड़ी बेचना/खरीदना)फॉर्म 29 और फॉर्म 30बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों के हस्ताक्षर/OTP; लोन हो तो पहले बैंक की NOC
पता बदलनाफॉर्म 33नया पता प्रमाण; दूसरे राज्य में गए हैं तो पहले NOC
लोन (हाइपोथिकेशन) जोड़नाफॉर्म 34बैंक/फाइनेंसर के साथ
लोन खत्म होने पर नाम हटानाफॉर्म 35बैंक से फॉर्म 35 और NOC लें; RC से बैंक का नाम हटवाना ज़रूरी है, नहीं तो बेचने में दिक्कत
गाड़ी दूसरे राज्य ले जानाफॉर्म 28 (NOC)पुराने RTO से NOC, फिर नए राज्य में पंजीकरण
RC खोना/खराब होनाफॉर्म 26 (डुप्लीकेट RC)खोने पर पुलिस में शिकायत की कॉपी; उसी RTO में जहां गाड़ी आखिरी बार रजिस्टर हुई
15 साल बाद RC नवीनीकरणफॉर्म 25निजी गाड़ी; RTO में गाड़ी की जांच होती है

Vahan पोर्टल पर RC से जुड़ा आवेदन कैसे करें

  1. vahan.parivahan.gov.in खोलें और अपना राज्य/RTO चुनें (या सीधे गाड़ी नंबर डालकर आगे बढ़ें)।
  2. Online Services → Vehicle Related Services में जाएं।
  3. गाड़ी नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक डालें; RC से जुड़े मोबाइल पर OTP आता है।
  4. सेवा चुनें (ट्रांसफर, पता बदलना, हाइपोथिकेशन हटाना, डुप्लीकेट RC आदि), फॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
  5. फीस ऑनलाइन भरें। जिस सेवा में गाड़ी या कागज़ की जांच ज़रूरी है, उसमें RTO का स्लॉट बुक करें।
  6. रसीद और आवेदन नंबर संभालें; इसी पोर्टल पर Application Status देखें। नई RC स्पीड पोस्ट से आती है और mParivahan/DigiLocker में भी अपडेट हो जाती है।

RC से जुड़ा मोबाइल नंबर पुराना है तो OTP नहीं आएगा। पहले Vahan पर Update Mobile Number सेवा से नंबर बदलें; चालान के SMS भी इसी नंबर पर आते हैं।

गाड़ी बेचते या खरीदते समय: ट्रांसफर की समय-सीमा

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 50 के अनुसार:

  • बेचने वाला उसी राज्य में बिक्री होने पर 14 दिन के अंदर और दूसरे राज्य में 45 दिन के अंदर RTO को सूचना दे (फॉर्म 29)।
  • खरीदने वाला 30 दिन के अंदर अपने नाम पर ट्रांसफर का आवेदन करे (फॉर्म 30)।
  • जब तक RC पर नाम नहीं बदलता, कागज़ पर गाड़ी पुराने मालिक की रहती है; उस गाड़ी के चालान और दुर्घटना के नोटिस भी उसी के पते पर जाते हैं।

पुरानी गाड़ी खरीदने से पहले RC पर लोन (हाइपोथिकेशन), बीमा की वैधता और बकाया ई-चालान ज़रूर देखें। बकाया चालान रहते RTO ट्रांसफर जैसे आवेदन रोक सकता है। चालान फ्री में देखने का तरीका: ई-चालान स्टेटस चेक।

RC खो जाए तो डुप्लीकेट RC

  1. पुलिस में RC खोने की शिकायत दर्ज कराएं (कई राज्यों में ऑनलाइन lost report की सुविधा है) और उसकी कॉपी रखें।
  2. Vahan पर Issue of Duplicate RC चुनें और फॉर्म 26 भरें।
  3. वैध बीमा, PUC और पहचान/पता प्रमाण अपलोड करें, फीस भरें।
  4. RTO की जांच के बाद डुप्लीकेट RC डाक से आती है। तब तक mParivahan/DigiLocker वाली RC साथ रखें।

mParivahan और DigiLocker वाली RC

परिवहन मंत्रालय के अनुसार mParivahan या DigiLocker ऐप में दिखने वाली RC और DL जांच के समय मूल दस्तावेज़ जितनी मान्य हैं। ध्यान रखें:

  • ऐप के अंदर से दिखाएं; RC की फोटो या स्कैन कॉपी मान्य नहीं मानी जाती।
  • DigiLocker में Ministry of Road Transport and Highways चुनकर "Registration of Vehicles" से गाड़ी नंबर और चेसिस के आखिरी 5 अंक डालकर RC जोड़ें।
  • RC में बदलाव (जैसे लोन हटना) होने पर ऐप में भी कुछ दिन में नया रिकॉर्ड दिखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गाड़ी चलाते समय RC साथ रखना ज़रूरी है?

हां, मांगे जाने पर RC दिखानी होती है। मूल RC की जगह mParivahan या DigiLocker ऐप में दिखने वाली RC भी मान्य है; सिर्फ फोटो या फोटोकॉपी नहीं।

निजी गाड़ी की RC कितने साल वैध रहती है?

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 41 के अनुसार निजी (non-transport) गाड़ी का पंजीकरण 15 साल के लिए होता है। उसके बाद फॉर्म 25 से नवीनीकरण कराना होता है, जिसमें RTO गाड़ी की जांच करता है। कुछ राज्यों/शहरों में पुरानी गाड़ियों पर अलग प्रतिबंध भी हैं।

गाड़ी बेचने के बाद RC ट्रांसफर नहीं कराया तो क्या होगा?

कागज़ पर गाड़ी आपके नाम रहेगी, इसलिए उसके चालान और कानूनी नोटिस आपके पास आएंगे। धारा 50 के अनुसार बेचने वाले को 14 दिन (दूसरे राज्य में 45 दिन) में और खरीदने वाले को 30 दिन में ट्रांसफर की कार्यवाही करनी होती है।

लोन चुकाने के बाद RC से बैंक का नाम कैसे हटेगा?

बैंक से फॉर्म 35 और NOC लें, फिर Vahan पर हाइपोथिकेशन हटाने (Hypothecation Termination) का आवेदन करें। नई RC में बैंक का नाम नहीं रहेगा।

RC पर किसी गाड़ी के बकाया चालान कैसे देखें?

echallan.parivahan.gov.in पर गाड़ी नंबर और चेसिस/इंजन नंबर डालकर फ्री में देख सकते हैं। चेसिस नंबर न हो तो हमारी ₹20 की RC चालान रिपोर्ट से सिर्फ गाड़ी नंबर पर सूची मिलती है।

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