महाराष्ट्र लेबर कार्ड (बांधकाम कामगार नोंदणी) 2026: पात्रता, कागज़ और योजनाएं

✓ जानकारी जांची गई: 5 अक्टूबर 2026 पढ़ने में 6 मिनट

सीधा जवाब

महाराष्ट्र में निर्माण मज़दूरों का लेबर कार्ड (बांधकाम कामगार नोंदणी) महाराष्ट्र इमारत व इतर बांधकाम कामगार कल्याणकारी मंडल (MAHABOCW) बनाता है, जिसकी स्थापना 1 मई 2011 को हुई। 18 से 60 साल का मज़दूर, जिसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया है, मंडल में लाभार्थी के रूप में पंजीयन करवा सकता है और पंजीयन के बाद मंडल पहचान पत्र (ओळखपत्र) देता है।

मंडल की वेबसाइट
mahabocw.in
उम्र
18 से 60 साल
शर्त
12 महीनों में 90 दिन निर्माण कार्य
पंजीयन फॉर्म
नमूना 5 (Form V)

🏪 लेबर कार्ड फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: महाराष्ट्र के CSC सेंटर · अपने पास का CSC

लेबर कार्ड (BOCW) या e-Shram कार्ड: कौन सा चाहिए?

लोग दोनों को "लेबर कार्ड" कहते हैं, पर ये अलग हैं। महाराष्ट्र का लेबर कार्ड महाराष्ट्र इमारत व इतर बांधकाम कामगार कल्याणकारी मंडल (MAHABOCW) बनाता है।

बातलेबर कार्ड (BOCW)e-Shram कार्ड
किसका कार्डराज्य का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्डकेंद्र सरकार (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय)
किसके लिएसिर्फ निर्माण (construction) मज़दूरसभी असंगठित मज़दूर: खेतिहर, घरेलू कामगार, रेहड़ी वाले, ड्राइवर आदि
उम्र18 से 60 साल16 से 59 साल
शर्तपिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्यEPFO/ESIC सदस्य और इनकम टैक्स देने वाले नहीं
फायदाबोर्ड की योजनाएं: पढ़ाई, शादी, प्रसूति, पेंशन, मृत्यु सहायता12 अंकों का UAN, ₹2 लाख दुर्घटना बीमा, केंद्र की योजनाओं से जुड़ाव
फीसराज्य के अनुसार (नीचे देखें)मुफ्त

दोनों कार्ड अलग हैं और दोनों बनवा सकते हैं। निर्माण मज़दूर हैं तो लेबर कार्ड से बोर्ड की योजनाएं मिलती हैं, और e-Shram कार्ड से केंद्र का दुर्घटना बीमा।

महाराष्ट्र में लेबर कार्ड कौन बनवा सकता है

  • उम्र 18 साल पूरी हो और 60 साल से ज़्यादा न हो (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 की धारा 12)।
  • पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन किसी भवन या दूसरे निर्माण कार्य में लगे रहे हों: राजमिस्त्री, मज़दूर, बढ़ई, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, सरिया, टाइल्स जैसे काम।
  • जिस ठेकेदार/नियोक्ता के पास अभी काम कर रहे हैं, उसका प्रमाण पत्र हो।
  • पढ़ाई की योजनाएं श्रमिक के अधिकतम दो बच्चों और पुरुष श्रमिक की पत्नी को मिलती हैं। सिर्फ महाराष्ट्र मंडल में पंजीकृत श्रमिक ही योजनाओं के हकदार हैं।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • उम्र का प्रमाण (कोई एक): जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट या सक्षम डॉक्टर का प्रमाण पत्र
  • वर्तमान नियोक्ता (ठेकेदार) का प्रमाण पत्र, जिसमें 90 दिन के निर्माण कार्य का ज़िक्र हो
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो की 3 प्रतियां
  • आधार कार्ड और निवास का प्रमाण
  • बैंक पासबुक (योजनाओं का पैसा खाते में आता है)
  • मंडल द्वारा तय पंजीयन शुल्क

फोटो या PDF का साइज़ ज़्यादा है? यहां फ्री में छोटा करें। कागज़ों की पूरी लिस्ट बनानी है तो Document Checklist देखें।

महाराष्ट्र लेबर कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें

पंजीयन का आवेदन नमूना 5 (Form V) में मंडल के अधिकृत अधिकारी के पास जमा होता है। ऑनलाइन पंजीयन और ताज़ा फॉर्म मंडल की वेबसाइट mahabocw.in पर मिलते हैं।

  1. फॉर्म लें: मंडल की वेबसाइट mahabocw.in से पंजीयन का फॉर्म (नमूना 5) लें या ऑनलाइन पंजीयन खोलें, या नज़दीकी सरकारी कामगार अधिकारी / सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय से फॉर्म लें।
  2. फॉर्म भरें: नाम, पता, जन्म तिथि, काम का प्रकार, नियोक्ता का विवरण, परिवार, नॉमिनी और बैंक खाते की जानकारी।
  3. कागज़ जोड़ें: उम्र का प्रमाण, नियोक्ता का 90 दिन का प्रमाण पत्र, 3 फोटो, आधार, निवास प्रमाण और बैंक पासबुक।
  4. शुल्क भरें और जमा करें: मंडल का तय पंजीयन शुल्क भरें और फॉर्म मंडल के अधिकृत अधिकारी के पास जमा करें (ऑनलाइन आवेदन हो तो पोर्टल पर सबमिट करें)। रसीद/पावती ज़रूर लें।
  5. पहचान पत्र (ओळखपत्र): जांच के बाद लाभार्थी के रूप में पंजीयन होता है और मंडल हर लाभार्थी को पहचान पत्र देता है।
  6. काम दर्ज करवाते रहें: नियम के अनुसार हर नियोक्ता को लाभार्थी के पहचान पत्र में अपने यहां किए गए निर्माण कार्य का विवरण लिखकर प्रमाणित करना होता है। यह रिकॉर्ड आगे नवीनीकरण और योजनाओं में काम आता है।

योजना का आवेदन: myScheme पर दर्ज जानकारी के अनुसार कई योजनाओं का फॉर्म mahabocw.in से डाउनलोड करके, कागज़ों के साथ कामगार आयुक्त कार्यालय या सरकारी कामगार अधिकारी के पास जमा करना होता है। जमा करते समय तारीख और नंबर वाली पावती लें।

फीस, वैधता और रिन्यूअल

बातजानकारी
पंजीयन शुल्कमंडल के प्रस्ताव से तय होता है। ताज़ा राशि हमने किसी आधिकारिक स्रोत से जांच नहीं पाई, इसलिए यहां नहीं लिखी; mahabocw.in या कामगार कार्यालय पर पूछें और रसीद लें
अंशदानपंजीकृत श्रमिक मंडल को नियमित अंशदान देता है। किसी कारण से अंशदान न दे पाए तो 3 महीने तक की चूक माफ हो सकती है
नवीनीकरणयोजनाओं का लाभ चालू (जीवित) पंजीयन पर ही मिलता है, इसलिए अवधि खत्म होने से पहले mahabocw.in या कामगार कार्यालय से नवीनीकरण करवाएं
पहचान पत्र पर काम का रिकॉर्डहर नियोक्ता पहचान पत्र में आपके काम के दिन दर्ज और प्रमाणित करे, यह नियम में लिखा है

आवेदन का स्टेटस और लेबर कार्ड डाउनलोड

  1. ऑनलाइन: अगर आपने mahabocw.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है, तो वहीं आवेदन/पंजीयन संख्या से स्थिति देखें।
  2. ऑफलाइन आवेदन: फॉर्म जिस सरकारी कामगार अधिकारी या सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय में जमा किया, वहां पावती दिखाकर स्थिति पूछें।
  3. पहचान पत्र: पंजीयन होने पर मंडल पहचान पत्र देता है। योजनाओं के आवेदन में इसकी कॉपी लगती है, इसलिए इसे संभालकर रखें।
  4. योजना का पैसा: मंज़ूरी के बाद सहायता बैंक खाते में आती है। खाता चालू और आधार से जुड़ा रखें।

लेबर कार्ड से मिलने वाली योजनाएं और राशि

योजनाकितना मिलता है
पढ़ाई: कक्षा 1 से 10कक्षा 1-7: ₹2,500, कक्षा 8-10: ₹5,000अधिकतम 2 बच्चे या पुरुष श्रमिक की पत्नी
पढ़ाई: 10वीं / 12वीं में 50%+₹10,00010वीं या 12वीं में कम से कम 50% अंक
पढ़ाई: 11वीं-12वीं₹10,000 प्रति वर्षअधिकतम 2 बच्चे और पत्नी
डिग्री / डिप्लोमास्नातक: ₹20,000 प्रति वर्ष; सरकारी मान्यता प्राप्त डिप्लोमा: ₹20,000; स्नातकोत्तर डिप्लोमा: ₹25,000सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान
मेडिकल / इंजीनियरिंगमेडिकल डिग्री: ₹1,00,000; इंजीनियरिंग डिग्री: ₹60,000अधिकतम 2 बच्चे या पत्नी
MS-CIT कोर्सMS-CIT कोर्स की फीस वापसअधिकतम 2 बच्चे
प्रसूति सहायतासामान्य प्रसव: ₹15,000; सिजेरियन: ₹20,000महिला श्रमिक या पुरुष श्रमिक की पत्नी; पहले दो प्रसव
एक बेटी के बाद परिवार नियोजनबेटी के नाम ₹1,00,000 की FD (18 साल तक)एक बेटी के बाद श्रमिक या पत्नी ने नसबंदी करवाई हो
पहली शादी का खर्च₹30,000पंजीकृत श्रमिक की अपनी पहली शादी
गंभीर बीमारी का इलाज₹1,00,000श्रमिक या परिवार के सदस्य का गंभीर बीमारी में इलाज
75% या स्थायी विकलांगता₹2,00,000पंजीकृत श्रमिक को
प्राकृतिक मृत्युकानूनी वारिस को ₹2,00,000; अंत्यसंस्कार के लिए नामित वारिस को ₹10,000मृत्यु के समय पंजीकृत श्रमिक
विधवा / विधुर सहायता₹24,000 प्रति वर्ष, 5 साल तकमृत पंजीकृत श्रमिक के पति/पत्नी को

राशि भारत सरकार के myScheme पोर्टल पर महाराष्ट्र इमारत व इतर बांधकाम कामगार कल्याणकारी मंडल की योजनाओं के विवरण से ली गई है, जो mahabocw.in और कामगार आयुक्त की वेबसाइट पर आधारित है। मंडल राशि और शर्तें समय-समय पर बदलता है, इसलिए आवेदन से पहले mahabocw.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर देखें।

आवेदन अटक जाए या रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें

दिक्कतहल
नियोक्ता का प्रमाण पत्र नहीं हैजिस ठेकेदार/बिल्डर के पास अभी काम कर रहे हैं उससे 90 दिन के काम का प्रमाण पत्र लें। न मिले तो नज़दीकी सरकारी कामगार अधिकारी कार्यालय से पूछें कि आपके इलाके में कौन प्रमाणित कर सकता है।
उम्र का प्रमाण नहीं हैजन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, आधार, वोटर ID, राशन कार्ड, पासपोर्ट में से कोई भी चलता है; कुछ न हो तो सक्षम डॉक्टर का उम्र प्रमाण पत्र।
योजना का आवेदन रिजेक्ट हुआदेखें कि पंजीयन चालू है, अंशदान जमा है और योजना की शर्त (जैसे 2 बच्चों की सीमा, 50% अंक) पूरी होती है या नहीं। कमी दूर करके दोबारा जमा करें।
अंशदान कुछ महीने नहीं भर पाए3 महीने तक की चूक माफ हो सकती है। उससे ज़्यादा हो तो जल्दी कामगार कार्यालय से संपर्क करके नवीनीकरण करवाएं।
आवेदन की कोई जानकारी नहीं मिल रहीजिस कार्यालय में फॉर्म दिया, वहां पावती लेकर जाएं। शिकायत महाराष्ट्र सरकार के शिकायत पोर्टल grievances.maharashtra.gov.in पर भी दर्ज कर सकते हैं।

दलालों से बचें: लेबर कार्ड बनवाने के लिए बोर्ड की तय फीस के अलावा किसी को पैसे न दें। फॉर्म भरवाना हो तो नज़दीकी CSC पर रसीद के साथ भरवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

महाराष्ट्र में बांधकाम कामगार नोंदणी के लिए कौन पात्र है?

18 से 60 साल का वह मज़दूर जिसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन किसी भवन या दूसरे निर्माण कार्य में काम किया है। आवेदन के साथ उम्र का प्रमाण, वर्तमान नियोक्ता का प्रमाण पत्र और 3 फोटो लगते हैं।

महाराष्ट्र लेबर कार्ड कहां बनता है?

महाराष्ट्र इमारत व इतर बांधकाम कामगार कल्याणकारी मंडल (mahabocw.in) में। आवेदन नमूना 5 में मंडल के अधिकृत अधिकारी के पास जमा होता है, और पंजीयन के बाद मंडल पहचान पत्र (ओळखपत्र) देता है।

महाराष्ट्र लेबर कार्ड से बच्चों की पढ़ाई के लिए कितना मिलता है?

कक्षा 1-7 के लिए ₹2,500, कक्षा 8-10 के लिए ₹5,000, 11वीं-12वीं के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष, स्नातक के लिए ₹20,000 प्रति वर्ष, इंजीनियरिंग डिग्री के लिए ₹60,000 और मेडिकल डिग्री के लिए ₹1,00,000। यह अधिकतम दो बच्चों (या पत्नी) को मिलता है।

प्रसूति पर कितनी सहायता मिलती है?

महिला श्रमिक या पुरुष श्रमिक की पत्नी को सामान्य प्रसव पर ₹15,000 और सिजेरियन पर ₹20,000, पहले दो प्रसव तक।

अंशदान कुछ महीने न भरने पर क्या होता है?

कामगार आयुक्त की वेबसाइट के अनुसार किसी कारण से अंशदान न दे पाने पर 3 महीने तक की चूक माफ की जाती है। ज़्यादा समय हो जाए तो योजनाओं का लाभ रुक सकता है, इसलिए नवीनीकरण करवाएं।

लेबर कार्ड और e-Shram कार्ड में क्या फर्क है?

लेबर कार्ड महाराष्ट्र का बांधकाम कामगार कल्याणकारी मंडल सिर्फ निर्माण मज़दूरों के लिए बनाता है और इससे मंडल की योजनाएं मिलती हैं। e-Shram केंद्र सरकार का कार्ड है जो सभी असंगठित मज़दूरों के लिए है। दोनों बनवा सकते हैं।

दूसरे राज्यों में लेबर कार्ड

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