दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव जन्म प्रमाण पत्र 2026: CRS पोर्टल, कागज़ और देर से पंजीकरण

✓ जानकारी जांची गई: 14 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव में जन्म का पंजीकरण जन्म के 21 दिन के भीतर कराना है और इस अवधि में कोई शुल्क नहीं। ऑनलाइन रिपोर्टिंग और प्रमाण पत्र राष्ट्रीय CRS पोर्टल से मिलते हैं, और DigiLocker में भी जन्म प्रमाण पत्र खोजा जा सकता है।

पोर्टल
crsorgi.gov.in (CRS)
पंजीकरण करता है
जन्म स्थान का स्थानीय रजिस्ट्रार
निःशुल्क अवधि
जन्म के 21 दिन के भीतर
DigiLocker
केंद्रीय पोर्टल के प्रमाण पत्र खोजे जा सकते हैं

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जन्म प्रमाण पत्र क्या है और क्यों ज़रूरी है

जन्म प्रमाण पत्र जन्म की तारीख और जगह का कानूनी सबूत है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के तहत हर जन्म का पंजीकरण 21 दिन के भीतर होना चाहिए, और इस अवधि में पंजीकरण निःशुल्क है।

2023 का संशोधन: 1 अक्टूबर 2023 से लागू संशोधन के बाद जो बच्चे इस तारीख के बाद जन्मे हैं, उनके लिए जन्म प्रमाण पत्र स्कूल दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता सूची, विवाह पंजीकरण और सरकारी नौकरी में जन्म तिथि का एकमात्र प्रमाण है। पुराने जन्मों पर यह नियम लागू नहीं होता।

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव में पंजीकरण कौन करता है

पंजीकरण जन्म वाले क्षेत्र (सिलवासा, दमन या दीव) के स्थानीय रजिस्ट्रार के पास होता है। राष्ट्रीय CRS पोर्टल की सूची में यह केंद्रशासित प्रदेश शामिल है और DigiLocker के अनुसार यहां के प्रमाण पत्र केंद्रीय पोर्टल से पंजीकृत होते हैं।

  • अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र में जन्म: संस्था रजिस्ट्रार को सूचना भेजती है। वहीं से पंजीकरण नंबर पूछें।
  • नगर क्षेत्र (सिलवासा, दमन, दीव): नगर निकाय/नगर पालिका का रजिस्ट्रार।
  • ग्रामीण क्षेत्र: ग्राम पंचायत या स्वास्थ्य केंद्र के स्थानीय रजिस्ट्रार।
  • किस दफ्तर में जाएं: इस पेज पर रजिस्ट्रार दफ्तरों के नाम और फोन इसलिए नहीं दिए गए कि हमें आधिकारिक साइट पर पुष्ट सूची नहीं मिली। अस्पताल या ज़िला प्रशासन कार्यालय से पूछ लें।

CRS पोर्टल और DigiLocker से ऑनलाइन

पोर्टल पर आम नागरिक का लॉगिन मुख्य रूप से घर पर हुए जन्म की रिपोर्ट के लिए है। अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में हुआ जन्म वही संस्था दर्ज करती है; वह पंजीकरण नंबर दे देती है।

  1. crsorgi.gov.in खोलें और General Public वाले विकल्प से मोबाइल नंबर पर साइन-अप/लॉगिन करें।
  2. जन्म की घटना दर्ज करने का विकल्प चुनें और बच्चे, माता-पिता और जन्म की जगह का विवरण भरें।
  3. मांगे गए कागज़ अपलोड करें (साफ़ स्कैन, छोटी PDF/JPG) और आवेदन जमा करें।
  4. आवेदन संख्या/पावती सुरक्षित रखें। रजिस्ट्रार की जांच और स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड होता है।

ज़रूरी कागज़

  • जन्म की सूचना/पर्ची: अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र की जन्म पर्ची या डिस्चार्ज स्लिप। घर पर जन्म हुआ हो तो रजिस्ट्रार जो स्थानीय रिपोर्ट या पुष्टि मांगे (जैसे गांव/वार्ड के प्रतिनिधि की)।
  • माता-पिता का पहचान पत्र: आधार या दूसरा मान्य पहचान पत्र।
  • पते का प्रमाण: राशन कार्ड, बिजली बिल या निवास का कोई मान्य कागज़।
  • देर से पंजीकरण में अतिरिक्त: हलफनामा और जन्म की तारीख का कोई प्रमाण (जैसे टीकाकरण कार्ड या स्कूल का रिकॉर्ड)। सही सूची रजिस्ट्रार देगा।

टिप: अस्पताल में जन्म हो तो अस्पताल अक्सर खुद पंजीकरण की सूचना भेजता है। बच्चे के घर आने से पहले अस्पताल से पूछ लें कि पंजीकरण नंबर मिला या नहीं।

