किरायेदार पुलिस वेरिफिकेशन पत्र 2026
सीधा जवाब
मकान/दुकान किराये पर देने पर मकान मालिक को किरायेदार की जानकारी स्थानीय थाने को देनी होती है। कई राज्यों में यह राज्य पुलिस के सिटिजन पोर्टल पर ऑनलाइन होता है (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा), और कई जगह थाने का तय फॉर्म भरकर किरायेदार की फोटो और पहचान पत्र के साथ जमा होता है। यह पत्र फॉर्म के साथ लगाने वाला कवरिंग पत्र है, जिससे जमा करने का लिखित रिकॉर्ड बनता है।
- किसे दें
- जिस इलाके में मकान है, उस थाने के प्रभारी (SHO)
- कौन दे
- मकान मालिक (किरायेदार के साथ हस्ताक्षर)
- ऑनलाइन
- कई राज्यों के पुलिस सिटिजन पोर्टल पर 'Tenant Verification' सेवा
- फीस
- राज्य के हिसाब से अलग (जैसे हरियाणा ₹50); कई जगह मुफ्त, थाने से पूछें
किरायेदार सत्यापन का फॉर्म, शुल्क और तरीका हर राज्य की पुलिस अलग रखती है; कई राज्यों में यह सिर्फ ऑनलाइन होता है। यह पत्र फॉर्म के साथ लगाने के लिए है।
अपना किरायेदार पुलिस सत्यापन पत्र बनाएं
नीचे जानकारी भरें, पत्र अपने आप तैयार हो जाएगा। आपकी जानकारी सिर्फ आपके फोन/कंप्यूटर में रहती है, हमारे सर्वर पर नहीं जाती।
यह पत्र कब काम आता है
- नया किरायेदार या PG रखा है
- दुकान, गोदाम या कमरा किराये पर दिया है
- थाने या ज़िला प्रशासन ने किरायेदारों का सत्यापन कराने को कहा है
- ऑनलाइन आवेदन के बाद थाने में कागज़ जमा करने को कहा गया
किसे लिखें: जिस इलाके में किराये का मकान/दुकान है, उस थाने के प्रभारी (SHO) को। किरायेदार दूसरे ज़िले/राज्य का हो तो पुलिस उसके स्थायी पते के थाने से भी जांच कराती है।
साथ में क्या लगाएं
- थाने/राज्य पुलिस का तय किरायेदार सत्यापन फॉर्म (भरा हुआ, दोनों के हस्ताक्षर)
- किरायेदार की फोटो और पहचान पत्र (आधार/वोटर/DL/पासपोर्ट) की स्व-प्रमाणित कॉपी
- किरायेदार के स्थायी पते का प्रमाण; नौकरी करता हो तो नियोक्ता का विवरण
- रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक के पहचान पत्र की कॉपी
कैसे और कहां जमा करें
- पहले अपने राज्य की पुलिस वेबसाइट/ऐप पर 'Tenant Verification' सेवा देखें; ऑनलाइन हो तो वहीं फॉर्म भरकर कागज़ अपलोड करें और आवेदन संख्या लें।
- ऑफलाइन हो तो यह पत्र, थाने का फॉर्म और कागज़ थाने में जमा करें और मुहर लगी रिसीविंग लें।
- पुलिस किरायेदार के स्थायी पते के थाने से जांच कराती है; इसमें समय लग सकता है। स्थिति पोर्टल या थाने से पूछें।
- थाना आवेदन न ले तो पुलिस के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर या SP/DCP कार्यालय में लिखित शिकायत दें।
ध्यान दें
- किरायेदार को चाबी देने से पहले ही सत्यापन का आवेदन कर दें।
- आधार की कॉपी पर 'सिर्फ पुलिस सत्यापन हेतु' लिखकर हस्ताक्षर करें; बिना ज़रूरत पूरा आधार नंबर कहीं न लिखें।
- कई ज़िलों में DM/पुलिस आयुक्त किरायेदार की सूचना देने का आदेश (BNSS धारा 163) जारी करते हैं; न मानने पर BNS धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
- रिसीविंग और सत्यापन रिपोर्ट की कॉपी संभाल कर रखें।
यह एक नमूना है, कानूनी सलाह नहीं। जिस दफ्तर में पत्र देना है, उसका अपना फॉर्म या फॉर्मेट हो तो वही इस्तेमाल करें। SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।
पुलिस को आवेदन: और फॉर्मेट
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 17 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन कैसे कराएं?
राज्य पुलिस के सिटिजन पोर्टल पर 'Tenant Verification' सेवा में ऑनलाइन आवेदन करें, या थाने का फॉर्म भरकर किरायेदार की फोटो, पहचान पत्र और रेंट एग्रीमेंट के साथ थाने में जमा करें और रिसीविंग लें।
किरायेदार वेरिफिकेशन कौन कराता है?
ज़िम्मेदारी मकान मालिक की होती है; फॉर्म पर मकान मालिक और किरायेदार दोनों के हस्ताक्षर होते हैं।
किरायेदार वेरिफिकेशन की फीस कितनी है?
राज्य के हिसाब से अलग है। जैसे हरियाणा पुलिस के पोर्टल पर किरायेदार सत्यापन का शुल्क ₹50 लिखा है; कई राज्यों में यह मुफ्त है। अपने राज्य की पुलिस वेबसाइट देखें।
वेरिफिकेशन न कराने पर क्या होता है?
जहां DM/पुलिस आयुक्त ने आदेश जारी किया है, वहां आदेश न मानना BNS धारा 223 के तहत दंडनीय हो सकता है। साथ ही किसी घटना की स्थिति में मकान मालिक को परेशानी हो सकती है।
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