फसल नुकसान मुआवजा / PMFBY क्लेम का आवेदन पत्र 2026
सीधा जवाब
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बीमित फसल को ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटने, बिजली से आग जैसी स्थानीय आपदा या कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल को नुकसान हो, तो 72 घंटे के अंदर सूचना देनी होती है: Crop Insurance ऐप, हेल्पलाइन 14447, बीमा कंपनी, बैंक या कृषि विभाग को। बीमा न हो तो भी 33% या ज़्यादा नुकसान पर राज्य आपदा राहत (SDRF) से मुआवजे के लिए तहसीलदार/SDM को आवेदन दिया जाता है।
- सूचना का समय
- 72 घंटे के अंदर (PMFBY, स्थानीय आपदा)
- कहां बताएं
- Crop Insurance ऐप / 14447 / बीमा कंपनी / बैंक / कृषि विभाग
- बिना बीमा
- SDRF मुआवजा: 33% या ज़्यादा नुकसान, अधिकतम 2 हेक्टेयर
- वेबसाइट
- pmfby.gov.in
फसल बीमा क्लेम की राशि और सरकारी मुआवजे की दरें फसल, ज़िले और राज्य के हिसाब से अलग हैं और समय-समय पर बदलती हैं। अपने ज़िले की बीमा कंपनी और दरें कृषि विभाग से पूछें।
अपना फसल नुकसान मुआवजा आवेदन बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- ओलावृष्टि, आंधी, जलभराव या बिजली से आग से खड़ी फसल खराब हुई
- कटाई के बाद खेत में सूख रही फसल बेमौसम बारिश/ओलों से खराब हुई
- बीमा क्लेम की सूचना दी पर सर्वे या भुगतान नहीं हुआ
- बीमा नहीं था, सरकारी आपदा राहत/मुआवजा चाहिए
किसे लिखें: फसल बीमा क्लेम के लिए: बीमा कंपनी (ज़िले में तय कंपनी) या जिस बैंक से बीमा हुआ, उसके शाखा प्रबंधक, और प्रति ज़िला/ब्लॉक कृषि अधिकारी को। सरकारी मुआवजे (SDRF) के लिए तहसीलदार/SDM को।
साथ में क्या लगाएं
- खतौनी/भू-अभिलेख की नकल; बटाईदार/किरायेदार किसान हों तो बटाई/किरायानामा
- PMFBY पॉलिसी या आवेदन की रसीद (बैंक/CSC/पोर्टल से)
- नुकसान वाले खेत की तारीख और लोकेशन वाली फोटो
- आधार और बैंक पासबुक की कॉपी (खाता आधार से जुड़ा हो)
कैसे और कहां जमा करें
- सबसे पहले 72 घंटे के अंदर Crop Insurance ऐप पर फोटो के साथ सूचना दें या 14447 पर कॉल करें; SMS में आई सूचना/डॉकेट संख्या लिख लें।
- फिर यह पत्र बैंक शाखा या ब्लॉक/ज़िला कृषि कार्यालय में जमा करके रिसीविंग लें; बीमा कंपनी 48 घंटे में सर्वेयर नियुक्त करती है।
- सर्वे के समय खेत पर रहें और सर्वे रिपोर्ट पर अपना नुकसान सही लिखवाएं; कॉपी मांगें।
- भुगतान अटके तो 14447 पर उसी डॉकेट नंबर से शिकायत करें, फिर ज़िला स्तरीय शिकायत समिति/ज़िला कृषि अधिकारी को लिखें।
- बीमा न हो तो तहसीलदार/SDM को आवेदन दें; पटवारी/लेखपाल के सर्वे में 33% या ज़्यादा नुकसान दर्ज होने पर राज्य आपदा राहत (SDRF) से सहायता मिलती है।
ध्यान दें
- 72 घंटे की समय सीमा न चूकें; देरी होने पर व्यक्तिगत क्लेम खारिज हो सकता है।
- पूरे इलाके में सूखा/बाढ़ जैसा बड़ा नुकसान हो तो अलग सूचना ज़रूरी नहीं होती, क्लेम क्षेत्र की उपज के आंकड़ों से तय होता है; फिर भी सूचना देना ठीक है।
- बैंक खाता नंबर, OTP किसी फोन करने वाले 'सर्वेयर' को न बताएं।
- हर नुकसान की तारीख वाली फोटो और गवाह रखें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
ज़मीन, तहसील और किसान: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फसल नुकसान की सूचना कितने दिन में देनी होती है?
PMFBY में ओलावृष्टि, जलभराव, बिजली से आग जैसी स्थानीय आपदा और कटाई के बाद के नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर देनी होती है।
फसल बीमा की शिकायत/सूचना कहां दें?
Crop Insurance ऐप, कृषि रक्षक हेल्पलाइन 14447, बीमा कंपनी, बैंक शाखा या कृषि विभाग में। सूचना की डॉकेट संख्या संभाल कर रखें।
बीमा नहीं है तो मुआवजा कैसे मिलेगा?
तहसीलदार/SDM को आवेदन दें। राजस्व विभाग के सर्वे में 33% या ज़्यादा नुकसान होने पर राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) से प्रति हेक्टेयर सहायता मिलती है, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।
क्या बटाईदार किसान भी क्लेम कर सकता है?
PMFBY में बटाईदार/किरायेदार किसान भी बीमा करा सकते हैं, अगर राज्य के नियम से ज़रूरी कागज़ (बटाई घोषणा आदि) हों। जिसने बीमा कराया, वही क्लेम करेगा।
फसल बीमा का पैसा कितने दिन में आता है?
सर्वे और आकलन के बाद बीमा कंपनी सीधे बैंक खाते में भेजती है; समय योजना के नियम और राज्य की प्रक्रिया पर निर्भर है। देरी हो तो 14447 पर शिकायत करें।
दूसरे आवेदन पत्र
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