लोक अदालत में ट्रैफिक चालान: कौन से चालान निपटते हैं और अगली तारीख कैसे जानें

✓ जानकारी जांची गई: 4 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

लोक अदालत विवाद आपसी समझौते से निपटाने का कानूनी मंच है, जिसे विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत NALSA, राज्य (SLSA) और ज़िला (DLSA) विधिक सेवा प्राधिकरण लगाते हैं। कुछ जगहों पर (जैसे दिल्ली में) नेशनल लोक अदालत के दिन ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर बकाया ट्रैफिक चालान भी निपटाए जाते हैं। पर जो अपराध कानून में compoundable नहीं है (जैसे नशे में गाड़ी चलाना), वह लोक अदालत में नहीं निपट सकता। अगली तारीख हमेशा NALSA, अपने राज्य/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण या ट्रैफिक पुलिस की official सूचना से ही जानें।

कानून
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987
कौन लगाता है
NALSA, SLSA, DLSA, तालुका समिति
फैसला (award)
अंतिम; इसके खिलाफ अपील नहीं
नहीं निपटते
non-compoundable अपराध
NALSA हेल्पलाइन
15100

लोक अदालत क्या है

NALSA के अनुसार लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान का मंच है, जहां अदालत में लंबित या अदालत तक न पहुंचे (pre-litigation) मामले आपसी समझौते से निपटाए जाते हैं।

  • लोक अदालत का फैसला (award) सिविल कोर्ट की डिक्री माना जाता है, अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है; इसके खिलाफ किसी अदालत में अपील नहीं होती।
  • लोक अदालत में मामला ले जाने पर कोई कोर्ट फीस नहीं लगती।
  • लोक अदालत के सदस्य सिर्फ "सुलह कराने वाले" होते हैं; वे किसी पक्ष पर समझौते के लिए दबाव नहीं डाल सकते। फैसला समझौते के आधार पर होता है।
  • नेशनल लोक अदालत: तय अंतराल पर एक ही दिन देश भर में, सुप्रीम कोर्ट से लेकर तालुका स्तर तक, लोक अदालतें लगती हैं और बड़ी संख्या में मामले निपटते हैं।

NALSA के नियम में साफ लिखा है: जो अपराध कानून में compoundable नहीं है, उससे जुड़ा मामला लोक अदालत में नहीं निपटाया जा सकता।

कौन से ट्रैफिक चालान लोक अदालत में जा सकते हैं

मोटर वाहन एक्ट की धारा 200 बताती है कि कौन से अपराध compoundable हैं। मोटे तौर पर:

चालानधारालोक अदालत में?
बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, दोपहिया सुरक्षा नियम194D, 194B, 194Ccompoundable सूची में हैं
ओवरस्पीड183(1), (2)compoundable सूची में है
गाड़ी चलाते हुए मोबाइल184 Explanation (c)compoundable सूची में है
बिना लाइसेंस, बिना बीमा, बिना रजिस्ट्रेशन/परमिट181, 196, 192, 192Acompoundable सूची में हैं
सामान्य उल्लंघन (पार्किंग, साइन आदि)177, 177Acompoundable सूची में हैं
नशे में ड्राइविंग185नहीं (compoundable सूची में नहीं)
रेड लाइट/उल्टी दिशा/खतरनाक ड्राइविंग (मोबाइल को छोड़कर)184नहीं (सिर्फ मोबाइल वाला हिस्सा सूची में है)
दुर्घटना के बाद कर्तव्य न निभाना187नहीं
नाबालिग से जुड़े अपराध199Aनहीं

किसी खास लोक अदालत में कौन से चालान लिए जाएंगे, यह आयोजन करने वाला प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस अपनी सूचना में बताते हैं। उदाहरण के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) और दिल्ली पुलिस ट्रैफिक की एक नेशनल लोक अदालत की सूचना है, जिसमें सभी तरह की गाड़ियों (कमर्शियल समेत) के "On-the-Spot" और नोटिस ब्रांच के बकाया चालान निपटाने की बात थी: मौके वाले चालान संबंधित ट्रैफिक कोर्ट में और नोटिस ब्रांच के चालान तय कोर्ट परिसरों में (वह सूचना 2019 की थी; हर बार की व्यवस्था नई सूचना में देखें)।

अगली लोक अदालत की तारीख कैसे जानें

हम यहां अनुमानित तारीखें नहीं देते, क्योंकि तारीखें राज्य के हिसाब से बदल भी जाती हैं। सही तारीख के लिए:

