मूल निवास प्रमाण पत्र (State Domicile): किस राज्य में कितने साल रहना ज़रूरी, कहां बनता है
सीधा जवाब
मूल निवास या डोमिसाइल प्रमाण पत्र राज्य सरकार का दस्तावेज़ है, जो बताता है कि आप उस राज्य के निवासी हैं। इसे तहसीलदार/SDM जैसे राजस्व अधिकारी राज्य के सेवा पोर्टल या तहसील कार्यालय से जारी करते हैं; कोई केंद्रीय या राष्ट्रीय पोर्टल नहीं है। कितने साल रहने पर बनेगा, यह हर राज्य का अपना नियम है: जैसे दिल्ली में 3 साल, गुजरात में 10 साल, हरियाणा में 15 साल (या वहीं जन्म) और हिमाचल में 20 साल (या स्थायी घर)।
- कौन जारी करता है
- राज्य का राजस्व विभाग (तहसील/SDM)
- आवेदन
- राज्य सेवा पोर्टल, CSC या तहसील
- निवास की अवधि
- हर राज्य में अलग (3 से 20 साल तक)
- फीस
- राज्य के हिसाब से
🏪 मूल निवास प्रमाण पत्र फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: CSC सेंटर देखें
किस राज्य में कितने साल का निवास ज़रूरी
हमारी राज्यवार गाइडों में जांचे गए कुछ नियम:
| राज्य | मुख्य शर्त |
|---|---|
| दिल्ली | पिछले 3 साल से लगातार निवास |
| गुजरात | 10 साल निवास का सबूत |
| हरियाणा | हरियाणा में जन्म या 15 साल निवास |
| छत्तीसगढ़ | 15 साल निवास का प्रमाण |
| गोवा | 15 साल से ज़्यादा निवास (स्व-घोषणा) |
| जम्मू-कश्मीर | 15 साल निवास या 7 साल पढ़ाई (शर्तों के साथ) |
| हिमाचल प्रदेश | स्थायी घर या 20 साल निवास |
बाकी राज्यों के नियम, पोर्टल और कागज़ हमारी निवास प्रमाण पत्र गाइड की राज्य तालिका में देखें।
आम तौर पर लगने वाले कागज़
- पहचान पत्र: आधार, वोटर ID या दूसरा सरकारी पहचान पत्र
- निवास की अवधि का सबूत: पुराने राशन कार्ड, बिजली बिल, ज़मीन/मकान के कागज़, स्कूल प्रमाण पत्र, वोटर लिस्ट में नाम
- जन्म प्रमाण पत्र (राज्य में जन्म के आधार पर आवेदन हो तो)
- राज्य के फॉर्मेट में शपथ पत्र/स्व-घोषणा; कहीं पंचायत/पार्षद या पटवारी की रिपोर्ट
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
कैसे आवेदन करें
- अपने राज्य का सेवा पोर्टल खोलें (जैसे ई-डिस्ट्रिक्ट/सेवा सेतु/सरल) और "Domicile / Residence / निवास प्रमाण पत्र" सेवा चुनें।
- फॉर्म भरें, कागज़ अपलोड करें और राज्य की तय फीस भरें।
- आवेदन संख्या संभालें; जांच के बाद तहसीलदार/SDM प्रमाण पत्र जारी करते हैं और कई राज्यों में यह पोर्टल या DigiLocker से डाउनलोड होता है।
- खुद न कर पाएं तो नज़दीकी CSC या तहसील कार्यालय से आवेदन करवाएं।
मूल निवास प्रमाण पत्र उसी राज्य से बनता है जहां आप रहते हैं। दो राज्यों से डोमिसाइल बनवाना कई राज्यों में गलत घोषणा माना जाता है।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 15 अक्टूबर 2026
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मूल निवास प्रमाण पत्र कौन बनाता है?
राज्य सरकार का राजस्व विभाग, आम तौर पर तहसीलदार, SDM या मामलतदार। आवेदन राज्य के सेवा पोर्टल, CSC या तहसील से होता है।
क्या हर राज्य में 10-15 साल रहना ज़रूरी है?
नहीं। हर राज्य का नियम अलग है, जैसे दिल्ली में 3 साल, गुजरात में 10, हरियाणा में 15 (या जन्म) और हिमाचल में 20 साल (या स्थायी घर)।
क्या कोई राष्ट्रीय पोर्टल है जहां से हर राज्य का डोमिसाइल बने?
नहीं। हर राज्य का अपना पोर्टल और नियम है। "edistrict.gov.in" जैसा कोई एक केंद्रीय पोर्टल नहीं है।
डोमिसाइल प्रमाण पत्र कहां काम आता है?
राज्य कोटे में दाखिला, राज्य की छात्रवृत्ति, राज्य सरकार की नौकरी और ऐसी योजनाएं जिनमें उसी राज्य का निवासी होना शर्त है।
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