मणिपुर लेबर कार्ड 2026: रजिस्ट्रेशन, कागज़ और योजनाएं
सीधा जवाब
मणिपुर में निर्माण मज़दूरों का लेबर कार्ड मणिपुर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड बनाता है, जो श्रम आयुक्त कार्यालय (इंफाल पश्चिम) के तहत काम करता है। 18 से 60 साल का मज़दूर, जिसने साल में 90 दिन निर्माण कार्य किया है, ज़िले के श्रम कार्यालय में आवेदन कर सकता है। हमें मज़दूरों के लिए कोई चालू ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल नहीं मिला।
- कहां आवेदन
- ज़िले का श्रम कार्यालय
- उम्र
- 18 से 60 साल
- शर्त
- 12 महीनों में 90 दिन निर्माण कार्य
- प्राकृतिक मृत्यु सहायता
- ₹30,000
🏪 लेबर कार्ड फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: मणिपुर के CSC सेंटर · अपने पास का CSC
नए नियम आने वाले हैं: मणिपुर सरकार ने जून 2026 में मसौदा (draft) मणिपुर सामाजिक सुरक्षा नियम, 2026 जारी किए हैं। इनमें निर्माण मज़दूरों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण और डिजिटल पहचान पत्र की बात है। ये अभी मसौदा हैं, लागू नहीं हुए। तब तक पुरानी व्यवस्था (श्रम कार्यालय में आवेदन) ही चलेगी।
लेबर कार्ड (BOCW) या e-Shram कार्ड: कौन सा चाहिए?
लोग दोनों को "लेबर कार्ड" कहते हैं, पर ये अलग हैं। मणिपुर का लेबर कार्ड मणिपुर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (MBOCWWB) बनाता है।
| बात | लेबर कार्ड (BOCW) | e-Shram कार्ड |
|---|---|---|
| किसका कार्ड | राज्य का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड | केंद्र सरकार (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय) |
| किसके लिए | सिर्फ निर्माण (construction) मज़दूर | सभी असंगठित मज़दूर: खेतिहर, घरेलू कामगार, रेहड़ी वाले, ड्राइवर आदि |
| उम्र | 18 से 60 साल | 16 से 59 साल |
| शर्त | पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य | EPFO/ESIC सदस्य और इनकम टैक्स देने वाले नहीं |
| फायदा | बोर्ड की योजनाएं: पढ़ाई, शादी, प्रसूति, पेंशन, मृत्यु सहायता | 12 अंकों का UAN, ₹2 लाख दुर्घटना बीमा, केंद्र की योजनाओं से जुड़ाव |
| फीस | राज्य के अनुसार (नीचे देखें) | मुफ्त |
दोनों कार्ड अलग हैं और दोनों बनवा सकते हैं। निर्माण मज़दूर हैं तो लेबर कार्ड से बोर्ड की योजनाएं मिलती हैं, और e-Shram कार्ड से केंद्र का दुर्घटना बीमा।
मणिपुर में लेबर कार्ड कौन बनवा सकता है
- उम्र 18 साल से 60 साल के बीच हो (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 की धारा 12)।
- पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो: राजमिस्त्री, हेल्पर, बढ़ई, पेंटर, प्लंबर, सड़क और भवन निर्माण के मज़दूर।
- किसी दूसरे कल्याण बोर्ड का सदस्य न हो। फैक्टरी या खान में काम करने वाले मज़दूर इसमें नहीं आते।
- योजनाओं का फायदा तभी मिलता है जब सदस्यता चालू (active) हो।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड या वोटर ID
- उम्र का प्रमाण
- 90 दिन के निर्माण कार्य का प्रमाण पत्र (ठेकेदार/नियोजक या श्रम निरीक्षक से)
- बैंक पासबुक की कॉपी, क्योंकि सहायता राशि DBT से खाते में आती है
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- नॉमिनी (परिवार के सदस्य) का विवरण
