राजस्थान जन्म प्रमाण पत्र 2026: पंजीकरण, Pehchan पोर्टल, देर से पंजीकरण और नाम जोड़ना

✓ जानकारी जांची गई: 14 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

राजस्थान में जन्म का पंजीकरण राज्य के Pehchan पोर्टल से होता है, और जन्म के 21 दिन के भीतर पंजीकरण मुफ़्त है। उप-पंजीयक 21 दिन तक पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं; उसके बाद केवल पंजीयक (Registrar) कार्यालय करता है। अस्पताल में जन्म हो तो अस्पताल सूचना देता है, और घर पर जन्म हो तो परिवार को अपने क्षेत्र के पंजीयक से संपर्क करना होता है।

शुल्क
21 दिन के भीतर: कोई शुल्क नहीं
21 दिन के बाद
केवल पंजीयक कार्यालय पंजीकरण करता है
नियम
राजस्थान जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2025

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जन्म प्रमाण पत्र क्यों ज़रूरी है

  • 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चे के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के अनुसार जन्म की तारीख और जगह यही प्रमाण पत्र साबित करता है। यह स्कूल-कॉलेज में दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर सूची, विवाह पंजीकरण, सरकारी या सरकारी निकाय की नौकरी, पासपोर्ट और आधार नंबर के लिए लागू है।
  • इस तारीख से पहले जन्मे लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता।
  • पंजीकरण के समय माता-पिता और सूचना देने वाले का आधार नंबर (अगर उपलब्ध हो) दर्ज किया जाता है।
  • सूचना देने वाले को एक प्रति मुफ़्त मिलती है (अधिनियम की धारा 12)। और प्रतियां तय शुल्क देकर मिलती हैं।

राजस्थान में कहां होता है पंजीकरण

  • राज्य का जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल Pehchan है। पोर्टल की जानकारी के अनुसार उप-पंजीयक जन्म, मृत्यु और मृत-जन्म को घटना के 21 दिन के भीतर पोर्टल पर दर्ज करके प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
  • 21 दिन के बाद पंजीकरण केवल संबंधित पंजीयक के कार्यालय में हो सकता है।
  • राजस्थान ने 7 फरवरी 2025 को जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2025 जारी किए। इनमें फॉर्म में नाम (पहला-बीच का-अंतिम नाम), तारीख (DD-MM-YYYY) और पूरा पता (मकान नंबर, मोहल्ला, वार्ड, गांव या शहर, तहसील, ज़िला, राज्य, पिन कोड) भरने का तरीका तय किया गया।

पंजीकरण कौन कराता है

  • अस्पताल या नर्सिंग होम में जन्म: अस्पताल का प्रभारी डॉक्टर या उसका अधिकृत व्यक्ति जन्म की सूचना पंजीयक को देता है। माता-पिता यह काम नहीं करते। अस्पताल से पंजीकरण की पर्ची या नंबर ज़रूर लें।
  • घर पर जन्म: घर का मुखिया, उसके न होने पर घर में मौजूद उसका निकट संबंधी, या सबसे बड़ा वयस्क सूचना देता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ANM और आशा जैसे अधिसूचित लोग भी सूचना दे सकते हैं।
  • अविवाहित या अकेली मां, गोद लिया बच्चा, सरोगेसी: 2023 के संशोधन में इनके लिए सूचना देने वाले तय किए गए हैं, जैसे अकेली मां के लिए माता खुद और गोद लेने पर गोद लेने वाले माता-पिता।
  • जन्म की जगह के हिसाब से पंजीकरण: जन्म जहां हुआ, वहीं के नगरपालिका, पंचायत या स्थानीय निकाय के पंजीयक (Registrar) के पास पंजीकरण होता है। कहीं और रहने पर भी जन्म की जगह का पंजीयक ही रिकॉर्ड रखता है।

आवेदन का तरीका

  1. अस्पताल में जन्म: अस्पताल से डिस्चार्ज के समय जन्म के पंजीकरण की पर्ची या नंबर मांगें। अस्पताल ही सूचना पोर्टल पर दर्ज करता है।
  2. घर पर जन्म: जन्म के 21 दिन के भीतर अपने क्षेत्र के पंजीयक या उप-पंजीयक के पास जाएं। नगरपालिका क्षेत्र हो तो नगर निकाय में, गांव हो तो ग्राम पंचायत या वहां तय पंजीयक के पास पूछें।
  3. बच्चे और माता-पिता की जानकारी बताएं। आधार नंबर हो तो दें। नाम तय न हो तो बिना नाम के भी दर्ज हो सकता है।
  4. पंजीकरण के बाद एक प्रति मुफ़्त लें और उसमें नाम, तारीख और पता ध्यान से जांचें।
  5. 21 दिन निकल गए हों तो नीचे "समय-सीमा" वाले हिस्से के अनुसार पंजीयक कार्यालय जाएं।

इस पेज पर e-Mitra या SSO से जन्म पंजीकरण का दावा नहीं किया गया है, क्योंकि वह किसी आधिकारिक पेज पर नहीं मिला। कियोस्क पर जाने से पहले पंजीयक कार्यालय से पूछ लें।

प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा

  • Pehchan पोर्टल पर पंजीकरण के बाद पंजीयक कार्यालय डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र जारी करता है। पोर्टल: pehchan.rajasthan.gov.in।
  • आपका रिकॉर्ड केंद्रीय CRS पोर्टल पर हो सकता है। तब CRS के Download Certificate पेज पर Application Reference No. और मोबाइल OTP से PDF निकलता है।
  • किस पोर्टल पर आपका रिकॉर्ड है, यह अस्पताल या पंजीयक कार्यालय से पूछना सबसे पक्का है।

समय-सीमा और देर से पंजीकरण

ये केंद्रीय कानून (1969 का अधिनियम, 2023 और 2026 के संशोधन के साथ) के नियम हैं। देरी का शुल्क हर राज्य के नियमों से तय होता है, इसलिए यहां शुल्क की राशि नहीं लिखी है।

जन्म के कितने बादक्या करना होगा
21 दिन के भीतरकोई शुल्क नहीं।
21 से 30 दिनदेरी का शुल्क देकर पंजीयक के पास पंजीकरण।
30 दिन से 1 सालज़िला पंजीयक (District Registrar) या तय अधिकारी की लिखित अनुमति, देरी का शुल्क और स्व-प्रमाणित दस्तावेज़ (Form 14)।
1 साल से 2 सालज़िला मजिस्ट्रेट, उप-खंड मजिस्ट्रेट या ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क। (2026 के संशोधन से, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू है)
2 साल के बादप्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क। (2026 के संशोधन से, 1 अक्टूबर 2026 से लागू)

देर से पंजीकरण में हर जगह जन्म का कोई सबूत मांगा जाता है, जैसे अस्पताल का रिकॉर्ड, टीकाकरण कार्ड या स्कूल का रिकॉर्ड। कौन सा सबूत चलेगा, यह आपके पंजीयक और राज्य के नियमों पर है। जाने से पहले पंजीयक कार्यालय से पूछ लें।

बच्चे का नाम जोड़ना और गलती सुधारना

  • बच्चे के नाम के बिना भी जन्म दर्ज हो सकता है। नाम बाद में जोड़ा जा सकता है।
  • पंजीकरण के 12 महीने के भीतर नाम जोड़ना मुफ़्त है।
  • 12 महीने के बाद पंजीकरण की तारीख से 15 साल तक नाम तय शुल्क देकर जुड़ता है (शुल्क राज्य के नियमों में तय)।
  • नाम या दूसरी जानकारी में गलती हो तो सुधार (correction) की व्यवस्था अधिनियम की धारा 15 और राज्य के नियमों के तहत है। इसके लिए पंजीयक को प्रमाण के साथ आवेदन दें।

आवेदन अटके या खारिज हो तो कहां जाएं

  • पंजीयक के किसी फैसले या आदेश से असंतुष्ट हों तो 30 दिन के भीतर ज़िला पंजीयक (District Registrar) के पास अपील कर सकते हैं (अधिनियम की धारा 25A)।
  • ज़िला पंजीयक के आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर मुख्य पंजीयक (Chief Registrar) के पास अपील होती है।
  • अपील का फैसला 90 दिन के भीतर करना ज़रूरी है।

राष्ट्रीय CRS पोर्टल और सत्यापन

  • केंद्र सरकार का नागरिक पंजीकरण पोर्टल: crsorgi.gov.in। वहां जन्म की ऑनलाइन रिपोर्ट, देरी के शुल्क का भुगतान, आवेदन की स्थिति देखना और सुधार का आवेदन जैसी सेवाएं हैं।
  • यह पोर्टल किसी राज्य के हर पंजीकरण केंद्र के लिए चालू हो, यह ज़रूरी नहीं। अपने पंजीयक से पूछें कि आपका रिकॉर्ड किस पोर्टल पर है।
  • प्रमाण पत्र फोन में रखना हो तो देखें: DigiLocker गाइड।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में जन्म पंजीकरण किस पोर्टल पर होता है?

राज्य का पोर्टल Pehchan (pehchan.rajasthan.gov.in) है। उसकी जानकारी के अनुसार 21 दिन के भीतर उप-पंजीयक पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं और 21 दिन के बाद केवल पंजीयक कार्यालय करता है।

राजस्थान में देर से पंजीकरण का शुल्क कितना है?

यह राज्य के नियमों में तय होता है और हमें 2025 के संशोधन के बाद की राशि आधिकारिक पेज से पक्की नहीं मिली, इसलिए यहां नहीं लिखी। अपने पंजीयक कार्यालय से पूछें।

जन्म के 21 दिन के भीतर पंजीकरण में कितना शुल्क लगता है?

कुछ नहीं। राष्ट्रीय CRS की जानकारी के अनुसार 21 दिन के भीतर सूचना देने पर कोई शुल्क नहीं लगता।

क्या बिना नाम के जन्म दर्ज हो सकता है?

हां। नाम 12 महीने के भीतर मुफ़्त जुड़ता है और उसके बाद पंजीकरण की तारीख से 15 साल तक तय शुल्क देकर जुड़ता है।

क्या जन्म प्रमाण पत्र अब जन्म की तारीख का एकमात्र प्रमाण है?

1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे लोगों के लिए हां: स्कूल दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर सूची, विवाह पंजीकरण, सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और आधार के लिए जन्म की तारीख और जगह इसी प्रमाण पत्र से साबित होती है। उससे पहले जन्मे लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता।

एक साल से ज़्यादा देर हो जाए तो क्या करें?

एक से दो साल के बीच ज़िला मजिस्ट्रेट, उप-खंड मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। दो साल के बाद प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। यह 1 अक्टूबर 2026 से लागू 2026 के संशोधन के अनुसार है। शुल्क राज्य के नियमों से तय होता है।

पंजीयक का फैसला गलत लगे तो कहां अपील करें?

फैसले के 30 दिन के भीतर ज़िला पंजीयक के पास, और उसके आदेश पर 30 दिन के भीतर मुख्य पंजीयक के पास। फैसला 90 दिन में होना चाहिए (धारा 25A)।

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