मिज़ोरम मृत्यु प्रमाण पत्र 2026: पंजीकरण, ज़रूरी कागज़, डाउनलोड और देर से पंजीकरण
सीधा जवाब
मिज़ोरम में मृत्यु का पंजीकरण अस्पताल, CHC/PHC और गांव-वार नियुक्त स्थानीय रजिस्ट्रार करते हैं; ऊपर अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारी हैं। मिज़ोरम जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम 2015 के अनुसार 22-30 दिन की देरी पर ₹10 और 31-365 दिन पर ₹100 देरी शुल्क है, और 21 दिन के बाद पंजीकरण होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र का शुल्क ₹100 है।
- विभाग
- अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग (अपर मुख्य रजिस्ट्रार, आइज़ोल)
- स्थानीय रजिस्ट्रार
- अस्पताल, CHC, PHC और गांव-वार रजिस्ट्रार
- देरी शुल्क
- 22-30 दिन ₹10; 31-365 दिन ₹100
- 21 दिन बाद प्रमाण पत्र
- ₹100
🏪 मृत्यु प्रमाण पत्र फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: मिज़ोरम के CSC सेंटर · अपने पास का CSC
2026 के संशोधन से सावधान: नीचे की दरें और अधिकारी मिज़ोरम के 2015 के नियमों (सेरछिप ज़िले की सरकारी वेबसाइट) के हैं। 1 अक्टूबर 2026 से लागू केंद्रीय संशोधन में 1 साल से ऊपर की देरी के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश का नया ढांचा है; मिज़ोरम के नियम उसके अनुसार बदले हैं या नहीं, यह अपने रजिस्ट्रार से पूछ लें।
मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है और क्यों ज़रूरी है
मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति की मृत्यु की तारीख और जगह का कानूनी सबूत है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के तहत हर मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के भीतर होना चाहिए, और इस अवधि में पंजीकरण निःशुल्क है। यह प्रमाण पत्र इन कामों में लगता है:
- संपत्ति और विरासत: ज़मीन-मकान का नामांतरण (mutation) और वारिस प्रमाण पत्र।
- बीमा और बैंक: बीमा दावा, बैंक खाते और जमा राशि नॉमिनी/वारिस को दिलाना।
- पेंशन: परिवार पेंशन शुरू कराना और मृतक की पेंशन बंद कराना।
- राशन कार्ड और दूसरे रिकॉर्ड: मृतक का नाम हटवाना।
मृत्यु की सूचना कौन देता है
- घर पर मृत्यु: घर का मुखिया, या मौजूद सबसे नज़दीकी रिश्तेदार, या उनकी गैरमौजूदगी में वहां मौजूद सबसे बड़ा व्यक्ति स्थानीय रजिस्ट्रार को सूचना देगा। आशा/ANM/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जैसे सूचनाकर्ता भी सूचना दे सकते हैं।
- अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र में मृत्यु: संस्था का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सूचना भेजता है। परिवार को अलग से रिपोर्ट नहीं करनी पड़ती, पर अस्पताल से पूछ लें कि पंजीकरण हुआ या नहीं।
- किस रजिस्ट्रार के पास: पंजीकरण उसी क्षेत्र में होता है जहां मृत्यु हुई, न कि जहां मृतक रहता था।
मिज़ोरम में पंजीकरण कौन करता है
सेरछिप ज़िले की सरकारी वेबसाइट पर रजिस्ट्रार और अधिकारी इस तरह दिए गए हैं (बाकी ज़िलों में भी ढांचा यही है):
- स्थानीय रजिस्ट्रार: ज़िला अस्पताल, CHC, PHC और गांव-वार रजिस्ट्रार। 21 दिन के भीतर और 22-30 दिन तक का पंजीकरण यही करते हैं।
- 31 से 365 दिन की देरी: अपर मुख्य रजिस्ट्रार (आइज़ोल) या ज़िले के सहायक ज़िला रजिस्ट्रार।
- अपर मुख्य रजिस्ट्रार: निदेशक, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग, आइज़ोल।
- NAC (रिकॉर्ड न मिलने का प्रमाण पत्र): अपर मुख्य रजिस्ट्रार या सहायक ज़िला रजिस्ट्रार / ज़िला अनुसंधान अधिकारी; शुल्क ₹100, और खोज शुल्क ₹100 प्रति एक साल की रिकॉर्ड बुक।
मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र (Form 4 / 4A)
2023 के संशोधन के बाद धारा 10 में यह साफ है:
- अस्पताल में मृत्यु (Form 4): हर चिकित्सा संस्था, सरकारी हो या निजी, मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र मुफ्त में रजिस्ट्रार को देगी और उसकी एक प्रति नज़दीकी रिश्तेदार को देगी।
- घर या दूसरी जगह मृत्यु (Form 4A): अगर आखिरी बीमारी में किसी डॉक्टर ने इलाज किया था, तो वह डॉक्टर कारण का प्रमाण पत्र मुफ्त में सूचना देने वाले को देगा। इसे मृत्यु की रिपोर्ट (Form 2) के साथ रजिस्ट्रार को दें।
मृत्यु के कारण वाला चिकित्सा प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रार का मृत्यु प्रमाण पत्र अलग-अलग कागज़ हैं। बैंक, बीमा और संपत्ति के कामों में रजिस्ट्रार का मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए।
ऑनलाइन या ऑफलाइन
सेरछिप ज़िले के सरकारी पेज पर ऑनलाइन आवेदन का कोई लिंक नहीं है, केवल रजिस्ट्रारों के नाम-नंबर और शुल्क दिए हैं। इसलिए सबसे भरोसेमंद तरीका मृत्यु वाले क्षेत्र के स्थानीय रजिस्ट्रार (अस्पताल/PHC/गांव का रजिस्ट्रार) के पास जाना है। राष्ट्रीय CRS पोर्टल पर आपके क्षेत्र में ऑनलाइन सुविधा चालू है या नहीं, यह रजिस्ट्रार से पूछ लें।
- मृत्यु की सूचना (मृत्यु रिपोर्ट) और, अगर डॉक्टर ने इलाज किया था, मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र लेकर रजिस्ट्रार के पास जाएं।
- 21 दिन के भीतर सूचना दें तो देरी शुल्क नहीं लगता।
- रजिस्ट्रार से प्रमाण पत्र और रसीद लें; प्रमाण पत्र में नाम और तारीख वहीं जांच लें।
ज़रूरी कागज़
रजिस्ट्रार के हिसाब से सूची थोड़ी बदल सकती है। आमतौर पर ये तैयार रखें:
- मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र (Form 4 या 4A), अगर डॉक्टर ने इलाज किया था, या अस्पताल की मृत्यु पर्ची।
- मृतक का पहचान पत्र: आधार, वोटर कार्ड या राशन कार्ड (जो उपलब्ध हो)।
- सूचना देने वाले का पहचान पत्र और मृतक से रिश्ता।
- मृतक का पता: राशन कार्ड, बिजली बिल या निवास का कोई कागज़।
- अंतिम संस्कार/दफन की रसीद, अगर रजिस्ट्रार मांगे।
- देर से पंजीकरण में: स्वयं-सत्यापित कागज़/हलफनामा और अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश (नीचे तालिका)।
देर से पंजीकरण: समय और शुल्क
| कितनी देरी से | क्या लगता है |
|---|---|
| 21 दिन के भीतर | स्थानीय रजिस्ट्रार; देरी शुल्क नहीं। |
| 22 से 30 दिन | स्थानीय रजिस्ट्रार; देरी शुल्क ₹10 (मिज़ोरम नियम 2015)। |
| 31 से 365 दिन | अपर मुख्य रजिस्ट्रार (आइज़ोल) / सहायक ज़िला रजिस्ट्रार; देरी शुल्क ₹100 (मिज़ोरम नियम 2015)। |
| 1 साल से 2 साल | 1 अक्टूबर 2026 से लागू केंद्रीय संशोधन के अनुसार DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क। (मिज़ोरम के 2015 के नियमों में 1 साल बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट और ₹1000 लिखा था; अब क्या लागू है, रजिस्ट्रार से पूछें।) |
| 2 साल से अधिक | केंद्रीय संशोधन के अनुसार प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क। |
इसके अलावा, 21 दिन के बाद पंजीकरण होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र का शुल्क ₹100 है (सेरछिप ज़िले की वेबसाइट, मिज़ोरम नियम 2015)।
डाउनलोड, अतिरिक्त प्रति, सुधार और अपील
- डाउनलोड: CRS पोर्टल से पंजीकृत मृत्यु का प्रमाण पत्र आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference No.) डालकर और पंजीकृत मोबाइल पर आया OTP भरकर डाउनलोड होता है। पोर्टल: crsorgi.gov.in।
- पहली प्रति मुफ्त: अधिनियम की धारा 12 के अनुसार सूचना देने वाले को प्रमाण पत्र की एक प्रति निःशुल्क मिलती है। बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति के कामों में कई प्रतियां लगती हैं; अतिरिक्त प्रतियां धारा 17 के तहत शुल्क देकर मिलती हैं।
- सुधार: नाम, तारीख या पते में गलती हो तो उसी रजिस्ट्रार को लिखित आवेदन और सबूत दें जिसने पंजीकरण किया (धारा 15 और राज्य के नियम)।
- अपील: रजिस्ट्रार के फैसले से असहमत हों तो 30 दिन के भीतर ज़िला रजिस्ट्रार के पास, और ज़िला रजिस्ट्रार के फैसले के खिलाफ मुख्य रजिस्ट्रार के पास अपील कर सकते हैं (धारा 25A); अपील का फैसला 90 दिन में होना है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद के काम
