फीस माफी / फीस में छूट के लिए प्रार्थना पत्र 2026
सीधा जवाब
आर्थिक तंगी, पिता की नौकरी छूटने, बीमारी या परिवार में मृत्यु जैसी स्थिति में प्रधानाचार्य (स्कूल) या प्राचार्य/प्रबंधन (कॉलेज) को फीस माफी या छूट का प्रार्थना पत्र दिया जाता है। प्राइवेट स्कूल/कॉलेज में छूट देना प्रबंधन के फैसले पर होता है, इसलिए कारण सच्चा और सबूत के साथ लिखें। ध्यान दें: सरकारी स्कूल में कक्षा 1-8 की पढ़ाई मुफ्त है, और RTE धारा 12(1)(c) की 25% सीट पर दाखिला लेने वाले बच्चों से प्राइवेट स्कूल फीस नहीं ले सकते।
- किसे दें
- प्रधानाचार्य / कॉलेज प्राचार्य / प्रबंधन समिति
- छूट कितनी
- स्कूल/कॉलेज के नियम और प्रबंधन पर निर्भर
- RTE सीट
- 25% सीट वाले बच्चों की कक्षा 8 तक पढ़ाई मुफ्त
- दूसरा रास्ता
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल और राज्य की छात्रवृत्ति
अपना फीस माफी प्रार्थना पत्र बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- परिवार की आमदनी कम है या कमाने वाले की नौकरी छूट गई
- घर में लंबी बीमारी, दुर्घटना या कमाने वाले सदस्य की मृत्यु
- एक ही स्कूल में दो-तीन भाई-बहन पढ़ रहे हैं (सिबलिंग छूट)
- बाढ़, फसल खराब होने या किसी आपदा से नुकसान
- मेधावी छात्र के लिए फीस में छूट मांगनी हो
किसे लिखें: स्कूल में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक को; कॉलेज में प्राचार्य (Principal) या प्रबंधन/फीस समिति को। कई कॉलेजों में फीस माफी (Freeship) का अपना फॉर्म होता है, वह भी भरें।
साथ में क्या लगाएं
- आय प्रमाण पत्र (तहसील/ऑनलाइन से बना) या BPL/राशन कार्ड की कॉपी
- कारण का सबूत: मेडिकल पर्चे/बिल, मृत्यु प्रमाण पत्र, नौकरी छूटने का पत्र आदि
- पिछली कक्षा की अंकतालिका (अच्छे अंक हों तो मदद मिलती है)
कैसे और कहां जमा करें
- पत्र प्रिंट करें, छात्र और अभिभावक दोनों हस्ताक्षर करें, कागज़ों की कॉपी लगाएं।
- स्कूल ऑफिस/प्रधानाचार्य को दें और एक कॉपी पर रिसीविंग लें; हो सके तो प्रधानाचार्य से मिलकर स्थिति बताएं।
- सत्र की शुरुआत में या फीस की आखिरी तारीख से पहले आवेदन दें; बाद में छूट मिलना मुश्किल होता है।
- साथ ही राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) और अपने राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल पर योग्य योजना में आवेदन करें।
- बच्चा RTE की 25% सीट पर दाखिल है और फिर भी फीस मांगी जा रही है, तो ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) को लिखित शिकायत करें।
ध्यान दें
- कारण सच्चा और ठोस लिखें; गलत जानकारी पकड़ी जाने पर छूट रद्द हो सकती है।
- आमदनी का सबूत (आय प्रमाण पत्र) ज़रूर लगाएं; बिना सबूत ज़्यादातर आवेदन लौट जाते हैं।
- पूरी माफी न मिले तो किस्तों में फीस की अनुमति मांगें; यह अक्सर आसानी से मिल जाती है।
- छूट का फैसला लिखित में लें, ताकि बाद में फीस को लेकर विवाद न हो।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
स्कूल और कॉलेज: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फीस माफी का प्रार्थना पत्र किसे लिखें?
स्कूल में प्रधानाचार्य को, कॉलेज में प्राचार्य या प्रबंधन/फीस समिति को। कई कॉलेजों में फीस माफी (Freeship) का अपना फॉर्म भी होता है।
क्या प्राइवेट स्कूल फीस माफ करने के लिए बाध्य है?
आम तौर पर नहीं; छूट देना प्रबंधन का फैसला है। पर RTE धारा 12(1)(c) की 25% सीट पर दाखिल बच्चों की कक्षा 8 तक पढ़ाई मुफ्त होती है, उनसे फीस नहीं ली जा सकती।
फीस माफी के लिए कौन से कागज़ लगाएं?
आय प्रमाण पत्र या BPL/राशन कार्ड, कारण का सबूत (मेडिकल, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि) और पिछली अंकतालिका।
फीस माफी न मिले तो क्या करें?
किस्तों में फीस की अनुमति मांगें, और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल या राज्य की छात्रवृत्ति योजना में आवेदन करें।
सरकारी स्कूल में फीस लगती है क्या?
RTE कानून के तहत 6 से 14 साल (कक्षा 1-8) की पढ़ाई सरकारी स्कूल में मुफ्त है। 9वीं से आगे की फीस राज्य के नियम से तय होती है।
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