स्कूल छुट्टी प्रार्थना पत्र 2026: कक्षा अध्यापक/प्रधानाचार्य को
सीधा जवाब
स्कूल से छुट्टी लेने के लिए कक्षा अध्यापक (Class Teacher) या प्रधानाचार्य (Principal) को छोटा प्रार्थना पत्र लिखा जाता है, जिसमें छात्र का नाम, कक्षा, छुट्टी की तारीखें और कारण होता है। छोटे बच्चों के लिए पत्र पर माता-पिता/अभिभावक के हस्ताक्षर ज़रूरी होते हैं। लंबी बीमारी की छुट्टी में डॉक्टर का पर्चा या मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लगाएं। नीचे जानकारी भरें, पत्र तैयार हो जाएगा।
- किसे दें
- कक्षा अध्यापक; 2-3 दिन से ज़्यादा हो तो प्रधानाचार्य
- कब दें
- पहले से पता हो तो छुट्टी से पहले; बीमारी में लौटते ही
- साथ में
- लंबी बीमारी: डॉक्टर का पर्चा/मेडिकल सर्टिफिकेट
- ध्यान रहे
- बोर्ड परीक्षा के लिए न्यूनतम उपस्थिति (attendance) ज़रूरी होती है
अपना स्कूल छुट्टी प्रार्थना पत्र बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- बुखार, बीमारी या चोट के कारण स्कूल न आ पाना
- घर में शादी, किसी परिजन का निधन या ज़रूरी पारिवारिक काम
- गांव/दूसरे शहर जाना या डॉक्टर के पास जाना
- पहले ली गई छुट्टी के बाद लौटने पर लिखित जानकारी देनी हो
किसे लिखें: आम तौर पर कक्षा अध्यापक को। ज़्यादा दिन की छुट्टी, परीक्षा के समय की छुट्टी या स्कूल का नियम कहे तो प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक को (कक्षा अध्यापक के ज़रिए)।
साथ में क्या लगाएं
- बीमारी की लंबी छुट्टी में डॉक्टर का पर्चा या मेडिकल सर्टिफिकेट (स्कूल मांगे तो)
- शादी के लिए छुट्टी में चाहें तो निमंत्रण कार्ड की कॉपी
कैसे और कहां जमा करें
- पत्र प्रिंट करें या स्कूल डायरी/कॉपी के पन्ने पर साफ-साफ लिखें; अभिभावक से हस्ताक्षर कराएं।
- छुट्टी पहले से पता हो तो छुट्टी शुरू होने से पहले कक्षा अध्यापक को दें; अचानक बीमारी में किसी साथी के हाथ भिजवाएं या लौटने के पहले दिन जमा करें।
- कई स्कूल WhatsApp/ऐप पर सूचना भी लेते हैं; फिर भी लौटकर लिखित पत्र दे दें।
- परीक्षा या प्रैक्टिकल वाले दिन छुट्टी हो तो प्रधानाचार्य से बात करें और दोबारा परीक्षा का नियम पूछें।
ध्यान दें
- छुट्टी की तारीखें साफ लिखें (से–तक); सिर्फ "2 दिन" लिखने से गड़बड़ होती है।
- बोर्ड कक्षाओं (10वीं/12वीं) में उपस्थिति कम होने पर परीक्षा में बैठने में दिक्कत हो सकती है; बार-बार की छुट्टी से बचें।
- बीमारी का बहाना बनाकर झूठा कारण न लिखें; बाद में मेडिकल पर्चा मांगा जा सकता है।
- लौटकर छूटा हुआ काम साथी की कॉपी से पूरा कर लें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
स्कूल और कॉलेज: और फॉर्मेट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्कूल छुट्टी का प्रार्थना पत्र किसे लिखें?
आम तौर पर कक्षा अध्यापक को। ज़्यादा दिन की छुट्टी हो या स्कूल का नियम कहे तो प्रधानाचार्य को लिखें और कक्षा अध्यापक के ज़रिए दें।
बीमारी की छुट्टी में मेडिकल सर्टिफिकेट ज़रूरी है?
1-2 दिन के लिए अक्सर अभिभावक का पत्र काफी होता है। लंबी बीमारी में ज़्यादातर स्कूल डॉक्टर का पर्चा या मेडिकल सर्टिफिकेट मांगते हैं; अपने स्कूल का नियम पूछ लें।
छुट्टी के बाद पत्र दे सकते हैं?
हां, अचानक बीमारी में लौटने के पहले दिन पत्र दें और उसमें छुट्टी की पूरी तारीखें लिखें।
क्या अभिभावक के हस्ताक्षर ज़रूरी हैं?
स्कूल के छात्रों के लिए हां, ज़्यादातर स्कूल अभिभावक के हस्ताक्षर वाला पत्र ही मानते हैं। कॉलेज में छात्र खुद हस्ताक्षर करते हैं।
ज़्यादा छुट्टी से क्या नुकसान है?
बोर्ड और कई राज्यों के नियमों में परीक्षा के लिए न्यूनतम उपस्थिति ज़रूरी है। उपस्थिति कम हो तो प्रवेश पत्र रुक सकता है, इसलिए छुट्टी सोच-समझकर लें।
दूसरे आवेदन पत्र
सभी फॉर्मेट ›ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं