हरियाणा जन्म प्रमाण पत्र 2026: विलंब शुल्क, नाम जोड़ना, SARAL पर आवेदन

✓ जानकारी जांची गई: 14 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

हरियाणा में जन्म-मृत्यु पंजीकरण हरियाणा जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियम 2025 के तहत होता है। जन्म की सूचना 21 दिन में स्थानीय रजिस्ट्रार को देनी है और उसी समय मुफ्त कॉपी मिलती है। 21 से 30 दिन पर ₹10, 31 दिन से 1 साल पर ₹25 और 1 साल के बाद ₹50 विलंब शुल्क है (स्वास्थ्य विभाग की सूची)। देर से पंजीकरण के लिए SARAL पोर्टल पर आवेदन सेवा दर्ज है।

समय सीमा
जन्म के 21 दिन के भीतर (मुफ्त कॉपी)
विलंब शुल्क
21-30 दिन ₹10; 31 दिन-1 साल ₹25; 1 साल बाद ₹50
नाम जोड़ना
12 महीने तक मुफ्त; बाद में ₹50
सर्टिफिकेट कॉपी
₹50 प्रति कॉपी; खोज ₹20 प्रति वर्ष

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कब तक पंजीकरण कराएं, देर होने पर क्या

जन्म की सूचना 21 दिन के भीतर स्थानीय रजिस्ट्रार को देनी होती है। पंजीकरण उसी जगह होता है जहां जन्म हुआ। देर होने पर प्रक्रिया लंबी हो जाती है:

जन्म के बादक्या लगेगा
जन्म के 21 दिन के भीतरपंजीकरण के समय सर्टिफिकेट की मुफ्त कॉपी
21 से 30 दिनविलंब शुल्क ₹10
31 दिन से 1 सालविलंब शुल्क ₹25
1 से 2 सालविलंब शुल्क ₹50; DM/SDM या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश (1 अक्टूबर 2026 से)
2 साल के बादविलंब शुल्क ₹50; प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश

1 अक्टूबर 2026 से नया नियम: जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू हो गया है। अब 1 से 2 साल की देरी पर ज़िला मजिस्ट्रेट (DM), उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) या DM द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और 2 साल से ज़्यादा की देरी पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है। देर से पंजीकरण से पहले अपने रजिस्ट्रार से शुल्क और कागज़ पूछ लें।

1 अक्टूबर 2023 का नियम: जन्म प्रमाण पत्र क्यों ज़रूरी

जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 1 अक्टूबर 2023 से लागू हुआ। इसके बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म की तारीख और जगह का एकमात्र प्रमाण माना जाएगा, इन कामों के लिए:

  • स्कूल/कॉलेज में दाखिला
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • मतदाता सूची में नाम
  • आधार नंबर
  • विवाह पंजीकरण
  • सरकारी नौकरी में नियुक्ति

यह नियम 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चों पर लागू होता है। इसलिए बच्चे का जन्म पंजीकरण 21 दिन में करा लेना सबसे आसान रास्ता है। केंद्र का पोर्टल: crsorgi.gov.in.

कहां और कैसे आवेदन करें

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जन्म की सूचना देने की जिम्मेदारी घर के मुखिया (घर पर जन्म), अस्पताल प्रभारी (अस्पताल में जन्म), छात्रावास/जेल/धर्मशाला प्रभारी (वहां जन्म) और लावारिस मिले नवजात के मामले में थाना जांच अधिकारी की है। पंजीकरण जन्म की जगह पर होता है।

  1. जन्म की सूचना फॉर्म नंबर 1 (जन्म), 3 (मृत्यु) या 4 (मृत जन्म) पर दी जाती है; फॉर्म स्वास्थ्य विभाग की साइट haryanahealth.gov.in पर मिलते हैं।
  2. अस्पताल में जन्म: अस्पताल सूचना भेजता है। पंजीकरण संख्या और सर्टिफिकेट के बारे में पूछें।
  3. घर पर जन्म: फॉर्म 1 भरकर अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार को 21 दिन में दें। जिला पेज (हिसार, पंचकूला आदि) ऑनलाइन रास्ते के रूप में crsorgi.gov.in बताते हैं।
  4. देर से पंजीकरण: SARAL पोर्टल पर saralharyana.gov.in में 'Application for Delayed Birth/Death Registration' सेवा दर्ज है।

