RTI द्वितीय अपील फॉर्मेट 2026: सूचना आयोग में अपील कैसे करें
सीधा जवाब
पहली अपील पर फैसला न आए या फैसले के बाद भी पूरी जानकारी न मिले, तो RTI अधिनियम की धारा 19(3) के तहत 90 दिन के अंदर सूचना आयोग में दूसरी अपील होती है। केंद्र सरकार के दफ्तर के लिए केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और राज्य सरकार के दफ्तर के लिए राज्य सूचना आयोग। CIC में दूसरी अपील की कोई फीस नहीं है, लेकिन RTI नियम 2012 के नियम 8 वाले कागज़ (RTI आवेदन, जवाब, पहली अपील, उसका आदेश) साथ लगाना ज़रूरी है।
- कानून
- RTI अधिनियम 2005, धारा 19(3)
- समय सीमा
- पहली अपील का फैसला मिलने/होने की तारीख से 90 दिन
- किसे
- केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग
- फीस (CIC)
- कोई फीस नहीं
राज्य सूचना आयोगों के नियम, फॉर्म और फीस राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं। राज्य के दफ्तर के मामले में अपने राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट या दफ्तर से पुष्टि कर लें।
अपना RTI दूसरी अपील बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- पहली अपील के 30/45 दिन बाद भी अपीलीय अधिकारी ने फैसला नहीं दिया
- पहली अपील के आदेश के बाद भी PIO ने जानकारी नहीं दी
- अपीलीय अधिकारी का फैसला गलत या अधूरा लगता है
- आप PIO पर देरी के लिए जुर्माने (धारा 20) की मांग करना चाहते हैं
किसे लिखें: केंद्र सरकार के मंत्रालय, विभाग, बैंक, रेलवे आदि के लिए केंद्रीय सूचना आयोग, बाबा गंग नाथ मार्ग, मुनिरका, नई दिल्ली को; राज्य सरकार या पंचायत/नगर निकाय के दफ्तर के लिए अपने राज्य सूचना आयोग को (पता आयोग की वेबसाइट पर)।
साथ में क्या लगाएं
- RTI आवेदन की कॉपी (फीस के प्रमाण के साथ)
- PIO का जवाब, अगर आया हो
- पहली अपील की कॉपी और उसका आदेश, अगर आया हो
- दस्तावेज़ों की सूची (इंडेक्स); हर पन्ने पर स्व-प्रमाणित हस्ताक्षर
- अपील की एक कॉपी PIO और प्रथम अपीलीय अधिकारी को भेजने की डाक रसीद
कैसे और कहां जमा करें
- अपील प्रिंट करें, हर पन्ने पर हस्ताक्षर करें और सभी कागज़ स्व-प्रमाणित करके लगाएं।
- अपील की एक-एक कॉपी PIO और प्रथम अपीलीय अधिकारी को डाक से भेजें और रसीद संभालें।
- मूल अपील स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक से आयोग के पते पर भेजें, या आयोग में हाथ से जमा करें।
- केंद्रीय सूचना आयोग में दूसरी अपील ऑनलाइन भी होती है: cic.gov.in पर अपील/शिकायत का लिंक खोलें और हस्ताक्षर वाले स्कैन कागज़ अपलोड करें। कई राज्य सूचना आयोगों के भी अपने पोर्टल हैं।
- आयोग अपील दर्ज करके सुनवाई की सूचना भेजता है; सुनवाई में खुद या वीडियो/फोन से शामिल हो सकते हैं।
ध्यान दें
- कागज़ अधूरे हों तो आयोग अपील लौटा देता है (नियम 9); सारे कागज़ और इंडेक्स ज़रूर लगाएं।
- पहली अपील किए बिना सीधे दूसरी अपील नहीं होती; जवाब बिल्कुल न मिला हो तो धारा 18 में शिकायत का रास्ता अलग है।
- प्रार्थना साफ लिखें: पूरी सूचना, मुफ्त सूचना (धारा 7(6)), और चाहें तो PIO पर जुर्माना (धारा 20)।
- 90 दिन निकल गए हों तो देरी का कारण अलग पैराग्राफ में लिखें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
RTI आवेदन और अपील: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
RTI की दूसरी अपील कितने दिन में करनी होती है?
पहली अपील का फैसला मिलने या फैसले की तय तारीख निकलने के 90 दिन के अंदर। उचित कारण हो तो आयोग देर से अपील भी ले सकता है।
दूसरी अपील की फीस कितनी है?
केंद्रीय सूचना आयोग में कोई फीस नहीं है। राज्य सूचना आयोग के लिए राज्य के नियम देखें।
दूसरी अपील के साथ कौन से कागज़ लगते हैं?
RTI आवेदन, PIO का जवाब (अगर आया), पहली अपील, उसका आदेश (अगर आया), दस्तावेज़ों की सूची, और PIO व अपीलीय अधिकारी को कॉपी भेजने का प्रमाण।
दूसरी अपील CIC में करें या राज्य आयोग में?
जिस दफ्तर से जानकारी मांगी थी वह केंद्र सरकार का है (जैसे रेलवे, सरकारी बैंक, डाक, केंद्रीय मंत्रालय) तो CIC; राज्य सरकार, जिला, पंचायत या नगर निकाय का है तो राज्य सूचना आयोग।
क्या आयोग PIO पर जुर्माना लगा सकता है?
हां। धारा 20 के तहत बिना उचित कारण देरी या जानकारी न देने पर आयोग PIO पर जुर्माना लगा सकता है। अपील की प्रार्थना में इसकी मांग लिख सकते हैं।
दूसरे आवेदन पत्र
सभी फॉर्मेट ›ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं