लक्षद्वीप मृत्यु प्रमाण पत्र 2026: पंजीकरण, ज़रूरी कागज़, डाउनलोड और देर से पंजीकरण
सीधा जवाब
लक्षद्वीप में मृत्यु का पंजीकरण मृत्यु के 21 दिन के भीतर कराना है और इस अवधि में कोई शुल्क नहीं। राष्ट्रीय सेवा-सूची में लक्षद्वीप के लिए जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की सेवा CRS पोर्टल पर ऑनलाइन बताई गई है। रजिस्ट्रार उसी द्वीप पर होता है जहां मृत्यु हुई।
- पोर्टल
- crsorgi.gov.in (CRS)
- पंजीकरण करता है
- द्वीप का स्थानीय रजिस्ट्रार
- निःशुल्क अवधि
- मृत्यु के 21 दिन के भीतर
- निदेशालय
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कवरत्ती
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मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है और क्यों ज़रूरी है
मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति की मृत्यु की तारीख और जगह का कानूनी सबूत है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के तहत हर मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के भीतर होना चाहिए, और इस अवधि में पंजीकरण निःशुल्क है। यह प्रमाण पत्र इन कामों में लगता है:
- संपत्ति और विरासत: ज़मीन-मकान का नामांतरण (mutation) और वारिस प्रमाण पत्र।
- बीमा और बैंक: बीमा दावा, बैंक खाते और जमा राशि नॉमिनी/वारिस को दिलाना।
- पेंशन: परिवार पेंशन शुरू कराना और मृतक की पेंशन बंद कराना।
- राशन कार्ड और दूसरे रिकॉर्ड: मृतक का नाम हटवाना।
मृत्यु की सूचना कौन देता है
- घर पर मृत्यु: घर का मुखिया, या मौजूद सबसे नज़दीकी रिश्तेदार, या उनकी गैरमौजूदगी में वहां मौजूद सबसे बड़ा व्यक्ति स्थानीय रजिस्ट्रार को सूचना देगा। आशा/ANM/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जैसे सूचनाकर्ता भी सूचना दे सकते हैं।
- अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र में मृत्यु: संस्था का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सूचना भेजता है। परिवार को अलग से रिपोर्ट नहीं करनी पड़ती, पर अस्पताल से पूछ लें कि पंजीकरण हुआ या नहीं।
- किस रजिस्ट्रार के पास: पंजीकरण उसी क्षेत्र में होता है जहां मृत्यु हुई, न कि जहां मृतक रहता था।
लक्षद्वीप में पंजीकरण कौन करता है
लक्षद्वीप में हर द्वीप पर अपना रजिस्ट्रार होता है, इसलिए मृत्यु वाले द्वीप के दफ्तर में ही जाना है। रिपोर्टों के अनुसार:
- द्वीपों पर: स्वास्थ्य निरीक्षक (Health Inspector) द्वीप स्तर पर रजिस्ट्रार के रूप में नामित बताए जाते हैं (कार्यालय से पुष्टि करें)।
- अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र रजिस्ट्रार को सूचना भेजता है।
- निदेशालय: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कवरत्ती। बड़ी शिकायत और सुधार के मामले यहां भेजे जा सकते हैं।
मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र (Form 4 / 4A)
2023 के संशोधन के बाद धारा 10 में यह साफ है:
- अस्पताल में मृत्यु (Form 4): हर चिकित्सा संस्था, सरकारी हो या निजी, मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र मुफ्त में रजिस्ट्रार को देगी और उसकी एक प्रति नज़दीकी रिश्तेदार को देगी।
- घर या दूसरी जगह मृत्यु (Form 4A): अगर आखिरी बीमारी में किसी डॉक्टर ने इलाज किया था, तो वह डॉक्टर कारण का प्रमाण पत्र मुफ्त में सूचना देने वाले को देगा। इसे मृत्यु की रिपोर्ट (Form 2) के साथ रजिस्ट्रार को दें।
मृत्यु के कारण वाला चिकित्सा प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रार का मृत्यु प्रमाण पत्र अलग-अलग कागज़ हैं। बैंक, बीमा और संपत्ति के कामों में रजिस्ट्रार का मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए।
