बिजली मीटर बदलने/जांच/शिफ्ट करने का आवेदन पत्र 2026
सीधा जवाब
मीटर खराब हो, जल गया हो, बंद हो या खपत से ज़्यादा तेज़ चल रहा हो, तो अपनी बिजली कंपनी (DISCOM) के उपखंड अधिकारी (SDO/AE) को लिखित आवेदन दें। बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम 2020 के अनुसार रीडिंग की शिकायत पर कंपनी को 5 दिन में जांच के लिए एक अतिरिक्त (चेक) मीटर लगाना होता है, और जो मीटर उपभोक्ता की गलती के बिना खराब/जला हो, उसे कंपनी अपने खर्च पर बदलती है। मीटर की जगह बदलनी (शिफ्ट) हो तो पूरा आवेदन देने के बाद शहर में 7 दिन और गांव में 15 दिन की सीमा है।
- किसे दें
- DISCOM का उपखंड अधिकारी (SDO/AE/JE)
- तेज़ मीटर की शिकायत
- 5 दिन में चेक मीटर, कम से कम 3 महीने
- खराब/जला मीटर
- उपभोक्ता की गलती नहीं तो कंपनी के खर्च पर बदलेगी
- मीटर शिफ्ट
- महानगर 3, शहर 7, गांव 15, पहाड़ी गांव 30 दिन
अपना बिजली मीटर बदलने का आवेदन बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- मीटर बंद है, डिस्प्ले नहीं दिखता या जल गया है
- बिल अचानक बहुत ज़्यादा आने लगा और मीटर तेज़ चलने का शक है
- मीटर की सील टूटी हुई मिली या मीटर क्षतिग्रस्त है
- घर बनाने/मरम्मत के कारण मीटर को दूसरी जगह (बाहर दीवार/खंभे पर) शिफ्ट करवाना है
किसे लिखें: अपने इलाके की बिजली कंपनी के उपखंड अधिकारी (SDO) / सहायक अभियंता (AE) को, या जहां बिल में लिखा उपखंड/सब-डिवीज़न कार्यालय है। कई कंपनियों में यही काम ऑनलाइन पोर्टल/ऐप या 1912 जैसी हेल्पलाइन से भी दर्ज होता है।
साथ में क्या लगाएं
- पिछले 3-6 महीने के बिजली बिल की कॉपी (तेज़ मीटर की शिकायत में खपत की तुलना के लिए)
- मीटर की फोटो, जिसमें रीडिंग/डिस्प्ले/सील दिखे
- पहचान पत्र; मीटर शिफ्ट के लिए मकान का मालिकाना/कब्ज़े का प्रमाण (अगर कंपनी मांगे)
कैसे और कहां जमा करें
- पहले बिजली कंपनी की हेल्पलाइन, ऐप या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या लें (कई राज्यों में 1912)।
- यह आवेदन दो कॉपी में उपखंड कार्यालय में जमा करें; एक पर मुहर और तारीख के साथ रिसीविंग लें। शिफ्टिंग के लिए कंपनी का फॉर्म और फीस (अगर हो) भी जमा करें।
- मीटर जांच के समय खुद मौजूद रहें और जांच रिपोर्ट की कॉपी मांगें।
- तय समय में काम न हो तो DISCOM के उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) में शिकायत करें; वहां से संतुष्ट न हों तो विद्युत लोकपाल (Electricity Ombudsman) के पास जाएं।
ध्यान दें
- मीटर के साथ खुद छेड़छाड़ न करें, न सील तोड़ें; इसे बिजली चोरी माना जा सकता है।
- जला मीटर बदलवाने से पहले देखें कि घर की वायरिंग में खराबी तो नहीं; गलती उपभोक्ता की निकली तो खर्च आपसे लिया जा सकता है।
- शिकायत के बाद भी पूरा बिल न रोकें; विवादित रकम पर नियम के अनुसार औसत या विरोध के साथ भुगतान करें, ताकि कनेक्शन न कटे।
- मीटर बदलने के बदले किसी कर्मचारी को नकद पैसा न दें; जो शुल्क हो उसकी रसीद लें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
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ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिजली मीटर खराब हो तो आवेदन किसे दें?
अपनी बिजली कंपनी के उपखंड अधिकारी (SDO/AE) को, जिसका नाम और पता आपके बिल पर लिखा होता है। साथ में हेल्पलाइन/ऐप पर भी शिकायत दर्ज करें।
मीटर तेज़ चल रहा हो तो क्या करें?
लिखित शिकायत दें। बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम के अनुसार कंपनी को 5 दिन में एक अतिरिक्त चेक मीटर लगाना होता है, जो कम से कम 3 महीने खपत जांचने के लिए रहता है। मीटर की लैब जांच भी करवा सकते हैं।
जला हुआ मीटर बदलने का पैसा कौन देगा?
अगर मीटर उपभोक्ता की गलती के बिना जला या खराब हुआ है, तो कंपनी अपने खर्च पर नया मीटर लगाती है। गलती उपभोक्ता की पाई जाए तो खर्च लिया जा सकता है।
मीटर शिफ्ट करवाने में कितना समय लगता है?
पूरा आवेदन जमा होने के बाद महानगर में 3 दिन, दूसरे शहरों में 7 दिन, गांव में 15 दिन और पहाड़ी गांवों में 30 दिन तक। फीस राज्य/DISCOM के नियम से तय होती है।
मीटर जांच की फीस कितनी है?
यह हर राज्य के बिजली आयोग/DISCOM के नियम से तय होती है। आवेदन में लिखित में फीस पूछें और रसीद लें।
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