उत्तर प्रदेश लेबर कार्ड 2026: श्रमिक पंजीयन, कागज़ और योजनाएं

✓ जानकारी जांची गई: 5 अक्टूबर 2026 पढ़ने में 6 मिनट

सीधा जवाब

उत्तर प्रदेश में निर्माण मज़दूरों का लेबर कार्ड (श्रमिक पंजीयन) उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) बनाता है। 18 से 60 साल का मज़दूर, जिसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया है, बोर्ड के पोर्टल uplmis.in पर आधार और मोबाइल नंबर से पंजीयन करवा सकता है, या नज़दीकी श्रम कार्यालय, तहसील या ब्लॉक कार्यालय में फॉर्म जमा कर सकता है।

पंजीयन पोर्टल
uplmis.in
बोर्ड की वेबसाइट
upbocw.in
उम्र
18 से 60 साल
योजनाओं के लिए
ज़्यादातर में 1 साल (365 दिन) की सदस्यता ज़रूरी

🏪 लेबर कार्ड फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: उत्तर प्रदेश के CSC सेंटर · अपने पास का CSC

लेबर कार्ड (BOCW) या e-Shram कार्ड: कौन सा चाहिए?

लोग दोनों को "लेबर कार्ड" कहते हैं, पर ये अलग हैं। उत्तर प्रदेश का लेबर कार्ड उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) बनाता है।

बातलेबर कार्ड (BOCW)e-Shram कार्ड
किसका कार्डराज्य का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्डकेंद्र सरकार (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय)
किसके लिएसिर्फ निर्माण (construction) मज़दूरसभी असंगठित मज़दूर: खेतिहर, घरेलू कामगार, रेहड़ी वाले, ड्राइवर आदि
उम्र18 से 60 साल16 से 59 साल
शर्तपिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्यEPFO/ESIC सदस्य और इनकम टैक्स देने वाले नहीं
फायदाबोर्ड की योजनाएं: पढ़ाई, शादी, प्रसूति, पेंशन, मृत्यु सहायता12 अंकों का UAN, ₹2 लाख दुर्घटना बीमा, केंद्र की योजनाओं से जुड़ाव
फीसराज्य के अनुसार (नीचे देखें)मुफ्त

दोनों कार्ड अलग हैं और दोनों बनवा सकते हैं। निर्माण मज़दूर हैं तो लेबर कार्ड से बोर्ड की योजनाएं मिलती हैं, और e-Shram कार्ड से केंद्र का दुर्घटना बीमा।

उत्तर प्रदेश में लेबर कार्ड कौन बनवा सकता है

  • उम्र 18 साल से 60 साल के बीच हो (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 की धारा 12)।
  • पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन भवन या दूसरे निर्माण कार्य में मज़दूरी की हो: राजमिस्त्री, बेलदार, बढ़ई, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, सरिया, टाइल्स, सड़क/पुल निर्माण जैसे काम।
  • 90 दिन के काम का नियोजन प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र बोर्ड के तय प्रारूप में हो।
  • योजनाओं का फायदा सिर्फ अपडेटेड (सदस्यता चालू) पंजीकृत श्रमिक को मिलता है। कन्या विवाह, शिक्षा और आवासीय विद्यालय जैसी योजनाओं के लिए पंजीयन के बाद कम से कम 1 साल (365 दिन) की सदस्यता पूरी होनी चाहिए।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (पंजीयन आधार नंबर से होता है; मोबाइल नंबर चालू रखें)
  • 90 दिन का नियोजन/स्व-घोषणा प्रमाण पत्र: पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य, बोर्ड के प्रारूप में
  • बैंक पासबुक की कॉपी (खाता नंबर, शाखा और IFSC दिखे), क्योंकि योजनाओं का पैसा सीधे खाते में आता है
  • परिवार रजिस्टर / राशन कार्ड या कोई सरकारी रिकॉर्ड जिसमें परिवार के सदस्यों के नाम हों
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • योजना के आवेदन के समय: श्रमिक पंजीयन कार्ड/प्रमाण पत्र और अंशदान जमा करने का प्रमाण

