दिव्यांग प्रमाण पत्र / UDID कार्ड के लिए आवेदन पत्र 2026
सीधा जवाब
दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act) 2016 के तहत राज्य की अधिसूचित मेडिकल अथॉरिटी (ज़िला अस्पताल का मेडिकल बोर्ड / CMO) जांच के बाद देती है। आवेदन केंद्र के UDID पोर्टल (swavlambancard.gov.in) पर होता है; इसी से प्रमाण पत्र और UDID कार्ड दोनों बनते हैं। 2024 के संशोधित नियमों के अनुसार फैसला 3 महीने में होना चाहिए और आवेदन खारिज हो तो 90 दिन में अपील की जा सकती है। सरकारी लाभ के लिए आम तौर पर 40% या ज़्यादा (बेंचमार्क) दिव्यांगता चाहिए।
- कानून
- RPwD Act 2016, धारा 57–59
- ऑनलाइन
- swavlambancard.gov.in (UDID)
- फैसले का समय
- 3 महीने (RPwD संशोधन नियम 2024)
- अपील
- खारिज होने पर 90 दिन में अपीलीय अधिकारी (धारा 59)
अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र आवेदन बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- पहली बार दिव्यांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड बनवाना है
- दिव्यांग पेंशन, छात्रवृत्ति, नौकरी में आरक्षण, बस/रेल छूट के लिए प्रमाण पत्र चाहिए
- UDID पर आवेदन किया पर जांच की तारीख या कार्ड नहीं मिला
- अस्थायी प्रमाण पत्र की अवधि खत्म हो गई, दोबारा जांच करानी है
किसे लिखें: अपने ज़िले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) / मेडिकल बोर्ड या राज्य द्वारा अधिसूचित मेडिकल अथॉरिटी को। ऑनलाइन UDID आवेदन के बाद जांच की तारीख पर यह पत्र और कागज़ साथ ले जाएं; अटके आवेदन के लिए भी यही पत्र CMO को दें।
साथ में क्या लगाएं
- UDID पोर्टल पर आवेदन की पावती (enrolment number)
- पहचान का प्रमाण और आधार (या आधार नामांकन संख्या), निवास का प्रमाण
- हाल की फोटो (6 महीने के अंदर) और हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान
- इलाज, ऑपरेशन, जांच रिपोर्ट (आंख, कान, IQ आदि) जो पहले हुई हों
कैसे और कहां जमा करें
- swavlambancard.gov.in पर "Apply for Disability Certificate & UDID Card" में फॉर्म भरें, फोटो और कागज़ अपलोड करें; खुद न कर पाएं तो CSC या ज़िला अस्पताल की मदद लें।
- मेडिकल अथॉरिटी जांच की तारीख देती है; उस दिन यह पत्र, मूल कागज़ और पुरानी रिपोर्ट लेकर जाएं।
- जांच के बाद प्रमाण पत्र पोर्टल पर आता है और UDID कार्ड डाक से भेजा जाता है; स्थिति पोर्टल पर देखें।
- 3 महीने में फैसला न हो तो CMO को यह पत्र देकर लिखित पावती लें, फिर ज़िला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी या राज्य दिव्यांगजन आयुक्त को शिकायत करें।
- आवेदन खारिज हो या प्रतिशत गलत लगे तो सूचना मिलने के 90 दिन के अंदर राज्य द्वारा तय अपीलीय अधिकारी को अपील करें (धारा 59)।
ध्यान दें
- अस्थायी (temporary) प्रमाण पत्र की वैधता खत्म होने से पहले दोबारा जांच के लिए आवेदन करें।
- आवेदन 2 साल तक अधूरा पड़ा रहे तो निष्क्रिय (inactive) हो जाता है; समय पर जांच के लिए जाएं।
- पुराना हाथ से बना प्रमाण पत्र हो तो उसी नंबर से UDID पर ऑनलाइन करवा लें।
- पूरा आधार नंबर, OTP किसी अनजान व्यक्ति को न दें; पोर्टल पर आवेदन मुफ्त है।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
योजना और सामाजिक सहायता: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कहां करें?
UDID पोर्टल swavlambancard.gov.in पर ऑनलाइन। आवेदन ज़िले की मेडिकल अथॉरिटी (CMO/मेडिकल बोर्ड) के पास जाता है जो जांच करके प्रमाण पत्र देती है।
दिव्यांग प्रमाण पत्र कितने दिन में बनता है?
RPwD संशोधन नियम 2024 के अनुसार मेडिकल अथॉरिटी को आवेदन मिलने के 3 महीने के अंदर फैसला करना होता है।
आवेदन खारिज हो जाए तो क्या करें?
खारिज होने की सूचना के 90 दिन के अंदर राज्य द्वारा अधिसूचित अपीलीय अधिकारी को RPwD Act की धारा 59 के तहत अपील करें।
सरकारी लाभ के लिए कितनी दिव्यांगता चाहिए?
ज़्यादातर लाभ (आरक्षण, पेंशन) के लिए 40% या ज़्यादा, यानी बेंचमार्क दिव्यांगता चाहिए। कुछ राज्य योजनाओं की शर्तें अलग हो सकती हैं।
UDID कार्ड और दिव्यांग प्रमाण पत्र में क्या फर्क है?
दोनों एक ही आवेदन से बनते हैं। प्रमाण पत्र में दिव्यांगता का प्रतिशत लिखा होता है; UDID कार्ड पूरे देश में मान्य पहचान पत्र है।
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