फोटो या PDF का साइज़ ज़्यादा है? यहां फ्री में छोटा करें। कागज़ों की पूरी लिस्ट बनानी है तो Document Checklist देखें।
मणिपुर लेबर कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें
मणिपुर में मज़दूर का रजिस्ट्रेशन श्रम कार्यालय से होता है। श्रम आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर अभी दुकान/प्रतिष्ठान और ठेकेदार लाइसेंस जैसी ऑनलाइन सेवाएं हैं, मज़दूर के लेबर कार्ड की नहीं।
- श्रम कार्यालय जाएं: अपने ज़िले के श्रम कार्यालय या श्रम आयुक्त कार्यालय (DC Office Complex, इंफाल पश्चिम) में निर्माण मज़दूर रजिस्ट्रेशन का फॉर्म मांगें।
- काम का प्रमाण लें: जिस ठेकेदार के पास 90 दिन काम किया, उससे कार्य प्रमाण पत्र लें।
- फॉर्म भरें: नाम, पता, उम्र, काम का प्रकार, बैंक खाता और नॉमिनी का विवरण भरें, कागज़ों की कॉपी लगाएं।
- फीस पूछें और रसीद लें: रजिस्ट्रेशन फीस और मासिक अंशदान (अगर हो) कार्यालय में पूछें। हर भुगतान की रसीद संभालें।
- कार्ड लें: जांच के बाद बोर्ड का पहचान पत्र (लेबर कार्ड) मिलता है। हर योजना के आवेदन में यही लगेगा।
राहत शिविर में रह रहे हैं? 2023 की हिंसा के बाद शिविरों में रह रहे लेबर कार्डधारकों के लिए बोर्ड ने अलग सहायता दी थी। अपने कार्ड और बैंक विवरण के साथ ज़िले के श्रम कार्यालय से पूछें कि आपके लिए कौन सी सहायता चालू है।
फीस, वैधता और रिन्यूअल
| बात | जानकारी |
|---|---|
| रजिस्ट्रेशन फीस | हमें कोई ताज़ा आधिकारिक फीस सूची नहीं मिली, इसलिए राशि नहीं लिखी। श्रम कार्यालय में पूछें और रसीद लें |
| सदस्यता चालू रखना | योजनाओं का पैसा तभी मिलता है जब सदस्यता चालू हो। नवीनीकरण कब करवाना है, कार्ड बनवाते समय पूछ लें |
| आगे के बदलाव | मसौदा नियम 2026 लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण ऑनलाइन हो सकता है। तब फीस और तरीका बदल सकता है |
आवेदन का स्टेटस और लेबर कार्ड डाउनलोड
- आवेदन की स्थिति: मज़दूर रजिस्ट्रेशन का ऑनलाइन स्टेटस देखने की सुविधा हमें नहीं मिली। जहां आवेदन दिया, उसी श्रम कार्यालय में रसीद दिखाकर पूछें।
- कार्ड: मंज़ूरी के बाद पहचान पत्र श्रम कार्यालय से मिलता है। खो जाए तो उसी कार्यालय में दूसरी प्रति के लिए आवेदन करें।
- योजना का पैसा: सहायता DBT से सीधे बैंक खाते में आती है। खाता चालू और आधार से जुड़ा रखें।
लेबर कार्ड से मिलने वाली योजनाएं और राशि
| योजना | कितना मिलता है |
|---|---|
| प्राकृतिक मृत्यु सहायता | ₹30,000 एकमुश्तपंजीकृत मज़दूर की प्राकृतिक मृत्यु पर नॉमिनी/आश्रित/कानूनी वारिस को |
| घर बनाने के लिए ऋण | कौशल के अनुसार ₹1 लाख से ₹2 लाख; 5% साधारण ब्याज, 5 साल में वापसीपंजीकृत मज़दूर; शर्तें बोर्ड तय करता है |
| राहत शिविर के बच्चों की पढ़ाई | ₹5,000 एक बार (प्रति परिवार)2023 की हिंसा के बाद राहत शिविर में रह रहे लेबर कार्डधारकों के बच्चे; जुलाई 2023 में घोषित |
| पेंशन, दुर्घटना सहायता, इलाज, कौशल प्रशिक्षण | बोर्ड की योजनाएं हैं; राशि हम पुष्टि नहीं कर पाएश्रम कार्यालय से ताज़ा राशि पूछें |
राशि भारत सरकार के myScheme पोर्टल पर मणिपुर बोर्ड की योजनाओं के विवरण से ली गई है। बोर्ड की अपनी वेबसाइट हम सत्यापित नहीं कर पाए। आवेदन से पहले ज़िले के श्रम कार्यालय से ताज़ा राशि और शर्तें पूछें।