CRS पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट और डाउनलोड
पोर्टल पर आम नागरिक (General Public) का लॉगिन मुख्य रूप से घर पर हुई मृत्यु की रिपोर्ट के लिए है। अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में हुई मृत्यु वही संस्था दर्ज करती है।
- crsorgi.gov.in खोलें और General Public वाले विकल्प से साइन-अप करके मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- मृत्यु की घटना दर्ज करने का विकल्प चुनें और मृतक, मृत्यु की तारीख-जगह और सूचना देने वाले का विवरण भरें।
- मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र (अगर है) और पहचान के कागज़ अपलोड करें, फिर आवेदन जमा करें।
- आवेदन संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें। रजिस्ट्रार की जांच और स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र इसी संख्या और OTP से डाउनलोड होता है।
ज़रूरी कागज़
रजिस्ट्रार के हिसाब से सूची थोड़ी बदल सकती है। आमतौर पर ये तैयार रखें:
- मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र (Form 4 या 4A), अगर डॉक्टर ने इलाज किया था, या अस्पताल की मृत्यु पर्ची।
- मृतक का पहचान पत्र: आधार, वोटर कार्ड या राशन कार्ड (जो उपलब्ध हो)।
- सूचना देने वाले का पहचान पत्र और मृतक से रिश्ता।
- मृतक का पता: राशन कार्ड, बिजली बिल या निवास का कोई कागज़।
- अंतिम संस्कार/दफन की रसीद, अगर रजिस्ट्रार मांगे।
- देर से पंजीकरण में: स्वयं-सत्यापित कागज़/हलफनामा और अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश (नीचे तालिका)।
देर से पंजीकरण: समय और शुल्क
| कितनी देरी से | क्या लगता है |
|---|---|
| 21 दिन के भीतर | पंजीकरण निःशुल्क। यही सबसे आसान रास्ता है। |
| 21 से 30 दिन | स्थानीय रजिस्ट्रार देरी शुल्क (late fee) लेकर पंजीकरण करता है। राशि राज्य के नियमों में तय है; रजिस्ट्रार से पूछें। |
| 30 दिन से 1 साल | ज़िला रजिस्ट्रार (या तय अधिकारी) की लिखित अनुमति, शुल्क और स्वयं-सत्यापित (self-attested) कागज़ (2023 के संशोधन के बाद धारा 13(2))। |
| 1 साल से 2 साल | 1 अक्टूबर 2026 से लागू संशोधन के अनुसार ज़िला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश (मृत्यु की सच्चाई जांचने के बाद) और शुल्क। |
| 2 साल से अधिक | उसी संशोधन के अनुसार प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) का आदेश और शुल्क। |
शुल्क की राशि राज्य के जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमों से तय होती है। इस पेज पर कोई राशि तभी लिखी है जब वह आधिकारिक स्रोत से पुष्ट हो सकी; बाकी के लिए रजिस्ट्रार से पूछें।
डाउनलोड, अतिरिक्त प्रति, सुधार और अपील
- डाउनलोड: CRS पोर्टल से पंजीकृत मृत्यु का प्रमाण पत्र आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference No.) डालकर और पंजीकृत मोबाइल पर आया OTP भरकर डाउनलोड होता है। पोर्टल: crsorgi.gov.in।
- पहली प्रति मुफ्त: अधिनियम की धारा 12 के अनुसार सूचना देने वाले को प्रमाण पत्र की एक प्रति निःशुल्क मिलती है। बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति के कामों में कई प्रतियां लगती हैं; अतिरिक्त प्रतियां धारा 17 के तहत शुल्क देकर मिलती हैं।
- सुधार: नाम, तारीख या पते में गलती हो तो उसी रजिस्ट्रार को लिखित आवेदन और सबूत दें जिसने पंजीकरण किया (धारा 15 और राज्य के नियम)।
- अपील: रजिस्ट्रार के फैसले से असहमत हों तो 30 दिन के भीतर ज़िला रजिस्ट्रार के पास, और ज़िला रजिस्ट्रार के फैसले के खिलाफ मुख्य रजिस्ट्रार के पास अपील कर सकते हैं (धारा 25A); अपील का फैसला 90 दिन में होना है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद के काम
- वारिस/उत्तराधिकार: संपत्ति, बैंक और बीमा के लिए वारिस प्रमाण पत्र की ज़रूरत पड़ सकती है: वारिस प्रमाण पत्र की जानकारी।
- राशन कार्ड: मृतक का नाम राशन कार्ड से हटवाएं: लक्षद्वीप राशन कार्ड।
- पेंशन और बैंक: पेंशन देने वाले विभाग/बैंक को मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति देकर सूचना दें, ताकि बाद में वसूली की समस्या न हो।
आवेदन क्यों अटकता है, और क्या करें
| वजह | हल |
|---|---|
| सूचना 21 दिन के बाद दी गई | ऊपर की तालिका के अनुसार देरी शुल्क, अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश लें |
| गलत रजिस्ट्रार के पास गए | मृत्यु जहां हुई, उसी क्षेत्र के रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण होता है |
| मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र नहीं है | अस्पताल से Form 4 की प्रति मांगें; घर पर मृत्यु हो और डॉक्टर ने इलाज किया था तो उनसे Form 4A लें |
| नाम/उम्र आधार या दूसरे कागज़ों से अलग | पहचान पत्र जैसा ही नाम लिखें; गलती हो तो धारा 15 के तहत सुधार का आवेदन दें |
| अस्पताल से पंजीकरण की जानकारी नहीं मिली | अस्पताल से पंजीकरण संख्या/आवेदन संदर्भ संख्या पूछें |
मदद कहां मिलेगी
अपने द्वीप के रजिस्ट्रार से शुरू करें, फिर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कवरत्ती को लिखित आवेदन दें। फोन नंबर केवल अनौपचारिक सूचियों में मिले, इसलिए यहां नहीं दिए।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 14 अक्टूबर 2026
- CRS पोर्टल की सेवा सूची (services.india.gov.in)services.india.gov.in/service/detail/revamped-civil-registration-system-crs-portal
- CRS पोर्टल (Registrar General of India): जन्म-मृत्यु पंजीकरणcrsorgi.gov.in/
- CRS के सवाल-जवाब (Registrar General of India, PDF)dc.crsorgi.gov.in/assets/download/FAQ_of_CRS_Latest.pdf
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 (PDF)www.thc.nic.in/Tripura%20State%20Lagislation%20Acts/The%20Registration%20of%20Births%20and%20Deaths%20Act,%201969.pdf
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लक्षद्वीप में मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे मिलता है?
राष्ट्रीय CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) से। आम नागरिक का लॉगिन घर पर हुई मृत्यु की रिपोर्ट के लिए है; अस्पताल में हुई मृत्यु संस्था दर्ज करती है।
मृत्यु मुख्य भूमि (जैसे कोच्चि) के अस्पताल में हुई, पंजीकरण कहां होगा?
जहां मृत्यु हुई, उसी जगह के रजिस्ट्रार के पास, यानी उस शहर में। अस्पताल से पूछें कि उसने पंजीकरण की सूचना भेजी या नहीं।
मृत्यु के कितने दिन में पंजीकरण कराना चाहिए?
21 दिन के भीतर। इस अवधि में पंजीकरण निःशुल्क है। उसके बाद देरी शुल्क और, देरी बढ़ने पर, ज़िला रजिस्ट्रार की अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है।
1 साल से ज़्यादा देर हो गई तो क्या करें?
1 अक्टूबर 2026 से लागू संशोधन के अनुसार 1 से 2 साल की देरी में DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश, और 2 साल से अधिक देरी में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। रजिस्ट्रार से फॉर्म और कागज़ों की सूची लेकर आवेदन करें।
क्या मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति के पैसे लगते हैं?
सूचना देने वाले को एक प्रति मुफ्त मिलती है (धारा 12)। उससे ज़्यादा प्रतियां तय शुल्क देकर मिलती हैं (धारा 17)।
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