विवाह पंजीकरण / प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र 2026
सीधा जवाब
हो चुकी शादी का पंजीकरण कराकर विवाह प्रमाण पत्र लिया जाता है। हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख शादियों का पंजीकरण हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 8 और राज्य के नियमों के तहत विवाह रजिस्ट्रार (अक्सर SDM, उप-रजिस्ट्रार, नगर निगम या पंचायत) के यहां होता है। सुप्रीम कोर्ट ने सीमा बनाम अश्वनी कुमार (2006) में सभी शादियों का पंजीकरण अनिवार्य करने को कहा था। पति-पत्नी दोनों को गवाहों के साथ आना होता है।
- किसे दें
- विवाह रजिस्ट्रार (राज्य के नियम से तय)
- कानून
- हिंदू विवाह अधिनियम 1955, धारा 8 + राज्य नियम
- कौन आएगा
- पति-पत्नी दोनों और गवाह
- कहां से
- राज्य का विवाह पंजीकरण पोर्टल / e-District / रजिस्ट्रार कार्यालय
विवाह रजिस्ट्रार कौन है, फीस, गवाहों की संख्या और समय सीमा हर राज्य के नियम में अलग है। कोर्ट मैरिज (विशेष विवाह अधिनियम) की प्रक्रिया अलग है; यह पत्र उसके लिए नहीं है।
अपना विवाह प्रमाण पत्र आवेदन बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- शादी हो चुकी है और पासपोर्ट, वीज़ा या बैंक के लिए प्रमाण पत्र चाहिए
- पत्नी का नाम राशन कार्ड, आधार या सरकारी रिकॉर्ड में जोड़ना है
- किसी योजना (जैसे विवाह सहायता) में पंजीकृत विवाह का प्रमाण मांगा गया है
- बीमा, पेंशन या नॉमिनी के लिए पति/पत्नी होने का सबूत चाहिए
किसे लिखें: जहां शादी हुई या जहां पति/पत्नी रहते हैं, वहां के विवाह रजिस्ट्रार को। अलग धर्म की शादी या कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिनियम 1954 के विवाह अधिकारी के पास होती है, जिसकी प्रक्रिया (30 दिन का नोटिस) अलग है।
साथ में क्या लगाएं
- पति-पत्नी दोनों का आयु प्रमाण और पहचान पत्र
- शादी का कार्ड, मंदिर/आर्य समाज/गुरुद्वारे का प्रमाण पत्र (जो हो)
- शादी की संयुक्त फोटो और पासपोर्ट साइज़ फोटो
- गवाहों के पहचान पत्र (संख्या राज्य के नियम से)
- राज्य के फॉर्मेट में शपथ पत्र; पहले शादी हुई हो तो तलाक आदेश/पति-पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र
कैसे और कहां जमा करें
- अपने राज्य के विवाह पंजीकरण पोर्टल / e-District पर ऑनलाइन फॉर्म भरें या रजिस्ट्रार कार्यालय से फॉर्म लें; यह पत्र साथ लगाएं।
- फीस जमा करें और रजिस्ट्रार के सामने उपस्थिति की तारीख लें।
- तय तारीख पर पति-पत्नी गवाहों और मूल कागज़ों के साथ जाएं; हस्ताक्षर के बाद प्रमाण पत्र मिलता है।
- देरी हो या आवेदन अटका हो तो राज्य के सेवा का अधिकार कानून के तहत अपील या ज़िला अधिकारी को शिकायत करें।
ध्यान दें
- कानूनी उम्र: लड़की 18 और लड़का 21 साल; इससे कम उम्र में हुई शादी पर पंजीकरण में दिक्कत होगी।
- नाम की स्पेलिंग आधार और पासपोर्ट जैसी रखें; बाद में सुधार कराना मुश्किल है।
- देर से पंजीकरण पर कई राज्यों में लेट फीस लगती है; जल्दी कराएं।
- दलाल 'घर बैठे सर्टिफिकेट' का दावा करें तो सावधान रहें; रजिस्ट्रार के सामने उपस्थिति ज़रूरी होती है।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कहां करें?
राज्य द्वारा तय विवाह रजिस्ट्रार (SDM/उप-रजिस्ट्रार/नगर निगम/पंचायत) के यहां। कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरकर फिर उपस्थिति के लिए जाना होता है।
क्या शादी का पंजीकरण ज़रूरी है?
सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में सीमा बनाम अश्वनी कुमार में सभी शादियों के अनिवार्य पंजीकरण के निर्देश दिए थे और कई राज्यों ने इसके नियम बनाए हैं। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पंजीकरण न होने से शादी अवैध नहीं होती, पर प्रमाण पत्र कई कामों में ज़रूरी है।
विवाह पंजीकरण में कितने गवाह लगते हैं?
राज्य के नियम के अनुसार, आम तौर पर दो या तीन। गवाहों के पहचान पत्र साथ ले जाएं।
शादी के कई साल बाद पंजीकरण हो सकता है?
हां, ज़्यादातर राज्यों में हो सकता है, पर लेट फीस या अतिरिक्त शपथ पत्र लग सकता है। अपने रजिस्ट्रार से पूछें।
दूसरे आवेदन पत्र
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