देर से पंजीकरण: समय और शुल्क

कितनी देरी सेक्या लगता है
21 दिन के भीतरपंजीकरण निःशुल्क है। यही सबसे आसान रास्ता है।
21 से 30 दिनदेरी शुल्क (late fee) के साथ स्थानीय रजिस्ट्रार पंजीकरण करता है। राशि राज्य के नियमों में तय है; रजिस्ट्रार से पूछें।
30 दिन से 1 सालनिर्धारित अधिकारी की लिखित अनुमति, नोटरी/अधिकृत अधिकारी के सामने बना हलफनामा और शुल्क (Act की धारा 13)।
1 साल से 2 साल1 अक्टूबर 2026 से लागू संशोधन के अनुसार ज़िला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क (समाचार रिपोर्टों के अनुसार; गज़ट पाठ से मिलान करें)।
2 साल से अधिकउसी संशोधन में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क (समाचार रिपोर्टों के अनुसार)।

शुल्क की राशि और स्थानीय अनुमति देने वाला अधिकारी राज्य के जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमों से तय होते हैं। इस पेज पर वही राशि दी गई है जो आधिकारिक स्रोत से देखी जा सकी; बाकी के लिए रजिस्ट्रार से पूछें।

बच्चे का नाम जोड़ना

जन्म दर्ज होते समय बच्चे का नाम न हो तो नाम बाद में जोड़ा जा सकता है। आम नियम यह है कि पंजीकरण के 12 महीने के भीतर नाम जोड़ने पर कोई फीस नहीं लगती; उसके बाद देरी शुल्क देना पड़ता है और अधिकतम सीमा (आमतौर पर 15 साल) राज्य के नियमों में तय है। दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के नियमों में सही समय और राशि अपने रजिस्ट्रार से पूछ लें। नाम जुड़ने के बाद नया प्रमाण पत्र लें। नाम बदलवाने के लिए अलग प्रक्रिया है: नाम बदलने का एफिडेविट।

प्रमाण पत्र डाउनलोड, सुधार और शिकायत

  • डाउनलोड: crsorgi.gov.in पर लॉगिन करके, या DigiLocker में आधार से जुड़े मोबाइल से जन्म प्रमाण पत्र खोजकर (नाम, जन्म तिथि, लिंग और पंजीकरण संख्या के साथ)।
  • सुधार: नाम, तारीख या माता-पिता के नाम में गलती हो तो जिस रजिस्ट्रार ने पंजीकरण किया उसे लिखित आवेदन और सबूत दें। सुधार का शुल्क और समय उस राज्य के नियमों में तय है।
  • प्रमाण पत्र न मिलने पर: पहले रजिस्ट्रार से, फिर ज़िला रजिस्ट्रार और मुख्य रजिस्ट्रार (Chief Registrar) से लिखित शिकायत करें; केंद्र की CPGRAMS शिकायत सेवा भी है।

आवेदन क्यों अटकता है, और क्या करें

वजहहल
सूचना 21 दिन के बाद दी गईदेरी शुल्क और ऊपर की तालिका की अनुमति वाली प्रक्रिया अपनाएं
माता-पिता के नाम/स्पेलिंग में अंतरआधार/पहचान पत्र जैसा ही नाम लिखें। गलती हो तो सुधार के लिए रजिस्ट्रार को आवेदन दें
अस्पताल की पर्ची नहीं हैअस्पताल से डुप्लीकेट पर्ची या पुष्टि पत्र लें
गलत रजिस्ट्रार के पास गएजन्म जहां हुआ, उसी क्षेत्र के रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण होता है
बच्चे का नाम खाली रह गयानाम जोड़ने का आवेदन दें (ऊपर 'नाम जोड़ना' देखें)

मदद कहां मिलेगी

स्थानीय रजिस्ट्रार से हल न हो तो ज़िला रजिस्ट्रार और मुख्य रजिस्ट्रार को लिखित शिकायत दें। पोर्टल में दिक्कत आए (पहले CRS पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों की खबरें आई थीं) तो कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें या रजिस्ट्रार से मैनुअल प्रमाण पत्र मांगें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दमन/दीव/सिलवासा में जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे मिलेगा?

राष्ट्रीय CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) पर लॉगिन करके, या DigiLocker में आधार से जुड़े मोबाइल से जन्म प्रमाण पत्र खोजकर (नाम, जन्म तिथि, लिंग और पंजीकरण संख्या के साथ)।

क्या DigiLocker पर जन्म प्रमाण पत्र मिलता है?

DigiLocker के ब्लॉग के अनुसार दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव का रिकॉर्ड केंद्रीय पोर्टल से जुड़ा है। वहां आधार वाले मोबाइल से लॉगिन करके पंजीकरण संख्या डालनी होती है।

जन्म के कितने दिन में पंजीकरण कराना चाहिए?

21 दिन के भीतर। इस अवधि में पंजीकरण निःशुल्क है। उसके बाद देरी शुल्क और, देरी बढ़ने पर, अनुमति या मजिस्ट्रेट के आदेश की ज़रूरत पड़ती है।

क्या जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म तिथि का एकमात्र प्रमाण है?

1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चों के लिए हां: संशोधित अधिनियम के अनुसार स्कूल दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता सूची, विवाह पंजीकरण और सरकारी नौकरी में जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म तिथि का प्रमाण है। पुराने जन्मों पर यह लागू नहीं।

1 साल से ज़्यादा देर हो गई तो क्या करें?

समाचार रिपोर्टों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से 1 से 2 साल की देरी में DM/SDM या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और 2 साल से अधिक में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। अपने रजिस्ट्रार से प्रक्रिया पूछकर आवेदन करें।

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