  1. NALSA की वेबसाइट देखें। वहां पिछली नेशनल लोक अदालतों के नतीजे (disposal reports) भी हैं।
  2. अपने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA) और ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की वेबसाइट या ज़िला अदालत के नोटिस बोर्ड पर सूचना देखें।
  3. ट्रैफिक चालान के लिए अपने राज्य/शहर की ट्रैफिक पुलिस की official वेबसाइट और सोशल मीडिया देखें; वहीं बताया जाता है कि कौन से चालान और किन कोर्ट परिसरों में लिए जाएंगे।
  4. NALSA हेल्पलाइन 15100 पर कानूनी सहायता से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।
NALSA रिपोर्ट के अनुसार नेशनल लोक अदालतध्यान दें
13 दिसंबर 2025NALSA की disposal report
14 मार्च 2026NALSA की disposal report
9 मई 2026रिपोर्ट के नोट के अनुसार केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल ने यह दौर 13 जून 2026, अंडमान-निकोबार और तेलंगाना ने 20 जून 2026, और आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक ने 11 जुलाई 2026 को लगाया

ऊपर की तारीखें सिर्फ यह दिखाने के लिए हैं कि हर राज्य में तारीख एक जैसी नहीं होती। उदाहरण: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 10 सितंबर 2026 की सूचना में बताया कि लोक अदालत की तारीख बदलकर 25.10.2026 कर दी गई है। जाने से पहले ताज़ा official सूचना ज़रूर देखें।

लोक अदालत में चालान निपटाने की तैयारी

  1. पहले अपने सभी बकाया चालान देखें: ई-चालान स्टेटस और कोर्ट भेजे गए चालान के लिए वर्चुअल कोर्ट।
  2. ट्रैफिक पुलिस/विधिक सेवा प्राधिकरण की सूचना पढ़ें: कौन से चालान लिए जाएंगे, किस कोर्ट परिसर में, क्या पहले से चालान/नोटिस प्रिंट या टोकन लेना है।
  3. चालान/नोटिस की कॉपी, गाड़ी की RC, ड्राइविंग लाइसेंस और पहचान पत्र साथ रखें।
  4. तय दिन तय कोर्ट परिसर में लोक अदालत बेंच के सामने पेश हों। समझौते/निपटारे के बाद जो राशि तय हो, उसे बताए गए तरीके से भरें और रसीद लें।
  5. बाद में ई-चालान पोर्टल पर स्टेटस देखें कि चालान निपटा हुआ दिख रहा है।

लोक अदालत में राशि कम होने की कोई गारंटी नहीं है; निपटारा बेंच के सामने समझौते से होता है। "लोक अदालत में आधा चालान" जैसे दावों वाले अनजान लिंक, ऐप या एजेंट से बचें। चालान का पैसा सिर्फ अदालत में या official पोर्टल पर भरें।

Permanent Lok Adalat में ट्रैफिक चालान क्यों नहीं

Permanent Lok Adalat (धारा 22-B) परिवहन, डाक जैसी जन-उपयोगी सेवाओं (public utility services) के विवादों के लिए है, जिसकी सीमा ₹10 लाख तक है। पर NALSA के अनुसार यह वही विवाद तय कर सकती है जो किसी अपराध से जुड़ा न हो। ट्रैफिक चालान मोटर वाहन एक्ट के अपराध से जुड़ा होता है, इसलिए उसके लिए Permanent Lok Adalat नहीं, बल्कि नेशनल/नियमित लोक अदालत, वर्चुअल कोर्ट या संबंधित अदालत का रास्ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ट्रैफिक चालान लोक अदालत में निपट सकता है?

हां, अगर अपराध compoundable है और आयोजक प्राधिकरण/ट्रैफिक पुलिस ने उस लोक अदालत में ट्रैफिक चालान शामिल किए हैं। नशे में ड्राइविंग जैसे non-compoundable अपराध लोक अदालत में नहीं निपटते।

अगली नेशनल लोक अदालत कब है?

तारीख NALSA, अपने राज्य/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस की official सूचना से ही जानें। कई राज्य अलग तारीख पर लोक अदालत लगाते हैं और तारीख बदल भी जाती है।

क्या लोक अदालत में चालान माफ या आधा हो जाता है?

इसकी कोई गारंटी नहीं है। निपटारा लोक अदालत बेंच के सामने समझौते से होता है। आधा चालान या माफी का दावा करने वाले अनजान लिंक और एजेंट से सावधान रहें।

लोक अदालत के फैसले के खिलाफ अपील हो सकती है?

नहीं। NALSA के अनुसार लोक अदालत का award अंतिम और बाध्यकारी है, इसके खिलाफ अपील नहीं होती। असंतुष्ट पक्ष कानूनी प्रक्रिया से उचित अदालत में मुकदमा कर सकता है।

नशे में ड्राइविंग का चालान लोक अदालत में क्यों नहीं जाता?

मोटर वाहन एक्ट की धारा 185 का अपराध धारा 200 की compounding सूची में नहीं है, और NALSA के नियम के अनुसार non-compoundable अपराध लोक अदालत में नहीं निपट सकते। यह मामला अदालत में चलता है।

लोक अदालत में जाने के लिए कोई फीस लगती है?

लोक अदालत में मामला ले जाने की कोई कोर्ट फीस नहीं है। निपटारे में जो चालान राशि तय हो, वह भरनी होती है।

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