स्कूल में दाखिले के लिए आवेदन पत्र 2026: प्रधानाचार्य को लिखें
सीधा जवाब
बच्चे के दाखिले के लिए अभिभावक की ओर से स्कूल के प्रधानाचार्य को यह पत्र दिया जाता है, खासकर जब स्कूल का अपना प्रवेश फॉर्म न हो, बीच सत्र में शहर बदला हो या सीट के लिए लिखित निवेदन चाहिए। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के तहत 6 से 14 साल के बच्चे को सरकारी स्कूल में मुफ्त प्रवेश मिलता है; उम्र का प्रमाण न होने (धारा 14) या सत्र शुरू होने के बाद आने (धारा 15) पर प्रवेश से मना नहीं किया जा सकता।
- किसे दें
- स्कूल के प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक
- कानून
- RTE अधिनियम 2009: धारा 13, 14, 15
- कैपिटेशन/टेस्ट
- प्राथमिक कक्षाओं में कैपिटेशन फीस और बच्चे/माता-पिता का स्क्रीनिंग टेस्ट मना (धारा 13)
- शिकायत
- ब्लॉक/ज़िला शिक्षा अधिकारी; बाल अधिकार आयोग (SCPCR)
अपना स्कूल प्रवेश आवेदन पत्र बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- नए सत्र में बच्चे का पहली बार या अगली कक्षा में दाखिला कराना है
- शहर/घर बदलने से बीच सत्र में नए स्कूल में प्रवेश चाहिए
- स्कूल ने जन्म प्रमाण पत्र या TC न होने पर प्रवेश टाल दिया है
- स्कूल छोड़ चुके बच्चे को उम्र के हिसाब से कक्षा में फिर से दाखिला दिलाना है
किसे लिखें: जिस स्कूल में दाखिला चाहिए उसके प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक को। सरकारी स्कूल में मना करने पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) / ज़िला शिक्षा अधिकारी को इसकी कॉपी दें।
साथ में क्या लगाएं
- जन्म प्रमाण पत्र या आयु का कोई और प्रमाण (अस्पताल का रिकॉर्ड, आंगनवाड़ी रिकॉर्ड, माता-पिता का शपथ पत्र)
- पिछले स्कूल की TC और अंकतालिका (अगर बच्चा पहले पढ़ चुका है)
- बच्चे और अभिभावक के आधार/पहचान पत्र की कॉपी, 2-4 पासपोर्ट फोटो
- पते का प्रमाण; जाति/आय प्रमाण पत्र सिर्फ तब जब किसी योजना/कोटे का लाभ लेना हो
कैसे और कहां जमा करें
- पहले स्कूल से पूछें कि उसका अपना प्रवेश फॉर्म है या नहीं; हो तो फॉर्म के साथ यह पत्र लगाएं।
- पत्र और कागज़ों की कॉपी स्कूल कार्यालय में जमा करें और एक कॉपी पर रिसीविंग लें।
- प्राइवेट स्कूल की 25% RTE सीट के लिए आवेदन राज्य के RTE पोर्टल से होता है, सीधे स्कूल से नहीं।
- सरकारी स्कूल प्रवेश न दे या कागज़ के नाम पर टाले, तो रिसीविंग के साथ खंड/ज़िला शिक्षा अधिकारी को लिखें; फिर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) में शिकायत कर सकते हैं।
ध्यान दें
- कक्षा 1 के लिए न्यूनतम उम्र राज्य/बोर्ड तय करता है; पहले स्कूल का नोटिस देखें।
- पुराने स्कूल ने TC देर से दी हो तो भी प्रवेश रोका नहीं जाना चाहिए (RTE धारा 5); TC मांगने का पत्र अलग से दें।
- प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-8) में बच्चे या माता-पिता का इंटरव्यू/टेस्ट लेना RTE धारा 13 में मना है।
- फीस/डोनेशन की कोई मांग लिखित रसीद के बिना न दें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
स्कूल और कॉलेज: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्कूल में दाखिले के लिए आवेदन किसे लिखें?
स्कूल के प्रधानाचार्य को। पत्र में बच्चे का नाम, जन्म तिथि, कक्षा, पिछला स्कूल और अपना पता-मोबाइल लिखें।
जन्म प्रमाण पत्र न हो तो क्या दाखिला नहीं मिलेगा?
RTE अधिनियम की धारा 14 के अनुसार उम्र का प्रमाण न होने पर प्रारंभिक शिक्षा में प्रवेश से मना नहीं किया जा सकता। अस्पताल/आंगनवाड़ी रिकॉर्ड या माता-पिता का शपथ पत्र दिया जा सकता है।
बीच सत्र में स्कूल में दाखिला हो सकता है?
हां। RTE की धारा 15 के अनुसार सत्र शुरू होने के बाद आए बच्चे को भी तय बढ़ी हुई अवधि में प्रवेश देना होता है; बाद में आने पर भी पढ़ाई पूरी कराने की व्यवस्था होती है।
प्राइवेट स्कूल में मुफ्त सीट (RTE 25%) के लिए यही पत्र चलेगा?
नहीं। 25% सीटों पर दाखिला राज्य के RTE पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी से होता है। दाखिला न मिलने पर हमारा RTE शिकायत पत्र इस्तेमाल करें।
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