RTE में दाखिला न देने की शिकायत पत्र 2026 (धारा 12(1)(c), 32)
सीधा जवाब
RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) के तहत प्राइवेट (गैर-सहायता प्राप्त) स्कूलों को प्रवेश कक्षा की कम से कम 25% सीटें कमज़ोर और वंचित वर्ग के बच्चों को मुफ्त देनी होती हैं। राज्य के RTE पोर्टल की लॉटरी में सीट मिलने के बाद भी स्कूल दाखिला न दे, कागज़ के बहाने टाले या फीस मांगे, तो धारा 32 के तहत लिखित शिकायत करें। स्थानीय प्राधिकारी को 3 महीने में फैसला करना होता है; उससे असंतुष्ट हों तो राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) में अपील होती है।
- कानून
- RTE अधिनियम 2009: धारा 12(1)(c), 13, 32
- किसे दें
- ज़िला शिक्षा अधिकारी / बेसिक शिक्षा अधिकारी (RTE नोडल)
- फैसले का समय
- शिकायत पर 3 महीने के अंदर (धारा 32(2))
- अपील
- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR)
अपना RTE दाखिला न देने की शिकायत बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- RTE लॉटरी में बच्चे का नाम आया, पर स्कूल दाखिला नहीं दे रहा
- स्कूल 'सीट भर गई', 'दूरी ज़्यादा है' या कागज़ की कमी बताकर टाल रहा है
- स्कूल RTE सीट पर फीस, डोनेशन, किताब-ड्रेस के नाम पर पैसा मांग रहा है
- दाखिले के बाद बच्चे को अलग बिठाना या भेदभाव हो रहा है
किसे लिखें: अपने ज़िले के ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) / ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) या राज्य ने जिस अधिकारी को RTE शिकायत के लिए नामित किया हो (कई जगह खंड शिक्षा अधिकारी)। कॉपी स्कूल के प्रधानाचार्य और SCPCR को भेजें।
साथ में क्या लगाएं
- RTE पोर्टल का आवंटन पत्र / लॉटरी रिज़ल्ट का प्रिंट
- स्कूल को दिए कागज़ों/आवेदन की रिसीविंग, अगर मिली हो
- आय या वर्ग का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- फीस मांगने या मना करने का सबूत: पर्ची, व्हाट्सऐप मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग
कैसे और कहां जमा करें
- पत्र की 3 कॉपी बनाएं: शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करें, एक पर रिसीविंग लें, एक स्कूल को दें।
- कई राज्यों के RTE पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत का विकल्प है; उसे भी भरें और शिकायत संख्या संभालें।
- राज्य का CM हेल्पलाइन/जन शिकायत पोर्टल हो तो वहां भी यही शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- 3 महीने में फैसला न हो या फैसले से असंतुष्ट हों, तो राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) में अपील/शिकायत करें; ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी मदद ले सकते हैं।
ध्यान दें
- दाखिले की समय सीमा कम होती है; सीट मिलते ही स्कूल जाएं और मना करने पर उसी हफ्ते शिकायत करें।
- स्कूल से मना करने का कारण लिखित में मांगें।
- RTE सीट पर ट्यूशन फीस नहीं लगती; किताब/ड्रेस के नियम राज्य के हिसाब से अलग हैं, राज्य का नियम देखें।
- पोर्टल पर भरे पते और आय की जानकारी सही हो; गलत जानकारी पर सीट रद्द हो सकती है।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
शिकायत पत्र: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
RTE में नाम आने के बाद स्कूल दाखिला न दे तो क्या करें?
आवंटन पत्र के साथ ज़िला शिक्षा अधिकारी/बेसिक शिक्षा अधिकारी को RTE धारा 32 के तहत लिखित शिकायत दें और रिसीविंग लें। कॉपी SCPCR को भी भेजें।
RTE शिकायत पर कितने दिन में फैसला होता है?
धारा 32(2) के अनुसार स्थानीय प्राधिकारी को दोनों पक्षों को सुनकर 3 महीने के अंदर शिकायत निपटानी होती है।
RTE सीट पर स्कूल फीस मांग सकता है?
नहीं। 25% सीट पर बच्चे को मुफ्त पढ़ाई मिलती है और खर्च राज्य सरकार स्कूल को देती है। कैपिटेशन फीस और स्क्रीनिंग टेस्ट धारा 13 में मना हैं।
शिक्षा अधिकारी भी कार्रवाई न करें तो?
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) में अपील करें। आप RTI से अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी मांग सकते हैं।
दूसरे आवेदन पत्र
सभी फॉर्मेट ›ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं