ओडिशा मृत्यु प्रमाण पत्र 2026: Birth and Death Odisha पोर्टल, कागज़ और देर से पंजीकरण

✓ जानकारी जांची गई: 14 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

ओडिशा का अपना 'Birth and Death Odisha' पोर्टल (birthdeath.odisha.gov.in) है, जहां पंजीकृत घटना का सर्टिफिकेट मांगने, स्थिति देखने और डाउनलोड का विकल्प है। सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण संख्या चाहिए, इसलिए पहले मृत्यु का पंजीकरण अस्पताल, नगर निकाय या ग्राम पंचायत में 21 दिन के भीतर कराएं। 21 दिन के भीतर पंजीकरण पर पहली प्रति मुफ्त है।

पोर्टल
birthdeath.odisha.gov.in
समय सीमा
मृत्यु के 21 दिन के भीतर, मुफ्त
ज़रूरी
पंजीकरण संख्या (रजिस्ट्रार/अस्पताल से)
अस्पताल
MCCD की मुफ्त प्रति परिवार को

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कब तक पंजीकरण कराएं, देर होने पर क्या

मृत्यु की सूचना 21 दिन के भीतर उस जगह के रजिस्ट्रार को देनी होती है जहां मृत्यु हुई (मृतक का स्थायी पता नहीं)। अस्पताल में मृत्यु हो तो सूचना देने की ज़िम्मेदारी अस्पताल के प्रभारी की है; घर पर हो तो घर के मुखिया या पास मौजूद सबसे नज़दीकी रिश्तेदार की।

मृत्यु के बादक्या लगेगा
मृत्यु के 21 दिन के भीतरपंजीकरण मुफ्त; पंजीकरण के बाद 7 दिन के भीतर पहला प्रमाण पत्र भी मुफ्त (धारा 12)
21 से 30 दिनविलंब शुल्क देकर पंजीकरण (राशि राज्य के नियमों से तय; रजिस्ट्रार से पूछें)
30 दिन से 1 सालज़िला रजिस्ट्रार या निर्धारित अधिकारी की लिखित अनुमति, स्व-प्रमाणित दस्तावेज़ और शुल्क
1 से 2 सालज़िला मजिस्ट्रेट (DM), SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क
2 साल के बादप्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क

1 अक्टूबर 2026 से नया नियम: जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू हो गया है। अब 1 से 2 साल की देरी पर DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और 2 साल से ज़्यादा की देरी पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है। इसलिए पंजीकरण 21 दिन में ही करा लें।

कहां और कैसे आवेदन करें

ओडिशा के पोर्टल और OdishaOne की मार्गदर्शिका के अनुसार घटना पंजीकृत होने के बाद उसका सर्टिफिकेट ऑनलाइन निकाला जाता है और नगर निकाय/कार्यालय के अनुमोदन के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला सर्टिफिकेट मिलता है। पंजीकरण संख्या न हो तो स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया है।

  1. अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल सूचना भेजता है। उससे MCCD की प्रति और पंजीकरण संख्या लें।
  2. घर पर मृत्यु: 21 दिन के भीतर अपने नगर निकाय या ग्राम पंचायत के रजिस्ट्रार को सूचना दें और पंजीकरण संख्या लें।
  3. birthdeath.odisha.gov.in पर 'Apply Certificate' चुनें; जिला, नगर निकाय/ग्राम पंचायत और पंजीकरण संख्या डालकर रिकॉर्ड निकालें और आवेदन भेजें।
  4. अनुमोदन के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला सर्टिफिकेट उसी पोर्टल से डाउनलोड करें।

सर्च में दिखे पोर्टल पेज पर नई प्रणाली OBDRS 2.0 (obdrs2.odisha.gov.in) पर जाने की सूचना भी है। पोर्टल खोलने पर जो पता दिखे, वही इस्तेमाल करें और नकली मिलती-जुलती साइटों से बचें।

ज़रूरी कागज़

  • मृत्यु की सूचना का फॉर्म (रजिस्ट्रार कार्यालय/केंद्र पर मिलता है या ऑनलाइन भरा जाता है)
  • अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल की मृत्यु रिपोर्ट और MCCD की प्रति (अस्पताल खुद रजिस्ट्रार को सूचना भेजता है)
  • घर पर मृत्यु: मृत्यु की सूचना; डॉक्टर इलाज कर रहे थे तो उनका MCCD; कार्यालय जो स्थानीय सत्यापन मांगे (जैसे वार्ड सदस्य/सरपंच का पत्र)
  • मृतक का पहचान प्रमाण (आधार, मतदाता पहचान पत्र आदि, जो हो) और सूचना देने वाले का पहचान व पते का प्रमाण
  • देर से पंजीकरण: शपथ-पत्र या स्व-प्रमाणित दस्तावेज़, "रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं" का प्रमाण और देरी के हिसाब से अधिकारी की अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश

मृत्यु के कारण का मेडिकल प्रमाण पत्र (फॉर्म 4/4A)

2023 के संशोधन (धारा 10) के बाद यह नियम है:

