🎓 नौकरी और शिक्षा

राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS)

उद्योग में नौकरी-पर-प्रशिक्षण शिक्षुता को प्रोत्साहित करती है, सरकार शिक्षुओं को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं को वजीफे का एक हिस्सा प्रतिपूर्ति करती है।

🔗 आधिकारिक लिंक

📝 ऑनलाइन आवेदन करें

उम्मीदवार अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर जॉब सीकर के रूप में पंजीकरण करते हैं और प्रतिष्ठानों द्वारा पोस्ट किए गए शिक्षुता अवसरों के लिए आवेदन करते हैं।

  1. शैक्षणिक योग्यता और कौशल विवरण के साथ उम्मीदवार के रूप में पंजीकरण करें।
  2. पोर्टल पर कंपनियों द्वारा पोस्ट किए गए शिक्षुता अवसरों को ब्राउज़ करें और आवेदन करें।
  3. चयन होने पर, शिक्षुता अनुबंध पर हस्ताक्षर करें और मासिक वजीफे के साथ नौकरी-पर-प्रशिक्षण शुरू करें।
आवेदन शुरू करें

☎️ हेल्पलाइन

  • अप्रेंटिसशिप हेल्पलाइन
    1800-121-6200

📋 ज़रूरी दस्तावेज़

  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र (आईटीआई/डिप्लोमा/स्नातक लागू अनुसार)
  • आधार कार्ड
  • वजीफा क्रेडिट के लिए बैंक खाता विवरण

पात्रता

  • 14 वर्ष और उससे अधिक आयु के उम्मीदवार (व्यापार के अनुसार भिन्न), चुने गए शिक्षुता व्यापार के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरा करते हुए।

💵 शुल्क

पंजीकरणनिःशुल्क

⏱️ समयसीमा

  • शिक्षुता अनुबंध आमतौर पर व्यापार के अनुसार 6 महीने से 3 वर्ष तक चलते हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQs)

क्या एक शिक्षु को नियमित कर्मचारी माना जाता है?
नहीं, शिक्षु अप्रेंटिस अधिनियम के तहत प्रशिक्षु होते हैं और नियमित कर्मचारियों के समान लाभों के हकदार नहीं होते, हालांकि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान वजीफा मिलता है।

💬 Questions & Comments

This is a public discussion for this service — not official support. For account-specific help, use the helpline above.

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