- वारिस/उत्तराधिकार: संपत्ति, बैंक और बीमा के लिए वारिस प्रमाण पत्र की ज़रूरत पड़ सकती है: वारिस प्रमाण पत्र की जानकारी।
- राशन कार्ड: मृतक का नाम राशन कार्ड से हटवाएं: मिज़ोरम राशन कार्ड।
- पेंशन और बैंक: पेंशन देने वाले विभाग/बैंक को मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति देकर सूचना दें, ताकि बाद में वसूली की समस्या न हो।
आवेदन क्यों अटकता है, और क्या करें
| वजह | हल |
|---|---|
| सूचना 21 दिन के बाद दी गई | ऊपर की तालिका के अनुसार देरी शुल्क, अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश लें |
| गलत रजिस्ट्रार के पास गए | मृत्यु जहां हुई, उसी क्षेत्र के रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण होता है |
| मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र नहीं है | अस्पताल से Form 4 की प्रति मांगें; घर पर मृत्यु हो और डॉक्टर ने इलाज किया था तो उनसे Form 4A लें |
| नाम/उम्र आधार या दूसरे कागज़ों से अलग | पहचान पत्र जैसा ही नाम लिखें; गलती हो तो धारा 15 के तहत सुधार का आवेदन दें |
| अस्पताल से पंजीकरण की जानकारी नहीं मिली | अस्पताल से पंजीकरण संख्या/आवेदन संदर्भ संख्या पूछें |
मदद कहां मिलेगी
स्थानीय रजिस्ट्रार से हल न हो तो अपने सहायक ज़िला रजिस्ट्रार / ज़िला अनुसंधान अधिकारी, फिर आइज़ोल में अपर मुख्य रजिस्ट्रार (निदेशक, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग) को लिखित आवेदन दें। सेरछिप ज़िले की वेबसाइट पर हर अस्पताल/गांव के रजिस्ट्रार का नाम और मोबाइल नंबर दिया गया है; अपने ज़िले की वेबसाइट पर ऐसी सूची देखें।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 14 अक्टूबर 2026
- सेरछिप ज़िला: जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम, शुल्क और रजिस्ट्रारserchhip.nic.in/?p=28679
- CRS पोर्टल (Registrar General of India): जन्म-मृत्यु पंजीकरणcrsorgi.gov.in/
- CRS के सवाल-जवाब (Registrar General of India, PDF)dc.crsorgi.gov.in/assets/download/FAQ_of_CRS_Latest.pdf
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 (PDF)www.thc.nic.in/Tripura%20State%20Lagislation%20Acts/The%20Registration%20of%20Births%20and%20Deaths%20Act,%201969.pdf
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मिज़ोरम में मृत्यु प्रमाण पत्र की फीस कितनी है?
21 दिन के भीतर पंजीकरण पर देरी शुल्क नहीं। 2015 के नियमों के अनुसार 22-30 दिन पर ₹10, 31-365 दिन पर ₹100 देरी शुल्क है, और 21 दिन के बाद पंजीकरण होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र का शुल्क ₹100 है।
मिज़ोरम में मृत्यु का पंजीकरण कहां होता है?
मृत्यु वाले क्षेत्र के स्थानीय रजिस्ट्रार के पास: ज़िला अस्पताल, CHC, PHC या गांव का रजिस्ट्रार।
मृत्यु के कितने दिन में पंजीकरण कराना चाहिए?
21 दिन के भीतर। इस अवधि में पंजीकरण निःशुल्क है। उसके बाद देरी शुल्क और, देरी बढ़ने पर, ज़िला रजिस्ट्रार की अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है।
1 साल से ज़्यादा देर हो गई तो क्या करें?
1 अक्टूबर 2026 से लागू संशोधन के अनुसार 1 से 2 साल की देरी में DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश, और 2 साल से अधिक देरी में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। रजिस्ट्रार से फॉर्म और कागज़ों की सूची लेकर आवेदन करें।
क्या मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति के पैसे लगते हैं?
सूचना देने वाले को एक प्रति मुफ्त मिलती है (धारा 12)। उससे ज़्यादा प्रतियां तय शुल्क देकर मिलती हैं (धारा 17)।
दूसरे राज्यों में मृत्यु प्रमाण पत्र
ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं