केरल लेबर कार्ड 2026: निर्माण श्रमिक रजिस्ट्रेशन, कागज़ और योजनाएं
सीधा जवाब
केरल में निर्माण मज़दूरों का लेबर कार्ड केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (Kerala Building and Other Construction Workers Welfare Board) में सदस्यता से बनता है। 18 से 60 साल का मज़दूर, जिसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया है, सदस्य बन सकता है। सदस्य को हर महीने ₹50 अंशदान देना होता है। आवेदन अपने ज़िले में बोर्ड के ज़िला कार्यालय (District Executive Officer) में करें।
- बोर्ड
- केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड
- उम्र
- 18 से 60 साल
- अंशदान
- ₹50 हर महीने
- कहां आवेदन करें
- बोर्ड का ज़िला कार्यालय (मुख्यालय: तिरुवनंतपुरम)
🏪 लेबर कार्ड फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: केरल के CSC सेंटर · अपने पास का CSC
पेंशन की ताज़ा स्थिति: केरल सरकार बोर्ड की पेंशन के लिए हर महीने अलग से राशि मंज़ूर कर रही है (जैसे सितंबर 2026)। यह पेंशन सिर्फ उन्हीं पेंशनरों को मिल रही है जिनका आधार सत्यापन पूरा है, इसलिए आधार और बैंक खाता बोर्ड में अपडेट रखें। पिछले सालों में इस बोर्ड की पेंशन में लंबी देरी हुई थी; CAG की 2024 की रिपोर्ट में भी बोर्ड की घटती नकदी और पेंशन महीने की जगह तिमाही में देने की बात लिखी है। बकाया (arrears) के बारे में ज़िला कार्यालय से पूछें।
लेबर कार्ड (BOCW) या e-Shram कार्ड: कौन सा चाहिए?
लोग दोनों को "लेबर कार्ड" कहते हैं, पर ये अलग हैं। केरल का लेबर कार्ड केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (Kerala Building and Other Construction Workers Welfare Board) बनाता है।
| बात | लेबर कार्ड (BOCW) | e-Shram कार्ड |
|---|---|---|
| किसका कार्ड | राज्य का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड | केंद्र सरकार (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय) |
| किसके लिए | सिर्फ निर्माण (construction) मज़दूर | सभी असंगठित मज़दूर: खेतिहर, घरेलू कामगार, रेहड़ी वाले, ड्राइवर आदि |
| उम्र | 18 से 60 साल | 16 से 59 साल |
| शर्त | पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य | EPFO/ESIC सदस्य और इनकम टैक्स देने वाले नहीं |
| फायदा | बोर्ड की योजनाएं: पढ़ाई, शादी, प्रसूति, पेंशन, मृत्यु सहायता | 12 अंकों का UAN, ₹2 लाख दुर्घटना बीमा, केंद्र की योजनाओं से जुड़ाव |
| फीस | राज्य के अनुसार (नीचे देखें) | मुफ्त |
दोनों कार्ड अलग हैं और दोनों बनवा सकते हैं। निर्माण मज़दूर हैं तो लेबर कार्ड से बोर्ड की योजनाएं मिलती हैं, और e-Shram कार्ड से केंद्र का दुर्घटना बीमा।
केरल में लेबर कार्ड कौन बनवा सकता है
- उम्र 18 साल से 60 साल के बीच हो (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 की धारा 12)।
- पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो: राजमिस्त्री, बढ़ई, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, सरिया, टाइल्स, सड़क और पुल निर्माण जैसे काम।
- फैक्टरी अधिनियम या खान अधिनियम के तहत आने वाले मज़दूर इस बोर्ड में नहीं आते।
- योजनाओं का लाभ लेने के लिए सदस्यता चालू होनी चाहिए, यानी हर महीने ₹50 का अंशदान समय पर जमा होता रहे।
- जो आवेदक निर्माण मज़दूर न लगे, उसकी जांच होती है। आवेदन नामंज़ूर हो तो आदेश मिलने के 30 दिन के अंदर बोर्ड के सचिव (Secretary) के पास अपील कर सकते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- उम्र का प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल सर्टिफिकेट / आधार / वोटर ID
- 90 दिन निर्माण कार्य का प्रमाण पत्र: ठेकेदार, नियोक्ता या पंजीकृत ट्रेड यूनियन से
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक, क्योंकि सहायता खाते में आती है
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, और नॉमिनी का विवरण
फोटो या PDF का साइज़ ज़्यादा है? यहां फ्री में छोटा करें। कागज़ों की पूरी लिस्ट बनानी है तो Document Checklist देखें।
केरल लेबर कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें
बोर्ड का काम ज़िला कार्यालयों से चलता है, जिनके प्रमुख District Executive Officer होते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा की हम पुष्टि नहीं कर पाए, इसलिए सबसे भरोसेमंद रास्ता अपने ज़िले का बोर्ड कार्यालय है।
- ज़िला कार्यालय जाएं: अपने ज़िले में केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के कार्यालय या ज़िला श्रम कार्यालय में सदस्यता का फॉर्म मांगें।
- पूछ लें: रजिस्ट्रेशन के समय कितनी राशि जमा होगी, ₹50 मासिक अंशदान कैसे और कहां जमा करना है, और क्या आवेदन ऑनलाइन भी हो सकता है।
- फॉर्म भरें: व्यक्तिगत जानकारी, पता, काम का प्रकार, परिवार, नॉमिनी और बैंक खाता।
- कागज़ लगाएं: आधार, उम्र का प्रमाण, 90 दिन का काम प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, फोटो।
- जमा करें और रसीद लें। फीस दी हो तो उसकी आधिकारिक रसीद ज़रूर लें।
- पहचान पत्र और पासबुक संभालें। सदस्य बनने पर Welfare Fund का पहचान पत्र (Identity Card) और पासबुक मिलती है। योजना के हर आवेदन में इनकी प्रमाणित कॉपी लगती है।
मदद चाहिए? अपनी पंजीकृत निर्माण मज़दूर यूनियन या नज़दीकी CSC / अक्षय केंद्र से फॉर्म भरवाने में मदद ले सकते हैं। रसीद के बिना किसी को पैसे न दें।
फीस, वैधता और रिन्यूअल
| बात | जानकारी |
|---|---|
| रजिस्ट्रेशन फीस | राशि हम किसी आधिकारिक स्रोत से जांच नहीं पाए। बोर्ड कार्यालय में बताई गई राशि ही दें और रसीद लें |
| मासिक अंशदान | ₹50 हर महीने (कन्नूर ज़िला प्रशासन की आधिकारिक साइट के अनुसार) |
| अंशदान में चूक | अंशदान रुकने पर सदस्यता चालू नहीं रहती और योजनाओं का लाभ रुक सकता है। बकाया भरकर सदस्यता चालू करने का तरीका ज़िला कार्यालय से पूछें |
| कब तक वैध | बोर्ड कार्यालय से पूछें कि आपकी सदस्यता कितने समय के लिए है और अगला नवीनीकरण कब है |
| पेंशन वालों के लिए | पेंशन के लिए आधार सत्यापन ज़रूरी है (सितंबर 2026 का सरकारी आदेश)। जीवन प्रमाण पत्र या दूसरे कागज़ मांगे जाएं तो समय पर जमा करें |
आवेदन का स्टेटस और लेबर कार्ड डाउनलोड
- रसीद संभालें: आवेदन जमा करते समय मिली रसीद या आवेदन नंबर से ही बोर्ड कार्यालय में स्थिति पूछी जाती है।
- स्थिति पूछें: 2-3 हफ्ते में कोई जानकारी न मिले तो रसीद लेकर उसी ज़िला कार्यालय जाएं जहां आवेदन दिया था।
- पहचान पत्र: सदस्यता मंज़ूर होने पर बोर्ड का पहचान पत्र/सदस्यता नंबर मिलता है। इसकी फोटो कॉपी अलग रखें।
- मोबाइल नंबर चालू रखें: आवेदन में दिया मोबाइल नंबर बंद न करें, बोर्ड से सूचना इसी पर आ सकती है।
लेबर कार्ड से मिलने वाली योजनाएं और राशि
| योजना | कितना मिलता है |
|---|---|
| पेंशन | मासिक पेंशन (राशि नीचे नोट देखें)60 साल पूरे होने पर, कम से कम 5 साल की चालू सदस्यता वाले सदस्य को। फॉर्म 34 |
| पारिवारिक पेंशन / सांत्वनम् | पेंशनर या सदस्य की मृत्यु पर परिवार को मासिक सहायतापति/पत्नी (या नाबालिग बच्चे/मां) को। फॉर्म 45 / 36(C) |
| मृत्यु सहायता | ₹25,000 (पुरानी सूची)सदस्य की मृत्यु पर नॉमिनी को। फॉर्म 36 |
| काम पर दुर्घटना में मृत्यु | ₹3 लाख (पुरानी सूची)कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु पर वारिस को। फॉर्म 36(A), FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट |
| विवाह सहायता | ₹10,000 (पुरानी सूची)सदस्य और उसके दो बच्चों की शादी पर। फॉर्म 44 |
| प्रसूति सहायता | ₹15,000 (पुरानी सूची)1 साल की सदस्यता वाली महिला सदस्य को, दो प्रसव तक। फॉर्म 33 |
| बच्चों की पढ़ाई | बोर्ड के मंज़ूर कोर्स के लिए छात्रवृत्तिदाखिले के 45 दिन के अंदर आवेदन। फॉर्म 43 |
| इलाज / दुर्घटना इलाज | बोर्ड से मंज़ूर अस्पताल में इलाज पर सहायतागंभीर बीमारी, सामान्य बीमारी और दुर्घटना के इलाज के लिए अलग-अलग सीमा। फॉर्म 42 / 46 |
| अंतिम संस्कार सहायता | ₹4,000 सदस्य, ₹3,000 पेंशनर (पुरानी सूची)नॉमिनी/आश्रित को। फॉर्म 40 |
योजनाओं के नाम, शर्तें और फॉर्म नंबर कन्नूर ज़िला प्रशासन की आधिकारिक साइट (kannur.nic.in) पर दी गई बोर्ड की सूची से लिए गए हैं। उस पेज पर आखिरी अपडेट 2020 का लिखा है, इसलिए "पुरानी सूची" वाली राशि अब बदली हुई हो सकती है। पेंशन की मौजूदा मासिक राशि हम किसी आधिकारिक स्रोत से पक्की नहीं कर पाए, इसलिए यहां नहीं लिखी। आवेदन से पहले ज़िला कार्यालय से ताज़ा राशि और फॉर्म लें। ज़्यादातर योजनाओं में घटना के 90 दिन के अंदर आवेदन करना होता है; देर हो तो कारण लिखकर देना पड़ता है।
आवेदन अटक जाए या रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें
| दिक्कत | हल |
|---|---|
| 90 दिन का प्रमाण पत्र नहीं है | जिस ठेकेदार के पास काम किया उससे लिखवाएं। न मिले तो अपनी पंजीकृत यूनियन या ज़िला श्रम कार्यालय से पूछें कि कौन प्रमाणित कर सकता है। |
| अंशदान कुछ समय नहीं भर पाए | जल्दी बोर्ड कार्यालय जाकर पूछें कि बकाया भरकर सदस्यता कैसे दोबारा चालू होगी। |
| योजना का आवेदन रिजेक्ट हुआ | District Executive Officer लिखित आदेश देते हैं। उसके खिलाफ 60 दिन के अंदर बोर्ड के सचिव (Secretary, Nirman Bhavan, तिरुवनंतपुरम) को अपील कर सकते हैं। |
| पेंशन खाते में नहीं आई | आधार सत्यापन पूरा है या नहीं, ज़िला कार्यालय से पूछें; अभी पेंशन सिर्फ आधार-सत्यापित पेंशनरों को मिल रही है। बैंक खाता चालू और आधार से जुड़ा है या नहीं, बैंक से भी जांचें। |
दलालों से बचें: लेबर कार्ड बनवाने के लिए बोर्ड की तय फीस के अलावा किसी को पैसे न दें। फॉर्म भरवाना हो तो नज़दीकी CSC पर रसीद के साथ भरवाएं।
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 12 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
केरल में लेबर कार्ड कैसे बनवाएं?
अपने ज़िले में केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के कार्यालय से सदस्यता फॉर्म लें, भरकर आधार, उम्र का प्रमाण, 90 दिन का काम प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और फोटो के साथ जमा करें और रसीद लें।
केरल लेबर कार्ड के लिए कौन पात्र है?
18 से 60 साल का वह मज़दूर जिसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन भवन, सड़क, पुल जैसे किसी निर्माण कार्य में काम किया हो।
क्या केरल लेबर कार्ड e-District से बनता है?
हम इसकी पुष्टि नहीं कर पाए। लेबर कार्ड निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की सदस्यता है, इसलिए आवेदन का सही तरीका बोर्ड के ज़िला कार्यालय से ही पूछें।
केरल लेबर कार्ड में हर महीने कितना अंशदान देना होता है?
बोर्ड के सदस्य को हर महीने ₹50 अंशदान देना होता है। अंशदान रुकने पर सदस्यता चालू नहीं रहती और योजनाओं का लाभ रुक सकता है।
बोर्ड की पेंशन कब और किसे मिलती है?
60 साल पूरे होने पर, जिसकी कम से कम 5 साल की सदस्यता चालू रही हो। सितंबर 2026 के सरकारी आदेश के अनुसार पेंशन सिर्फ आधार-सत्यापित पेंशनरों को दी जा रही है। मौजूदा राशि और बकाया के बारे में ज़िला कार्यालय से पूछें।
सदस्यता चालू रखना क्यों ज़रूरी है?
बोर्ड की पेंशन, पढ़ाई, शादी, प्रसूति और मृत्यु सहायता सिर्फ चालू सदस्यता वाले मज़दूर या उनके परिवार को मिलती है। इसलिए अंशदान और नवीनीकरण समय पर करें।
लेबर कार्ड और e-Shram कार्ड में क्या फर्क है?
लेबर कार्ड केरल का निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड सिर्फ निर्माण मज़दूरों के लिए बनाता है और इससे बोर्ड की योजनाएं मिलती हैं। e-Shram केंद्र सरकार का कार्ड है जो सभी असंगठित मज़दूरों के लिए है। दोनों बनवा सकते हैं।
दूसरे राज्यों में लेबर कार्ड
- आंध्र प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- झारखंड
- कर्नाटक
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- मणिपुर
- मेघालय
- मिज़ोरम
- नागालैंड
- ओडिशा
- पंजाब
- राजस्थान
- सिक्किम
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
- त्रिपुरा
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- पश्चिम बंगाल
- अंडमान-निकोबार
- चंडीगढ़
- दादरा नगर हवेली, दमन-दीव
- दिल्ली
- जम्मू-कश्मीर
- लद्दाख
- लक्षद्वीप
- पुडुचेरी
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