  • अस्पताल में मृत्यु: हर अस्पताल, सरकारी हो या निजी, इलाज करने वाले डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र (MCCD) मुफ्त रजिस्ट्रार को भेजता है और एक प्रति सबसे नज़दीकी रिश्तेदार को देता है। यह प्रति ज़रूर मांगें।
  • अस्पताल के बाहर मृत्यु, जब डॉक्टर इलाज कर रहे थे: वह डॉक्टर मृत्यु के बाद यह प्रमाण पत्र मुफ्त देता है। परिवार इसे मृत्यु की सूचना के साथ रजिस्ट्रार को देता है।
  • केंद्र के मॉडल फॉर्म में मृत्यु की सूचना फॉर्म 2 है, और मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र फॉर्म 4 (अस्पताल में भर्ती मरीज़) और फॉर्म 4A (अस्पताल के बाहर मृत्यु) है। राज्य के नियमों में नंबर अलग हो सकता है।

मृत्यु प्रमाण पत्र पर मृत्यु का कारण नहीं छपता। कानून (धारा 17) के अनुसार किसी को जारी प्रमाण पत्र में रजिस्टर में दर्ज कारण नहीं दिखाया जाता। कारण का कागज़ चाहिए तो अस्पताल या डॉक्टर से मिली MCCD की प्रति संभालकर रखें।

सर्टिफिकेट डाउनलोड, सुधार और अपील

  • स्थिति और डाउनलोड: Birth and Death Odisha पोर्टल के डाउनलोड/स्थिति सेक्शन में आवेदन देखें।
  • शिकायत: पहले अनुमोदन करने वाले नगर निकाय/ब्लॉक कार्यालय में, फिर CPGRAMS पर लिखित शिकायत करें।
  • गलती सुधार: नाम, तारीख या पते की गलती अधिनियम की धारा 15 के तहत ठीक हो सकती है। रजिस्ट्रार कार्यालय में सबूत के साथ आवेदन दें।
  • ज़्यादा प्रतियां: पहली प्रति मुफ्त है; बाद की प्रतियां शुल्क देकर (धारा 17) रजिस्ट्रार से मिलती हैं। बीमा, बैंक और संपत्ति के लिए 3-4 प्रतियां एक साथ ले लें।
  • अपील (धारा 25A): रजिस्ट्रार के फैसले से असहमत हों तो 30 दिन के भीतर ज़िला रजिस्ट्रार को अपील करें; ज़िला रजिस्ट्रार के फैसले के खिलाफ मुख्य रजिस्ट्रार को। अपील का फैसला 90 दिन में होना है।

मृत्यु प्रमाण पत्र कहां काम आता है

  • संपत्ति के उत्तराधिकार और नामांतरण (दाखिल-खारिज) के लिए
  • बीमा क्लेम और कंपनियों से बकाया रकम लेने के लिए
  • बैंक खाता, पेंशन और दूसरी सरकारी योजनाओं में नाम हटाने या लाभ परिवार को देने के लिए

भारत के महारजिस्ट्रार ने अक्टूबर 2025 में चेताया है कि असली पोर्टल जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटें फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना रही हैं। सरकारी पोर्टल का पता खुद टाइप करें, सर्च इंजन के लिंक या एजेंट के भरोसे न रहें। फर्जी प्रमाण पत्र से बाद में बीमा या संपत्ति का काम अटक सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ओडिशा में मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे निकालें?

Birth and Death Odisha पोर्टल (birthdeath.odisha.gov.in) पर 'Apply Certificate' में जिला, पंजीकरण इकाई और पंजीकरण संख्या डालें। अनुमोदन के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाला सर्टिफिकेट डाउनलोड होता है।

पंजीकरण संख्या नहीं है तो क्या करें?

पोर्टल की मार्गदर्शिका स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क करने को कहती है। जिस अस्पताल, नगर निकाय या ग्राम पंचायत में मृत्यु दर्ज हुई, वहीं से संख्या लें।

ओडिशा में मृत्यु का पंजीकरण कितने दिन में कराना चाहिए?

मृत्यु के 21 दिन के भीतर, उस जगह के रजिस्ट्रार के पास जहां मृत्यु हुई। इस अवधि में पंजीकरण और पहली प्रति मुफ्त है।

1 या 2 साल बाद मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनेगा?

1 अक्टूबर 2026 से लागू संशोधन के अनुसार 1 से 2 साल की देरी पर DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है और 2 साल से ज़्यादा की देरी पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश। आदेश के बाद रजिस्ट्रार पंजीकरण करता है। 30 दिन से 1 साल तक ज़िला रजिस्ट्रार की लिखित अनुमति काफी है।

मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण क्यों नहीं लिखा होता?

कानून (धारा 17) के अनुसार जारी प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण नहीं दिखाया जाता। कारण अस्पताल या डॉक्टर के मेडिकल प्रमाण पत्र (MCCD) में होता है, जिसकी एक प्रति अस्पताल को सबसे नज़दीकी रिश्तेदार को मुफ्त देनी होती है।

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