पश्चिम बंगाल जन्म प्रमाण पत्र 2026: Janma Mrityu Tathya पोर्टल, देर से पंजीकरण और सुधार
सीधा जवाब
पश्चिम बंगाल में जन्म का पंजीकरण, देर से पंजीकरण, सुधार और डिजिटलीकरण राज्य के Janma Mrityu Tathya पोर्टल से होता है। पोर्टल के नागरिक हिस्से में नया पंजीकरण, आवेदन की स्थिति और प्रमाण पत्र डाउनलोड के विकल्प हैं। कोलकाता में नगर निगम (KMC) के पास दर्ज जन्म का प्रमाण पत्र भी इसी पोर्टल से जारी होता है।
- सेवाएं
- नया, देर से, सुधार, डाउनलोड, डिजिटलीकरण
- कोलकाता
- KMC जन्म-मृत्यु पेज
- 21 दिन के भीतर
- पंजीकरण मुफ़्त
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पुरानी ज़िला वेबसाइटों में अब भी पुराना e-District लिंक दिखता है। अब जन्म-मृत्यु की सेवाओं के लिए Janma Mrityu Tathya पोर्टल देखें।
जन्म प्रमाण पत्र क्यों ज़रूरी है
- 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चे के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के अनुसार जन्म की तारीख और जगह यही प्रमाण पत्र साबित करता है। यह स्कूल-कॉलेज में दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर सूची, विवाह पंजीकरण, सरकारी या सरकारी निकाय की नौकरी, पासपोर्ट और आधार नंबर के लिए लागू है।
- इस तारीख से पहले जन्मे लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता।
- पंजीकरण के समय माता-पिता और सूचना देने वाले का आधार नंबर (अगर उपलब्ध हो) दर्ज किया जाता है।
- सूचना देने वाले को एक प्रति मुफ़्त मिलती है (अधिनियम की धारा 12)। और प्रतियां तय शुल्क देकर मिलती हैं।
पश्चिम बंगाल में कहां होता है पंजीकरण
- राज्य का पोर्टल Janma Mrityu Tathya है। उसके अनुसार नया पंजीकरण, देर से पंजीकरण (delayed issue), सुधार और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का डिजिटलीकरण इसी पर चालू है।
- पोर्टल पर स्थानीय निकायों (नगरपालिका, पंचायत) के लिए अलग उपयोगकर्ता पुस्तिका है, यानी उनके पंजीयक इसी पोर्टल पर काम करते हैं।
- कोलकाता: KMC के पेज के अनुसार सभी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र इसी पोर्टल से जारी होते हैं और प्रमाण पत्र तभी मिलता है जब घटना KMC में पंजीकृत हो। KMC का जन्म-मृत्यु पेज।
पंजीकरण कौन कराता है
- अस्पताल या नर्सिंग होम में जन्म: अस्पताल का प्रभारी डॉक्टर या उसका अधिकृत व्यक्ति जन्म की सूचना पंजीयक को देता है। माता-पिता यह काम नहीं करते। अस्पताल से पंजीकरण की पर्ची या नंबर ज़रूर लें।
- घर पर जन्म: घर का मुखिया, उसके न होने पर घर में मौजूद उसका निकट संबंधी, या सबसे बड़ा वयस्क सूचना देता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ANM और आशा जैसे अधिसूचित लोग भी सूचना दे सकते हैं।
- अविवाहित या अकेली मां, गोद लिया बच्चा, सरोगेसी: 2023 के संशोधन में इनके लिए सूचना देने वाले तय किए गए हैं, जैसे अकेली मां के लिए माता खुद और गोद लेने पर गोद लेने वाले माता-पिता।
- जन्म की जगह के हिसाब से पंजीकरण: जन्म जहां हुआ, वहीं के नगरपालिका, पंचायत या स्थानीय निकाय के पंजीयक (Registrar) के पास पंजीकरण होता है। कहीं और रहने पर भी जन्म की जगह का पंजीयक ही रिकॉर्ड रखता है।
पोर्टल और स्थानीय कार्यालय से आवेदन
- अस्पताल में जन्म: अस्पताल सूचना देता है। डिस्चार्ज पर पंजीकरण की पर्ची लें।
- घर पर जन्म: 21 दिन के भीतर अपने क्षेत्र की नगरपालिका या ग्राम पंचायत के पंजीयक कार्यालय में सूचना दें।
- पोर्टल janma-mrityutathya.wb.gov.in के नागरिक हिस्से में नया पंजीकरण या देर से पंजीकरण का आवेदन, आवेदन की स्थिति और प्रमाण पत्र डाउनलोड के विकल्प देखें।
- देर से पंजीकरण में पंजीयक कार्यालय बताएगा कि कौन से सबूत और किसका आदेश चाहिए। केंद्रीय कानून के अनुसार एक साल बाद मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए।
- प्रमाण पत्र मिलने पर नाम, तारीख और जगह जांच लें, और गलती हो तो सुधार का आवेदन करें।
CRS पोर्टल से प्रमाण पत्र डाउनलोड करना
जिन राज्यों और इकाइयों का रिकॉर्ड केंद्रीय CRS पोर्टल पर है, वहां Download Certificate पेज से प्रमाण पत्र निकलता है।
- dc.crsorgi.gov.in/crs/dwnld खोलें।
- बॉक्स में Application Reference No. डालें और आगे बढ़ें।
- आपके पंजीकृत मोबाइल पर OTP आएगा। उसे डालकर सत्यापन करें।
- सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र PDF में डाउनलोड हो जाएगा।
संदर्भ नंबर नहीं मिल रहा तो अस्पताल या पंजीयक कार्यालय से पूछें। CRS पोर्टल की जानकारी के अनुसार आम नागरिक खुद कुल चार घटनाएं (events) तक ही दर्ज कर सकता है।
समय-सीमा और देर से पंजीकरण
ये केंद्रीय कानून (1969 का अधिनियम, 2023 और 2026 के संशोधन के साथ) के नियम हैं। देरी का शुल्क हर राज्य के नियमों से तय होता है, इसलिए यहां शुल्क की राशि नहीं लिखी है।
| जन्म के कितने बाद | क्या करना होगा |
|---|---|
| 21 दिन के भीतर | कोई शुल्क नहीं। |
| 21 से 30 दिन | देरी का शुल्क देकर पंजीयक के पास पंजीकरण। |
| 30 दिन से 1 साल | ज़िला पंजीयक (District Registrar) या तय अधिकारी की लिखित अनुमति, देरी का शुल्क और स्व-प्रमाणित दस्तावेज़ (Form 14)। |
| 1 साल से 2 साल | ज़िला मजिस्ट्रेट, उप-खंड मजिस्ट्रेट या ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क। (2026 के संशोधन से, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू है) |
| 2 साल के बाद | प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश और शुल्क। (2026 के संशोधन से, 1 अक्टूबर 2026 से लागू) |
देर से पंजीकरण में हर जगह जन्म का कोई सबूत मांगा जाता है, जैसे अस्पताल का रिकॉर्ड, टीकाकरण कार्ड या स्कूल का रिकॉर्ड। कौन सा सबूत चलेगा, यह आपके पंजीयक और राज्य के नियमों पर है। जाने से पहले पंजीयक कार्यालय से पूछ लें।
बच्चे का नाम जोड़ना और गलती सुधारना
- बच्चे के नाम के बिना भी जन्म दर्ज हो सकता है। नाम बाद में जोड़ा जा सकता है।
- पंजीकरण के 12 महीने के भीतर नाम जोड़ना मुफ़्त है।
- 12 महीने के बाद पंजीकरण की तारीख से 15 साल तक नाम तय शुल्क देकर जुड़ता है (शुल्क राज्य के नियमों में तय)।
- नाम या दूसरी जानकारी में गलती हो तो सुधार (correction) की व्यवस्था अधिनियम की धारा 15 और राज्य के नियमों के तहत है। इसके लिए पंजीयक को प्रमाण के साथ आवेदन दें।
आवेदन अटके या खारिज हो तो कहां जाएं
- पंजीयक के किसी फैसले या आदेश से असंतुष्ट हों तो 30 दिन के भीतर ज़िला पंजीयक (District Registrar) के पास अपील कर सकते हैं (अधिनियम की धारा 25A)।
- ज़िला पंजीयक के आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर मुख्य पंजीयक (Chief Registrar) के पास अपील होती है।
- अपील का फैसला 90 दिन के भीतर करना ज़रूरी है।
राष्ट्रीय CRS पोर्टल और सत्यापन
- केंद्र सरकार का नागरिक पंजीकरण पोर्टल: crsorgi.gov.in। वहां जन्म की ऑनलाइन रिपोर्ट, देरी के शुल्क का भुगतान, आवेदन की स्थिति देखना और सुधार का आवेदन जैसी सेवाएं हैं।
- यह पोर्टल किसी राज्य के हर पंजीकरण केंद्र के लिए चालू हो, यह ज़रूरी नहीं। अपने पंजीयक से पूछें कि आपका रिकॉर्ड किस पोर्टल पर है।
- प्रमाण पत्र फोन में रखना हो तो देखें: DigiLocker गाइड।
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 14 अक्टूबर 2026
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पश्चिम बंगाल में जन्म प्रमाण पत्र किस पोर्टल पर बनता है?
राज्य के Janma Mrityu Tathya पोर्टल (janma-mrityutathya.wb.gov.in) पर, जहां नया, देर से और सुधार के आवेदन तथा प्रमाण पत्र की सेवाएं चालू हैं। कोलकाता में भी KMC के प्रमाण पत्र इसी पोर्टल से जारी होते हैं।
कोलकाता में जन्म प्रमाण पत्र कैसे मिलेगा?
KMC के पेज के अनुसार प्रमाण पत्र तभी मिलता है जब जन्म KMC में पंजीकृत हो, और वह Janma Mrityu Tathya पोर्टल से जारी होता है।
पश्चिम बंगाल में देर से पंजीकरण का शुल्क कितना है?
यह राज्य के नियमों से तय होता है और हमें मौजूदा राशि आधिकारिक पेज से पक्की नहीं मिली, इसलिए यहां नहीं लिखी। अपने पंजीयक कार्यालय से पूछें।
जन्म के 21 दिन के भीतर पंजीकरण में कितना शुल्क लगता है?
कुछ नहीं। राष्ट्रीय CRS की जानकारी के अनुसार 21 दिन के भीतर सूचना देने पर कोई शुल्क नहीं लगता।
क्या बिना नाम के जन्म दर्ज हो सकता है?
हां। नाम 12 महीने के भीतर मुफ़्त जुड़ता है और उसके बाद पंजीकरण की तारीख से 15 साल तक तय शुल्क देकर जुड़ता है।
क्या जन्म प्रमाण पत्र अब जन्म की तारीख का एकमात्र प्रमाण है?
1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे लोगों के लिए हां: स्कूल दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर सूची, विवाह पंजीकरण, सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और आधार के लिए जन्म की तारीख और जगह इसी प्रमाण पत्र से साबित होती है। उससे पहले जन्मे लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता।
एक साल से ज़्यादा देर हो जाए तो क्या करें?
एक से दो साल के बीच ज़िला मजिस्ट्रेट, उप-खंड मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। दो साल के बाद प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए। यह 1 अक्टूबर 2026 से लागू 2026 के संशोधन के अनुसार है। शुल्क राज्य के नियमों से तय होता है।
पंजीयक का फैसला गलत लगे तो कहां अपील करें?
फैसले के 30 दिन के भीतर ज़िला पंजीयक के पास, और उसके आदेश पर 30 दिन के भीतर मुख्य पंजीयक के पास। फैसला 90 दिन में होना चाहिए (धारा 25A)।
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