वेतन न मिलने की शिकायत श्रम विभाग को 2026: तैयार पत्र
सीधा जवाब
मालिक या कंपनी वेतन/मज़दूरी नहीं दे रही तो आप अपने ज़िले के श्रम विभाग (सहायक श्रम आयुक्त / श्रम प्रवर्तन अधिकारी) को लिखित शिकायत दे सकते हैं। Code on Wages 2019 के अनुसार मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख से पहले देना होता है, और नौकरी छूटने/इस्तीफे पर बकाया 2 कार्य-दिवस में। वेतन के दावे के लिए 3 साल तक का समय है। केंद्र क्षेत्र के संस्थानों के लिए ऑनलाइन SAMADHAN पोर्टल भी है।
- किसे दें
- ज़िले का श्रम कार्यालय (सहायक श्रम आयुक्त/निरीक्षक)
- वेतन कब तक
- मासिक वेतन: अगले महीने की 7 तारीख से पहले
- दावे की समय-सीमा
- 3 साल के अंदर (Code on Wages धारा 45)
- ऑनलाइन
- samadhan.labour.gov.in (केंद्र क्षेत्र)
अपना वेतन न मिलने की शिकायत बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- एक या ज़्यादा महीने का वेतन/मज़दूरी नहीं मिली
- नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के बाद बकाया (फुल एंड फाइनल) नहीं मिला
- न्यूनतम मज़दूरी से कम पैसा या बिना कारण वेतन कटौती
- ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया गया
किसे लिखें: जहां आप काम करते थे उस ज़िले के श्रम विभाग / सहायक श्रम आयुक्त (Assistant Labour Commissioner) / श्रम प्रवर्तन अधिकारी को। रेलवे, बैंक, खदान, केंद्रीय PSU, ठेके पर केंद्र सरकार का काम जैसे केंद्र क्षेत्र के संस्थानों के लिए क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) या SAMADHAN पोर्टल।
साथ में क्या लगाएं
- काम करने का कोई भी सबूत: नियुक्ति पत्र, ID कार्ड, सैलरी स्लिप, हाज़िरी रजिस्टर की फोटो, गेट पास
- बैंक स्टेटमेंट/पासबुक, जिसमें पहले वेतन आया हो; नकद वेतन मिलता था तो साथी मज़दूरों के नाम (गवाह)
- मालिक से वेतन मांगने के मैसेज, कॉल रिकॉर्ड या पत्र की कॉपी
- पहचान पत्र (आधार/ई-श्रम कार्ड) की कॉपी
कैसे और कहां जमा करें
- पहले मालिक/HR को लिखित में एक बार बकाया मांगें और उसकी कॉपी रखें।
- यह शिकायत दो कॉपी में ज़िले के श्रम कार्यालय में जमा करें; एक कॉपी पर मुहर और तारीख के साथ रिसीविंग लें। कई राज्यों में श्रम विभाग का ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी है।
- केंद्र क्षेत्र का संस्थान हो तो SAMADHAN पोर्टल पर ऑनलाइन दावा करें (UMANG ऐप या CSC से भी)।
- श्रम अधिकारी दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह कराते हैं; न हो तो दावा प्राधिकारी (claim authority) सुनवाई करके आदेश देता है। कानून के अनुसार प्राधिकारी को 3 महीने में फैसला करना होता है।
- सुनवाई की हर तारीख पर जाएं और सबूत साथ रखें।
ध्यान दें
- हर महीने की बकाया राशि अलग-अलग लिखें और कुल जोड़ सही रखें।
- दावा 3 साल के अंदर करें; जितनी जल्दी करें, सबूत जुटाना उतना आसान।
- शिकायत में गाली या धमकी की भाषा न लिखें; सिर्फ तथ्य लिखें।
- PF/ESI भी कटा पर जमा नहीं हुआ तो अलग से EPFO/ESIC में शिकायत करें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
नौकरी और दफ्तर: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वेतन न मिले तो शिकायत कहां करें?
अपने ज़िले के श्रम विभाग (सहायक श्रम आयुक्त/श्रम प्रवर्तन अधिकारी) को लिखित शिकायत दें। केंद्र क्षेत्र के संस्थान (जैसे रेलवे, बैंक, खदान, केंद्रीय PSU) के लिए SAMADHAN पोर्टल पर ऑनलाइन दावा कर सकते हैं।
कानून के अनुसार वेतन कब तक मिलना चाहिए?
Code on Wages 2019 की धारा 17 के अनुसार मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख से पहले। नौकरी छूटने, निकाले जाने या इस्तीफे पर बकाया 2 कार्य-दिवस में।
बकाया वेतन का दावा कितने समय तक कर सकते हैं?
Code on Wages की धारा 45 के तहत दावा उस तारीख से 3 साल के अंदर किया जा सकता है, जब से भुगतान बकाया हुआ।
नियुक्ति पत्र या सैलरी स्लिप नहीं है, क्या शिकायत होगी?
हां। बैंक में आया पिछला वेतन, हाज़िरी की फोटो, ID कार्ड, मैसेज या साथी मज़दूरों की गवाही भी सबूत के तौर पर दी जा सकती है।
क्या शिकायत की कोई फीस है?
श्रम कार्यालय या SAMADHAN पोर्टल पर शिकायत/दावे के लिए आम तौर पर कोई फीस नहीं लगती; किसी दलाल को पैसा न दें।
दूसरे आवेदन पत्र
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