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उत्तर प्रदेश लेबर कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें

पंजीयन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह होता है। आवेदन की जांच श्रम विभाग के अधिकारी करते हैं, उसके बाद पंजीयन मंज़ूर होता है।

  1. पोर्टल खोलें: बोर्ड के पोर्टल uplmis.in पर श्रमिक पंजीयन (labour registration) का विकल्प चुनें।
  2. शुरुआती जानकारी भरें: आधार नंबर डालें, अपना सर्किल (Circle) और ज़िला (District) चुनें, मोबाइल नंबर डालें और पंजीयन अनुरोध सबमिट करें।
  3. पूरा फॉर्म भरें: व्यक्तिगत जानकारी, पता, काम का प्रकार, परिवार के सदस्य और बैंक खाते का विवरण।
  4. कागज़ अपलोड करें: 90 दिन का नियोजन/स्व-घोषणा प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, फोटो और परिवार रजिस्टर/राशन कार्ड।
  5. सबमिट करें और आवेदन/पंजीयन संख्या संभाल कर रखें। अगर कोई फीस या अंशदान मांगा जाए तो उसकी रसीद ज़रूर लें।
  6. जांच के बाद मंज़ूरी: अधिकारी की जांच के बाद पंजीयन मंज़ूर होता है और श्रमिक पंजीयन संख्या मिलती है। यही संख्या योजनाओं के आवेदन में लगती है।

ऑनलाइन नहीं भर सकते? नज़दीकी श्रम कार्यालय, अपनी तहसील के तहसीलदार या विकास खंड (ब्लॉक) के खंड विकास अधिकारी के कार्यालय से फॉर्म लें, भरकर कागज़ों के साथ वहीं जमा करें। जन सेवा केंद्र (CSC) से भी ऑनलाइन फॉर्म भरवाया जा सकता है।

फीस, वैधता और रिन्यूअल

बातजानकारी
पंजीयन फीस / अंशदानबोर्ड तय करता है। राशि हमने किसी आधिकारिक स्रोत से जांच नहीं पाई, इसलिए यहां नहीं लिखी। आवेदन करते समय पोर्टल या श्रम कार्यालय पर जो राशि दिखे वही दें और रसीद लें
अंशदान का प्रमाणयोजनाओं के आवेदन में अंशदान जमा करने का प्रमाण मांगा जाता है, इसलिए हर रसीद संभाल कर रखें
सदस्यता चालू रखनायोजनाओं का लाभ सिर्फ अपडेटेड पंजीकृत श्रमिक को मिलता है। सदस्यता की अवधि खत्म होने से पहले नवीनीकरण करवाएं
1 साल की शर्तकन्या विवाह, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन और आवासीय विद्यालय योजना के लिए पंजीयन के बाद 365 दिन की सदस्यता पूरी होनी चाहिए

आवेदन का स्टेटस और लेबर कार्ड डाउनलोड

  1. पंजीयन की स्थिति: uplmis.in पर आधार/पंजीयन संख्या और मोबाइल नंबर से लॉगिन करके आवेदन की स्थिति देखें। मंज़ूरी के बाद पंजीयन संख्या मिलती है।
  2. पंजीयन प्रमाण पत्र: पंजीयन मंज़ूर होने के बाद ही श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र/कार्ड बनता है। लॉगिन करके इसे देखें और प्रिंट करें; न मिले तो श्रम कार्यालय से पूछें।
  3. योजना का आवेदन: पोर्टल पर योजना आवेदन वाले लॉगिन में सर्किल चुनें, योजना का नाम चुनें, पंजीकृत आधार और मोबाइल नंबर डालें और "Open Application form" से फॉर्म खोलें। श्रमिक, बच्चे और बैंक खाते का विवरण भरकर कागज़ अपलोड करें।
  4. योजना के पैसे की स्थिति: उसी लॉगिन में योजना आवेदन की स्थिति देखें। मंज़ूरी के बाद पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए खाता चालू और आधार से जुड़ा रखें।

