आवारा कुत्तों की शिकायत पत्र 2026: नगर निगम को कैसे लिखें
सीधा जवाब
आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और काबू रखने की ज़िम्मेदारी नगर निगम / नगर पालिका (गांव में पंचायत) की है, जो पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियम 2023 के तहत यह काम करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2025 को कहा कि पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और टीका लगाकर उन्हें उसी इलाके में छोड़ा जाए, पर पागल (रेबीज़) या आक्रामक कुत्ते नहीं छोड़े जाएंगे; 7 नवंबर 2025 के आदेश में स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे जैसे परिसरों से कुत्ते हटाने को कहा। इसी आधार पर यह शिकायत पत्र लिखें।
- किसे दें
- नगर आयुक्त / अधिशासी अधिकारी; पशु चिकित्सा/स्वास्थ्य विभाग
- नियम
- ABC नियम 2023 (पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत)
- सुप्रीम कोर्ट
- 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 के आदेश; मई 2026 में आदेश बरकरार
- कुत्ता काटे तो
- तुरंत घाव धोएं, सरकारी अस्पताल में एंटी-रेबीज़ टीका लगवाएं
अपना आवारा कुत्तों की शिकायत बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- गली/मोहल्ले में कुत्तों के काटने या बच्चों-बुज़ुर्गों पर हमले की घटनाएं हो रही हैं
- कोई कुत्ता बीमार, पागल (रेबीज़ जैसे लक्षण) या बहुत आक्रामक है
- इलाके के कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण नहीं हुआ है
- स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे या खेल परिसर में कुत्तों के झुंड रहते हैं
किसे लिखें: शहर में नगर आयुक्त (नगर निगम) या अधिशासी अधिकारी (नगर पालिका/नगर पंचायत) को; कई निगमों में यह काम पशु चिकित्सा अधिकारी / जन स्वास्थ्य विभाग देखता है। गांव में ग्राम पंचायत / खंड विकास अधिकारी को। स्कूल/अस्पताल परिसर का मामला हो तो उस संस्था के प्रमुख को भी कॉपी दें।
साथ में क्या लगाएं
- कुत्तों के झुंड या हमले की फोटो/वीडियो (जगह और तारीख के साथ)
- कुत्ता काटने पर अस्पताल/टीकाकरण की पर्ची की कॉपी
- मोहल्ले/RWA के लोगों के नाम और हस्ताक्षर
- पहले की गई ऑनलाइन/फोन शिकायत का नंबर, अगर हो
कैसे और कहां जमा करें
- पहले अपने नगर निगम की हेल्पलाइन, ऐप या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या लें; कई निगमों में 'डॉग स्क्वॉड' या पशु चिकित्सा विभाग का अलग नंबर होता है।
- यह पत्र नगर निगम/पालिका के कार्यालय या ज़ोनल कार्यालय में जमा करें और रिसीविंग लें; वार्ड पार्षद को भी कॉपी दें।
- स्कूल/अस्पताल परिसर का मामला हो तो उस संस्था के प्रमुख को भी लिखें; सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे परिसरों की बाड़बंदी के निर्देश दिए हैं।
- कार्रवाई न हो तो ज़िलाधिकारी, राज्य की CM हेल्पलाइन/जन शिकायत पोर्टल पर शिकायत करें; RTI से इलाके में हुई नसबंदी की जानकारी मांग सकते हैं।
ध्यान दें
- कुत्ते को मारना, ज़हर देना या पीटना अपराध है (BNS धारा 325); खुद कार्रवाई न करें, निगम से करवाएं।
- कुत्ता काटे तो घाव को साबुन और बहते पानी से 15 मिनट धोएं और उसी दिन सरकारी अस्पताल में एंटी-रेबीज़ टीका लगवाएं; टीके की पूरी खुराक लें।
- खाना खिलाने वालों से झगड़े की जगह निगम से वार्ड में खाने की तय जगह बनवाने को कहें।
- सुप्रीम कोर्ट का मामला अभी चल रहा है; नए आदेश आ सकते हैं, निगम से ताज़ा नियम पूछें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
नगर पालिका और पंचायत: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आवारा कुत्तों की शिकायत कहां करें?
अपने नगर निगम/नगर पालिका को: हेल्पलाइन, ऐप या लिखित पत्र से। गांव में ग्राम पंचायत या खंड विकास अधिकारी को लिखें।
क्या नगर निगम कुत्तों को इलाके से हटा सकता है?
आम तौर पर ABC नियम और सुप्रीम कोर्ट के 22 अगस्त 2025 के आदेश के अनुसार नसबंदी और टीके के बाद कुत्ते उसी इलाके में छोड़े जाते हैं। पागल या आक्रामक कुत्ते अलग रखे जाते हैं, और 7 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे जैसे परिसरों से कुत्ते हटाकर वहां वापस नहीं छोड़े जाते।
क्या सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाना मना है?
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2025 को सार्वजनिक जगहों पर खिलाने पर रोक लगाई और हर वार्ड में खाने की तय जगह बनाने को कहा। अपने निगम से तय जगह की जानकारी लें।
कुत्ता काट ले तो क्या करें?
घाव को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोएं, तुरंत सरकारी अस्पताल में एंटी-रेबीज़ टीका लगवाएं और पूरी खुराक लें। फिर निगम को लिखित शिकायत करें।
दूसरे आवेदन पत्र
सभी फॉर्मेट ›ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं