मौजूदा आयकर नियमों के अनुसार, आधार से लिंक न किया गया PAN इनऑपरेटिव हो जाता है — रद्द नहीं होता, लेकिन अधिकतर वित्तीय कामों के लिए प्रभावी रूप से रुक जाता है।
"इनऑपरेटिव" का असल मतलब
- उस PAN से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर सकते।
- TDS/TCS ज़्यादा दर पर काटा जाता है।
- बैंक, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संस्थाएं उस PAN से जुड़े लेनदेन को अस्वीकार कर सकती हैं।
- पेंडिंग रिफंड रुक सकते हैं।
इसे कैसे ठीक करें
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
- Quick Links में "Link Aadhaar" पर जाएं।
- ऑनलाइन (e-Pay Tax के ज़रिए) लागू विलंब शुल्क भरें।
- लिंकिंग अनुरोध सबमिट करें — शुल्क भुगतान सत्यापित होते ही आमतौर पर कुछ दिनों में आधार-PAN लिंक हो जाता है।
लिंक होने के बाद आपका PAN फिर से ऑपरेटिव हो जाता है, लेकिन बैंक और अन्य संस्थाओं को अपडेटेड स्टेटस दिखाने में थोड़ा समय लग सकता है — इसलिए लिंक होने के कुछ दिनों बाद भी अगर कोई लेनदेन फ्लैग हो तो घबराएं नहीं।