ज़रूरी कागज़

  • जन्म सूचना फॉर्म 1 (हरियाणा स्वास्थ्य विभाग का फॉर्म)।
  • अस्पताल में जन्म: अस्पताल की रिपोर्ट/डिस्चार्ज पर्ची।
  • माता-पिता का पहचान और पते का प्रमाण। 2023 के संशोधन में आधार नंबर देने का प्रावधान है।
  • देर से पंजीकरण: शपथ-पत्र और जन्म का कोई सबूत; ठीक सूची SARAL सेवा पेज या रजिस्ट्रार से लें।

बच्चे का नाम जोड़ना

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जन्म बिना नाम के भी पंजीकृत हो सकता है। बच्चे का नाम पंजीकरण की तारीख से 12 महीने के भीतर निःशुल्क दर्ज कराया जा सकता है। 12 महीने बाद नाम दर्ज कराने का शुल्क ₹50 है। एक बार दर्ज नाम बदला नहीं जा सकता, इसलिए वर्तनी ध्यान से लिखवाएं।

सर्टिफिकेट डाउनलोड, सुधार और शिकायत

  • डाउनलोड/कॉपी: स्वास्थ्य विभाग की सूची में सर्टिफिकेट की प्रति ₹50 और रिकॉर्ड खोज ₹20 प्रति वर्ष है। ऑनलाइन कॉपी के लिए crsorgi.gov.in देखें।
  • गलती सुधार: धारा 15 के तहत रजिस्टर की गलती ठीक हो सकती है; रजिस्ट्रार को सबूत के साथ आवेदन दें।
  • शिकायत: SARAL की सेवा में देरी हो तो हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (haryana-rtsc.gov.in) से अपील की जा सकती है; पहले उसी कार्यालय में लिखित शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरियाणा में जन्म पंजीकरण में देरी का जुर्माना कितना है?

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की फीस सूची के अनुसार 21 से 30 दिन पर ₹10, 31 दिन से 1 साल पर ₹25 और 1 साल के बाद ₹50।

हरियाणा में बच्चे का नाम बाद में जुड़वाने का शुल्क कितना है?

पंजीकरण से 12 महीने तक निःशुल्क। उसके बाद ₹50। एक बार दर्ज हुआ नाम बदला नहीं जा सकता (स्वास्थ्य विभाग हरियाणा)।

हरियाणा में जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी का शुल्क क्या है?

सूची के अनुसार प्रति कॉपी ₹50 और रिकॉर्ड खोज ₹20 प्रति वर्ष। जन्म पंजीकरण के समय पहली कॉपी मुफ्त मिलती है।

हरियाणा में बच्चे का जन्म कितने दिन में पंजीकृत कराना चाहिए?

जन्म के 21 दिन के भीतर। इस समय सीमा में पंजीकरण मुफ्त है। इसके बाद देरी के हिसाब से विलंब शुल्क, अधिकारी की अनुमति या मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है।

क्या जन्म प्रमाण पत्र अब जन्म की तारीख का एकमात्र प्रमाण है?

1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चों के लिए हां: दाखिला, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता सूची, आधार, विवाह पंजीकरण और सरकारी नौकरी में यही प्रमाण माना जाएगा (संशोधन अधिनियम 2023)।

जन्म पंजीकरण के बाद नाम न चढ़ा हो तो क्या करें?

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पंजीकरण की तारीख से 12 महीने तक नाम दर्ज कराना निःशुल्क है; उसके बाद ₹50 लगता है। एक बार दर्ज हुआ नाम बदला नहीं जा सकता।

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