लेबर कार्ड से मिलने वाली योजनाएं और राशि

योजनाकितना मिलता है
कन्या विवाह सहायता योजनाबेटी या महिला श्रमिक की अपनी शादी पर ₹55,000, अंतरजातीय विवाह पर ₹61,000, सामूहिक विवाह में ₹65,0001 साल की सदस्यता; दुल्हन 18+, दूल्हा 21+; अधिकतम 2 बेटियां; शादी के 1 साल के अंदर आवेदन
निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायतादुर्घटना में मृत्यु: ₹5,25,000 (₹5 लाख + ₹25,000 अंतिम संस्कार); सामान्य मृत्यु: ₹2,25,000; कार्यस्थल पर मृत्यु: ₹1 लाखआश्रित परिवार को; आत्महत्या पर लाभ नहीं
स्थायी दिव्यांगता100%: ₹4 लाख, 50-99%: ₹3 लाख, 26-49%: ₹2 लाखदुर्घटना या बीमारी से स्थायी दिव्यांगता
मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजनापुरुष श्रमिक की पत्नी के प्रसव पर ₹6,000; महिला श्रमिक को 3 महीने की न्यूनतम मज़दूरी + ₹1,000; बेटे के जन्म पर ₹20,000, बेटी पर ₹25,000पहले दो प्रसव तक; पहली/दूसरी बेटी के लिए ₹25,000 की FD (दिव्यांग बेटी के लिए ₹50,000)
संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजनाकक्षा 1-5: ₹2,000, 6-10: ₹2,500, 11-12: ₹3,000, स्नातक/ITI/पॉलिटेक्निक: ₹12,000, स्नातकोत्तर: ₹24,000; प्रोफेशनल कोर्स: फीस या ₹60,000 तक1 साल की सदस्यता; अधिकतम 2 बच्चे; मेरिट पर अलग प्रोत्साहन राशि और साइकिल
गंभीर बीमारी सहायता योजनाआयुष्मान भारत की दरों के बराबर इलाज का पूरा खर्च; अस्पताल को अग्रिम भीहृदय, किडनी/लिवर ट्रांसप्लांट, कैंसर आदि; आयुष्मान का लाभ ले रहे हों तो नहीं
शौचालय सहायता योजना₹12,000 (₹6,000 + ₹6,000 दो किस्तों में)अपना घर हो पर शौचालय न हो
आवासीय विद्यालय / अटल आवासीय विद्यालयबच्चों के लिए मुफ्त पढ़ाई, रहना, खानापंजीकृत श्रमिकों के बच्चे; अटल आवासीय के लिए 1 साल की सदस्यता

राशि भारत सरकार के myScheme पोर्टल पर UPBOCW की योजनाओं के विवरण से ली गई है, जो बोर्ड की गाइडलाइन (कन्या विवाह 2022, संत रविदास 17-11-2023, मातृत्व-शिशु 21-12-2023, गंभीर बीमारी 29-01-2024) पर आधारित है। बोर्ड राशि बदल सकता है, आवेदन से पहले upbocw.in पर ताज़ा गाइडलाइन देखें। अगर राज्य या केंद्र की किसी मिलती-जुलती योजना का लाभ ले चुके हैं, तो कई योजनाओं में लाभ नहीं मिलता।

आवेदन अटक जाए या रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें

दिक्कतहल
90 दिन का प्रमाण पत्र नहीं हैजिस ठेकेदार/नियोजक के पास काम किया, उससे बोर्ड के प्रारूप में प्रमाण पत्र लें। ठेकेदार न मिले तो तय प्रारूप में स्व-घोषणा पत्र भरें और श्रम कार्यालय से पूछें कि उसे कौन सत्यापित करेगा।
आधार या मोबाइल मेल नहीं खातापंजीयन आधार नंबर से होता है। आधार में नाम, जन्म तिथि और मोबाइल सही करवाकर ही आवेदन करें।
योजना का आवेदन रिजेक्ट हुआदेखें कि 365 दिन की सदस्यता पूरी हुई है या नहीं, सदस्यता अपडेटेड है या नहीं, और बच्चे/बेटी का आधार प्रमाणीकरण हुआ है या नहीं। कमी दूर करके दोबारा आवेदन करें।
कन्या विवाह आवेदन की समय सीमा निकल गईशादी के बाद 1 साल के अंदर आवेदन करना होता है (सामूहिक विवाह में तय तारीख से 15 दिन पहले)। आगे के लिए यह समय ध्यान रखें।
पैसा खाते में नहीं आयाबैंक खाता चालू है और आधार से जुड़ा है या नहीं, यह बैंक में जांचें। फिर पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखें या ज़िले के श्रम कार्यालय से संपर्क करें।

दलालों से बचें: लेबर कार्ड बनवाने के लिए बोर्ड की तय फीस के अलावा किसी को पैसे न दें। फॉर्म भरवाना हो तो नज़दीकी CSC पर रसीद के साथ भरवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उत्तर प्रदेश में लेबर कार्ड कैसे बनवाएं?

uplmis.in पर श्रमिक पंजीयन चुनें, आधार नंबर, सर्किल, ज़िला और मोबाइल नंबर डालकर पंजीयन अनुरोध भेजें, फिर फॉर्म भरकर 90 दिन का प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और फोटो लगाएं। ऑफलाइन फॉर्म श्रम कार्यालय, तहसील या ब्लॉक कार्यालय में जमा होता है।

UP लेबर कार्ड के लिए 90 दिन का प्रमाण पत्र किससे बनवाएं?

जिस ठेकेदार या नियोजक के पास पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया है, उससे बोर्ड के तय प्रारूप में नियोजन प्रमाण पत्र लें। बोर्ड स्व-घोषणा प्रमाण पत्र भी स्वीकार करता है।

UP लेबर कार्ड से बेटी की शादी पर कितना पैसा मिलता है?

कन्या विवाह सहायता योजना में ₹55,000, अंतरजातीय विवाह पर ₹61,000 और सामूहिक विवाह में ₹65,000 मिलते हैं। इसके लिए 1 साल की सदस्यता, दुल्हन की उम्र 18 और दूल्हे की 21 साल होनी चाहिए, और शादी के 1 साल के अंदर आवेदन करना होता है।

पंजीयन के तुरंत बाद योजनाओं का लाभ मिलता है?

नहीं। कन्या विवाह, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन और अटल आवासीय विद्यालय जैसी योजनाओं के लिए पंजीयन के बाद कम से कम 365 दिन की सदस्यता पूरी होनी चाहिए और सदस्यता अपडेटेड होनी चाहिए।

निर्माण मज़दूर की दुर्घटना में मृत्यु पर परिवार को कितनी मदद मिलती है?

निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना में दुर्घटना से मृत्यु पर कुल ₹5,25,000 (₹5 लाख आश्रितों को और ₹25,000 अंतिम संस्कार) और सामान्य मृत्यु पर ₹2,25,000 मिलते हैं।

लेबर कार्ड और e-Shram कार्ड में क्या फर्क है?

लेबर कार्ड UPBOCW सिर्फ निर्माण मज़दूरों के लिए बनाता है और इससे बोर्ड की योजनाएं मिलती हैं। e-Shram केंद्र सरकार का कार्ड है जो हर असंगठित मज़दूर के लिए है। निर्माण मज़दूर दोनों बनवा सकते हैं।

दूसरे राज्यों में लेबर कार्ड

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