आवेदन अटक जाए या रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें
| दिक्कत | हल |
|---|---|
| कोई ऑनलाइन पोर्टल नहीं मिल रहा | अभी श्रम कार्यालय ही रास्ता है। "ऑनलाइन लेबर कार्ड" के नाम पर पैसे मांगने वाली निजी वेबसाइटों से बचें। |
| काम का प्रमाण नहीं है | ठेकेदार या श्रम निरीक्षक से 90 दिन के काम का प्रमाण पत्र लें। न मिले तो श्रम कार्यालय से पूछें कि आपके इलाके में कौन प्रमाणित करता है। |
| योजना का पैसा नहीं आया | सदस्यता चालू है या नहीं और बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं, जांचें। फिर रसीद के साथ श्रम कार्यालय से संपर्क करें। |
| विस्थापन में कागज़ खो गए | श्रम कार्यालय में अपना नाम, पुराना पता और आधार नंबर बताकर रिकॉर्ड खोजने और कार्ड की दूसरी प्रति के लिए आवेदन करें। |
दलालों से बचें: लेबर कार्ड बनवाने के लिए बोर्ड की तय फीस के अलावा किसी को पैसे न दें। फॉर्म भरवाना हो तो नज़दीकी CSC पर रसीद के साथ भरवाएं।
एक क्लिक में रिपोर्ट: हमारी पेड सेवाएं
SarkariSewa India एक निजी वेबसाइट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ी नहीं। ऊपर की राशि हमारी सेवा का शुल्क है, कोई सरकारी फीस नहीं; यही जानकारी official पोर्टल पर फ्री भी मिलती है। रिफंड और सेवा शर्तें
Official links
ये सरकारी वेबसाइट/नंबर हैं। आवेदन और भुगतान सिर्फ इन्हीं पर करें। आखिरी जांच: 12 अक्टूबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मणिपुर में लेबर कार्ड कैसे बनवाएं?
अपने ज़िले के श्रम कार्यालय में निर्माण मज़दूर रजिस्ट्रेशन का फॉर्म भरें। साथ में पहचान पत्र, उम्र का प्रमाण, 90 दिन के काम का प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और फोटो लगाएं। जांच के बाद बोर्ड का पहचान पत्र मिलता है।
क्या मणिपुर लेबर कार्ड ऑनलाइन बनता है?
हमें मज़दूरों के लिए कोई चालू ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। जून 2026 के मसौदा नियमों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डिजिटल कार्ड की बात है, पर ये अभी लागू नहीं हुए।
मज़दूर की मृत्यु पर परिवार को क्या मिलता है?
myScheme के अनुसार पंजीकृत मज़दूर की प्राकृतिक मृत्यु पर नॉमिनी या आश्रित को ₹30,000 की एकमुश्त सहायता मिलती है। दुर्घटना से मृत्यु की सहायता के लिए श्रम कार्यालय से पूछें।
लेबर कार्ड और e-Shram कार्ड में क्या फर्क है?
लेबर कार्ड मणिपुर का निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड सिर्फ निर्माण मज़दूरों के लिए बनाता है। e-Shram केंद्र सरकार का मुफ्त कार्ड है जो सभी असंगठित मज़दूरों के लिए है। दोनों बनवा सकते हैं।
दूसरे राज्यों में लेबर कार्ड
- आंध्र प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- झारखंड
- कर्नाटक
- केरल
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- मेघालय
- मिज़ोरम
- नागालैंड
- ओडिशा
- पंजाब
- राजस्थान
- सिक्किम
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
- त्रिपुरा
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- पश्चिम बंगाल
- अंडमान-निकोबार
- चंडीगढ़
- दादरा नगर हवेली, दमन-दीव
- दिल्ली
- जम्मू-कश्मीर
- लद्दाख
- लक्षद्वीप
- पुडुचेरी
ये भी देखें 👀
लोग इन्हें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं